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जिले के सभी छठ घाटों पर उमड़ा आस्था का सैलाब
Kushinagar
Updated Sun, 10 Nov 2013 05:40 AM IST
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पडरौना। ‘कांच ही बांस के बहिंगिया, बहिंगी लचकत जाय..।’ सरीखे छठ गीतों से शुक्रवार को जिले भर के सभी घाट गूंजते रहे। नए-नए परिधानों में व्रती महिलाएं गीत गाते हुए छठ घाट पहुंचीं, जहां वेदी बनाकर छठ माता की पूजा करने के बाद अस्तांचलगामी भगवान भाष्कर को अर्घ्य देकर संतानों और परिवार के सभी सदस्यों के लिए मंगलकामना कीं। देर शाम तक बहुत से घरों में कोशी भराई की रस्म चलती रही। सुबह भी व्रती महिलाएं छठ घाट पहुंचीं और भगवान भाष्कर के उदयांचल पर पहुंचते ही उन्हें अर्घ्य देकर अपना व्रत पूरा किया। इस दरमियान सभी छठ घाटों पर मेला लगा रहा।
पडरौना नगर के छावनी मुहल्ले में स्थित भन्नुनाथ पोखरा, नौका टोला के सुराजी पोखरा, दरबार स्थित रामधाम पोखरा और बावली स्थित पोखरे पर शहर भर की व्रती महिलाएं फल-फूलों और पूजन सामग्रियों से भरे डाला लेकर पहुंचीं। वहां पहले से बनी वेदियों पर कलश रखकर छठ माता की आराधना कीं। फिर जैसे ही भगवान भाष्कर अस्तगामी हुए, पानी में उतरकर उन्हें अर्घ्य दिया और परिवार की खुशहाली व सलामती की कामना कीं। बच्चे भी अपने अभिभावकों के साथ छठघाट पहुंचे थे।
मंगलाचरण करते हुए महिलाएं पहुंचीं
हाटा। व्रती महिलाओं ने अस्तगामी सूर्य को अर्घ्य देकर पोखरों के किनारे पूजन-अर्चन किया। इससे छठ घाट का वातावरण भक्तिमय हो गए। चंगेली में पूजन सामग्रियों के साथ महिलाएं दोपहर बाद से ही मंगलाचाण करती हुई विश्वनाथ मंदिर पोखरे एवं बाघनाथ स्थित छठ घाट पर पहुंचीं, जहां पूरे विधि-विधान से घाटों के किनारे बैठकर सूर्य भगवान के अस्त होने तक ध्यान लगा कर पूजा करती रहीं। शाम को भगवान सूर्य के अस्तांचल होने के बाद ये महिलाएं अर्घ्य देकर वापस घर को लौटीं। नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष नंदकिशोर नाथानी और नगर पंचायत के ईओ शैलेंद्र कुमार गुप्ता अपने पूरे लाव-लश्कर के साथ कई दिनों से छठ घाटों की सजावट कराने में लगे हुए थे। बाघनाथ छठ घाट पर भी शानदार व्यवस्था के बीच महिलाओं ने पूजन-अर्चन किया। पुलिस ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था चुस्त रखने के लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग के साथ जवानों को तैनात कर रखा था।
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फोटो सहित
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निधि और प्रतिभा के गणेश नृत्य ने मन मोहा
छठ पर्व पर संस्कार भारती का सांस्कृतिक कार्यक्रम
अमर उजाला ब्यूरो
कसया। छठ पर्व के अवसर पर संस्कार भारती के कलाकारों ने लोक परंपरा में रचेे बसे एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति की। एक ओर घाट पर व्रती महिलाएं अस्तांचल हो रहे सूर्य का अर्ध्य देकर परिवार के सुख, शांति और मंगल की कामना कर रही थीं तो दूसरी ओर कलाकारों की प्रस्तुतियों को देख दर्शक भावविभोर हो रहे थे।
