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लेखपाल संघ का धरना प्रदर्शन
Updated Tue, 03 Jul 2018 11:24 PM IST
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लेखपालों ने किया कार्य बहिष्कार, तहसीलों में दिया धरना
आठ सूत्री मांग को लेकर हड़ताल पर हैं जिले भर के लेखपाल
फोटो है।
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर जिले के सभी लेखपालों ने मंगलवार को संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार किया। लेखपालों ने सभी तहसील मुख्यालयों पर धरना दिया। इस आंदोलन को संयुक्त राज्य कर्मचारी परिषद, कलेक्ट्रेट मिनिस्ट्रीयल संघ समेत कई संगठन ने समर्थन दिया है। संगठन ने अपनी आठ सूत्री मांग पूरा होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है। पडरौना तहसील में धरना दे रहे लेखपालों को संबोधित करते हुए संगठन के जिलाध्यक्ष संजीवन कुमार मिश्र ने कहा कि प्रशासन से लेकर शासन तक कई बार संगठन लेखपाल संवर्ग की वेतन विसंगति, लेखपाल सेवा नियमावली, पेंशन विंसगति आदि को लेकर चर्चा कर चुका है। लेकिन उनकी मांगों पर अब तक कोई विचार नही किया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि संघ की मांगों पर विचार नही किया गया तो आगामी नौ जुलाई से जिला मुख्यालय पर आंदोलन किया जाएगा।
इस दौरान जिलामंत्री निलेश रंजन राव, संयुक्त राज्य कर्मचारी परिषद के जिलाध्यक्ष प्रभुनंदन उपाध्याय, विनोद दूबे, मोहन वर्मा, बृजेश श्रीवास्तव, योगेंद्र गुप्ता, विहारी प्रसाद, शिवांगी मिश्रा, मारकंडेय गुप्ता, बंशबहादुर यादव, शिवमुरारी श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
तमकुहीराज प्रतिनिधि के अनुसार तहसील परिसर में लेखपाल संघ से जुड़े कर्मचारियों ने सुबह 10 बजे से धरना दिया। इसमें लेखपालों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगो पर ध्यान नही देगी तो 9 जुलाई को जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान तहसील अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा, मुकेश, अर्जून कुशवाहा, दिलीप, अनिल सिंह, संदीप, संतोष, बबिता गौतम, नीतू, रजनीश उपायध्याय, रामप्रवेश, सुरेश शर्मा, अश्विनी राय, नर्वदेश्वर आदि मौजूद रहे। इसके अलावां कसया, कप्तानगंज, हाटा और खड्डा तहसील परिसर में लेखपाल संघ से जुड़े कर्मचारियों ने संघ के मांगों के समर्थन में धरना दिया। इसके अलावा हाटा, कप्तानगंज, खड्डा व कसया तहसीलों में भी वहां के तहसील अध्यक्षों की अगुवाई में आंदोलन किया गया। लेखपालों ने संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार करते हुए धरना दिया।
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आठ सूत्री मांग को लेकर हड़ताल पर हैं जिले भर के लेखपाल
फोटो है।
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर जिले के सभी लेखपालों ने मंगलवार को संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार किया। लेखपालों ने सभी तहसील मुख्यालयों पर धरना दिया। इस आंदोलन को संयुक्त राज्य कर्मचारी परिषद, कलेक्ट्रेट मिनिस्ट्रीयल संघ समेत कई संगठन ने समर्थन दिया है। संगठन ने अपनी आठ सूत्री मांग पूरा होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है। पडरौना तहसील में धरना दे रहे लेखपालों को संबोधित करते हुए संगठन के जिलाध्यक्ष संजीवन कुमार मिश्र ने कहा कि प्रशासन से लेकर शासन तक कई बार संगठन लेखपाल संवर्ग की वेतन विसंगति, लेखपाल सेवा नियमावली, पेंशन विंसगति आदि को लेकर चर्चा कर चुका है। लेकिन उनकी मांगों पर अब तक कोई विचार नही किया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि संघ की मांगों पर विचार नही किया गया तो आगामी नौ जुलाई से जिला मुख्यालय पर आंदोलन किया जाएगा।
इस दौरान जिलामंत्री निलेश रंजन राव, संयुक्त राज्य कर्मचारी परिषद के जिलाध्यक्ष प्रभुनंदन उपाध्याय, विनोद दूबे, मोहन वर्मा, बृजेश श्रीवास्तव, योगेंद्र गुप्ता, विहारी प्रसाद, शिवांगी मिश्रा, मारकंडेय गुप्ता, बंशबहादुर यादव, शिवमुरारी श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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तमकुहीराज प्रतिनिधि के अनुसार तहसील परिसर में लेखपाल संघ से जुड़े कर्मचारियों ने सुबह 10 बजे से धरना दिया। इसमें लेखपालों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगो पर ध्यान नही देगी तो 9 जुलाई को जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान तहसील अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा, मुकेश, अर्जून कुशवाहा, दिलीप, अनिल सिंह, संदीप, संतोष, बबिता गौतम, नीतू, रजनीश उपायध्याय, रामप्रवेश, सुरेश शर्मा, अश्विनी राय, नर्वदेश्वर आदि मौजूद रहे। इसके अलावां कसया, कप्तानगंज, हाटा और खड्डा तहसील परिसर में लेखपाल संघ से जुड़े कर्मचारियों ने संघ के मांगों के समर्थन में धरना दिया। इसके अलावा हाटा, कप्तानगंज, खड्डा व कसया तहसीलों में भी वहां के तहसील अध्यक्षों की अगुवाई में आंदोलन किया गया। लेखपालों ने संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार करते हुए धरना दिया।
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