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हंगामे की वजह से नहीं हो पाया कोटेदार का चयन
Kushinagar
Updated Tue, 28 Aug 2018 11:59 PM IST
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अमर उजाला
- फोटो : अमर उजाला
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जटहा बाजार। नरचोचवा गांव में मंगलवार को कोटा का चयन करने गए बीडीओ और एडीओ पंचायत को लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। भारी हंगामे के बीच दुबारा चयन नहीं हो पाया। करीब आधा घंटा तक लोगों ने बीडीओ और एडीओ पंचायत के वाहनों को रोके रखा। पुलिस के पहुंचने के बाद मामला शांत हुआ।
विशुनपुरा ब्लॉक के नरचोचवा गांव के कोटेदार महातम की कुछ महीने पूर्व मृत्यु हो गई थी। मृतक कोटेदार की पत्नी ने एसडीएम को प्रार्थना पत्र देकर प्राथमिकता के आधार पर उनके नाम से कोटा चयन की मांग की थी। एसडीएम ने बीडीओ को प्राथमिकता के आधार पर चयन करने का निर्देश दिया था। मंगलवार की दोपहर बाद बीडीओ अंबरीश कुमार सिंह और एडीओ पंचायत देवेंद्र मिश्र गांव में कोटा चयन करने पहुंचे। गांव के एक पक्ष नए सिरे से कोटा चयन की मांग करने लगे। दोनों तरफ से जमकर हंगामा करने लगे। हंगामा बढ़ता देख बीडीओ और एडीओ पंचायत अपने वाहनों से जाने लगे, गांव की कुछ महिलाएं और पुरुष उनके वाहनों के आगे खड़े हो गए । करीब आधा घंटा तक लोगों ने अफसरों को रोके रखा। सूचना पर एसओ नेबुआ के एसओ निर्भय नारायण सिंह पहुंचे और लोगों को शांत कराया। एक पक्ष प्राथमिकता के आधार पर मृतक की पत्नी के नाम से कोटा का चयन करने की मांग कर रहा है तो दूसरा पक्ष खुली बैठक के माध्यम से चयन की मांग कर रहा है। बीडीओ अंबरीश सिंह ने बताया कि लोगों की संख्या अधिक थी। जिसके कारण चयन करने में दिक्कत हुई। लोगों को एक रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने को कहा गया है, उसके बाद निष्कर्ष निकाला जाएगा।
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विशुनपुरा ब्लॉक के नरचोचवा गांव के कोटेदार महातम की कुछ महीने पूर्व मृत्यु हो गई थी। मृतक कोटेदार की पत्नी ने एसडीएम को प्रार्थना पत्र देकर प्राथमिकता के आधार पर उनके नाम से कोटा चयन की मांग की थी। एसडीएम ने बीडीओ को प्राथमिकता के आधार पर चयन करने का निर्देश दिया था। मंगलवार की दोपहर बाद बीडीओ अंबरीश कुमार सिंह और एडीओ पंचायत देवेंद्र मिश्र गांव में कोटा चयन करने पहुंचे। गांव के एक पक्ष नए सिरे से कोटा चयन की मांग करने लगे। दोनों तरफ से जमकर हंगामा करने लगे। हंगामा बढ़ता देख बीडीओ और एडीओ पंचायत अपने वाहनों से जाने लगे, गांव की कुछ महिलाएं और पुरुष उनके वाहनों के आगे खड़े हो गए । करीब आधा घंटा तक लोगों ने अफसरों को रोके रखा। सूचना पर एसओ नेबुआ के एसओ निर्भय नारायण सिंह पहुंचे और लोगों को शांत कराया। एक पक्ष प्राथमिकता के आधार पर मृतक की पत्नी के नाम से कोटा का चयन करने की मांग कर रहा है तो दूसरा पक्ष खुली बैठक के माध्यम से चयन की मांग कर रहा है। बीडीओ अंबरीश सिंह ने बताया कि लोगों की संख्या अधिक थी। जिसके कारण चयन करने में दिक्कत हुई। लोगों को एक रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने को कहा गया है, उसके बाद निष्कर्ष निकाला जाएगा।
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