शुक्रवार की शाम को श्रीनाथजी मंदिर समिति के घाट पर कलाकारों ने कई कार्यक्रम पेश किए पर गणेश वंदना जयदेव..जयदेव की प्रस्तुति पर निधि और प्रतिभा के नृत्य ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। कृति, जिया, मुस्कान, सलोनी, आंनदी, अनुष्का की प्रस्तुति तेरो बिगड़ गयो नंदलाल.. को भी दर्शकों ने सराहा। निधि और अमृता की प्रस्तुति मोर पिया...और प्रतिभा, अमृता प्रस्तुति डोला रे डोला.....निधि, तजबुन की प्रस्तुति नटखट नटखट यमुना.. भी सराही गई। इनके अतिरिक्त अर्पिता, सुंनदा, जयदीप, दीप्ति की प्रस्तुति भी सराही गई। आगुंतकों का स्वागत करते संस्कार भारती के अध्यक्ष डॉ. सी पी गुप्त ने कार्यक्रम के औचित्य पर प्रकाश डाला। कहा कि भारतीय संस्कृति, कला और पर्व समाज को जोड़ने का काम करते है। संस्कार भारती कला और संस्कृति का अक्षुण्य रखने के लिए ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करती है। नगर पंचायत अध्यक्ष मुकेश्वर मद्धेशिया, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष कृष्ण कुमार, पूर्व व्यापार मंडल अध्यक्ष विश्वनाथ ने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर रवि गुप्ता, विनोद मद्धेशिया, राजू मद्धेशिया, सुरेश गुप्त, राजू जायसवाल, कून्नू जायसवाल आदि सक्रिय रहे।
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घाटों पर उमड़ी भारी भीड़
कसया। श्रीनाथजी मंदिर समिति घाट, रामजानकी मठ घाट, हिरण्यवती नदी पर स्थित करुणा सागर घाट, बुद्धाघाट पर व्रती महिलाओं की काफी भीड़ रही। इसके अलावा हेतिमपुर, सपहा, महुअवा कारखाना, साखोपार, तुर्कपट्टी आदि स्थानों पर स्थित घाटों पर भी व्रती महिलाओं ने एकत्र होकर सूर्यदेव को अर्ध्य दिया। कसया के श्रीनाथजी घाट पर एस ओ कसया ओ पी राय खुद सुरक्षा की कमान संभाले थे। करुणा सागर घाट पर एस आई प्रियंबद मिश्र ने सुरक्षा कमान संभाली। घाटों पर महिला पुलिस की भी तैनाती की गई थी। इसी तरह जिले भर के सभी छठघाटों पर व्रती महिलाओं और श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही।
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पडरौना नगर के छावनी मुहल्ले में स्थित भन्नुनाथ पोखरा, नौका टोला के सुराजी पोखरा, दरबार स्थित रामधाम पोखरा और बावली स्थित पोखरे पर शहर भर की व्रती महिलाएं फल-फूलों और पूजन सामग्रियों से भरे डाला लेकर पहुंचीं। वहां पहले से बनी वेदियों पर कलश रखकर छठ माता की आराधना कीं। फिर जैसे ही भगवान भाष्कर अस्तगामी हुए, पानी में उतरकर उन्हें अर्घ्य दिया और परिवार की खुशहाली व सलामती की कामना कीं। बच्चे भी अपने अभिभावकों के साथ छठघाट पहुंचे थे।
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मंगलाचरण करते हुए महिलाएं पहुंचीं
हाटा। व्रती महिलाओं ने अस्तगामी सूर्य को अर्घ्य देकर पोखरों के किनारे पूजन-अर्चन किया। इससे छठ घाट का वातावरण भक्तिमय हो गए। चंगेली में पूजन सामग्रियों के साथ महिलाएं दोपहर बाद से ही मंगलाचाण करती हुई विश्वनाथ मंदिर पोखरे एवं बाघनाथ स्थित छठ घाट पर पहुंचीं, जहां पूरे विधि-विधान से घाटों के किनारे बैठकर सूर्य भगवान के अस्त होने तक ध्यान लगा कर पूजा करती रहीं। शाम को भगवान सूर्य के अस्तांचल होने के बाद ये महिलाएं अर्घ्य देकर वापस घर को लौटीं। नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष नंदकिशोर नाथानी और नगर पंचायत के ईओ शैलेंद्र कुमार गुप्ता अपने पूरे लाव-लश्कर के साथ कई दिनों से छठ घाटों की सजावट कराने में लगे हुए थे। बाघनाथ छठ घाट पर भी शानदार व्यवस्था के बीच महिलाओं ने पूजन-अर्चन किया। पुलिस ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था चुस्त रखने के लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग के साथ जवानों को तैनात कर रखा था।
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निधि और प्रतिभा के गणेश नृत्य ने मन मोहा
छठ पर्व पर संस्कार भारती का सांस्कृतिक कार्यक्रम
अमर उजाला ब्यूरो
कसया। छठ पर्व के अवसर पर संस्कार भारती के कलाकारों ने लोक परंपरा में रचेे बसे एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति की। एक ओर घाट पर व्रती महिलाएं अस्तांचल हो रहे सूर्य का अर्ध्य देकर परिवार के सुख, शांति और मंगल की कामना कर रही थीं तो दूसरी ओर कलाकारों की प्रस्तुतियों को देख दर्शक भावविभोर हो रहे थे।
शुक्रवार की शाम को श्रीनाथजी मंदिर समिति के घाट पर कलाकारों ने कई कार्यक्रम पेश किए पर गणेश वंदना जयदेव..जयदेव की प्रस्तुति पर निधि और प्रतिभा के नृत्य ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। कृति, जिया, मुस्कान, सलोनी, आंनदी, अनुष्का की प्रस्तुति तेरो बिगड़ गयो नंदलाल.. को भी दर्शकों ने सराहा। निधि और अमृता की प्रस्तुति मोर पिया...और प्रतिभा, अमृता प्रस्तुति डोला रे डोला.....निधि, तजबुन की प्रस्तुति नटखट नटखट यमुना.. भी सराही गई। इनके अतिरिक्त अर्पिता, सुंनदा, जयदीप, दीप्ति की प्रस्तुति भी सराही गई। आगुंतकों का स्वागत करते संस्कार भारती के अध्यक्ष डॉ. सी पी गुप्त ने कार्यक्रम के औचित्य पर प्रकाश डाला। कहा कि भारतीय संस्कृति, कला और पर्व समाज को जोड़ने का काम करते है। संस्कार भारती कला और संस्कृति का अक्षुण्य रखने के लिए ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करती है। नगर पंचायत अध्यक्ष मुकेश्वर मद्धेशिया, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष कृष्ण कुमार, पूर्व व्यापार मंडल अध्यक्ष विश्वनाथ ने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर रवि गुप्ता, विनोद मद्धेशिया, राजू मद्धेशिया, सुरेश गुप्त, राजू जायसवाल, कून्नू जायसवाल आदि सक्रिय रहे।
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घाटों पर उमड़ी भारी भीड़
कसया। श्रीनाथजी मंदिर समिति घाट, रामजानकी मठ घाट, हिरण्यवती नदी पर स्थित करुणा सागर घाट, बुद्धाघाट पर व्रती महिलाओं की काफी भीड़ रही। इसके अलावा हेतिमपुर, सपहा, महुअवा कारखाना, साखोपार, तुर्कपट्टी आदि स्थानों पर स्थित घाटों पर भी व्रती महिलाओं ने एकत्र होकर सूर्यदेव को अर्ध्य दिया। कसया के श्रीनाथजी घाट पर एस ओ कसया ओ पी राय खुद सुरक्षा की कमान संभाले थे। करुणा सागर घाट पर एस आई प्रियंबद मिश्र ने सुरक्षा कमान संभाली। घाटों पर महिला पुलिस की भी तैनाती की गई थी। इसी तरह जिले भर के सभी छठघाटों पर व्रती महिलाओं और श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही।