{"_id":"597897284f1c1b17468b4818","slug":"81501075240-kushinagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षामित्र: सीएम को संबोधित ज्ञापन एडीएम को ज्ञापन सौंपा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षामित्र: सीएम को संबोधित ज्ञापन एडीएम को ज्ञापन सौंपा
Updated Wed, 26 Jul 2017 06:50 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुशीनगर। सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित किए गए शिक्षा मित्र सुप्रीम कोर्ट की तरफ से समायोजन रद्द किए जाने पर बुधवार को कलेक्ट्रेट पर एकत्र हुए। नाराज शिक्षा मित्र कलेक्ट्रेट में डीएम कार्यालय के आगे ही धरना पर बैठ गए। इनका कहना था कि सत्रह साल विभाग में बतौर शिक्षा मित्र सेवा करने का यह हश्र हुआ कि उनका समायोजन रद्द हो गया। इस फैसले से उनके सारे सपने बिखर गए हैं। इन शिक्षा मित्रों ने मुख्यमंत्री को संबोधित अपना ज्ञापन एडीएम को सौंपा। धरना में शामिल शिक्षा मित्रों ने सर्वोच्च न्यायालय से अपने फैसले पर पुनर्विचार कर आदेश में संशोधन किए जाने की मांग की।
शिक्षा मित्रों के एक अन्य संगठन उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक-शिक्षा मित्र संघ ने गोरखनाथ मंदिर गेट पर बृहस्पतिवार को धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। आदर्श समायोजित शिक्षक-शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों की अगुवाई में इस संगठन से जुड़े सभी समायोजित शिक्षा मित्र बुधवार को सुबह दस बजे कलेक्ट्रेट में एकत्र हुए। उसके बाद डीएम कार्यालय के बाहर ही धरना पर बैठ गए।
धरना में शामिल समायोजित शिक्षा मित्रों का कहना था कि प्रदेश में शिक्षा मित्र वर्ष 2000 से कार्य कर रहे हैं। शिक्षा मित्रों के संघर्ष को देखते हुए वर्ष 2014 में तत्कालीन राज्य सरकार ने दो वर्षीय बीटीसी प्रशिक्षण कराकर सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित किया था, लेकिन सितंबर 2015 में उच्च न्यायालय इलाहाबाद का जो फैसला आया, उससे समायोजित शिक्षा मित्र काफी आहत हुए। इस फैसले के बाद प्रदेश के 60 शिक्षा मित्रों ने जान दे दी थी।
विज्ञापन
शिक्षा मित्रों ने कहा कि संगठन ने हाईकोर्ट के फैसले के बाद सर्वोच्च न्यायालय में अपील की थी, लेकिन दु:ख की बात यह है कि सर्वोच्च न्यायालय ने भी समायोजित शिक्षा मित्रों की नियुक्ति को अस्वीकार कर दिया। इस फैसले से प्रदेश के लाखों समायोजित शिक्षक आहत हैं।
इस दौरान संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राम कुमार तिवारी, महामंत्री देवकांत यादव, अनंत कुमार सिंह, सुनील कुमार यादव, मंजीत पाठक, राजकुमार पांडेय, प्रमोद पांडेय, एजाज अहमद, संजय यादव, सेराजुल हक, अजीत राय, कमलेश कुशवाहा, रुदेंद्र दुबे, तेज प्रताप सिंह, ओमप्रकाश उपाध्याय, सीमा मद्घेशिया, प्रमोद सिंह, रवींद्र सिंह, संजय सिंह, माया राव, प्रतिभा राय, विनय कुुशवाहा, विपिन यादव समेत काफी संख्या में समायोजित शिक्षा मित्र मौजूद थे।
विज्ञापन
शिक्षा मित्रों के एक अन्य संगठन उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक-शिक्षा मित्र संघ ने गोरखनाथ मंदिर गेट पर बृहस्पतिवार को धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। आदर्श समायोजित शिक्षक-शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों की अगुवाई में इस संगठन से जुड़े सभी समायोजित शिक्षा मित्र बुधवार को सुबह दस बजे कलेक्ट्रेट में एकत्र हुए। उसके बाद डीएम कार्यालय के बाहर ही धरना पर बैठ गए।
विज्ञापन
धरना में शामिल समायोजित शिक्षा मित्रों का कहना था कि प्रदेश में शिक्षा मित्र वर्ष 2000 से कार्य कर रहे हैं। शिक्षा मित्रों के संघर्ष को देखते हुए वर्ष 2014 में तत्कालीन राज्य सरकार ने दो वर्षीय बीटीसी प्रशिक्षण कराकर सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित किया था, लेकिन सितंबर 2015 में उच्च न्यायालय इलाहाबाद का जो फैसला आया, उससे समायोजित शिक्षा मित्र काफी आहत हुए। इस फैसले के बाद प्रदेश के 60 शिक्षा मित्रों ने जान दे दी थी।
विज्ञापन
शिक्षा मित्रों ने कहा कि संगठन ने हाईकोर्ट के फैसले के बाद सर्वोच्च न्यायालय में अपील की थी, लेकिन दु:ख की बात यह है कि सर्वोच्च न्यायालय ने भी समायोजित शिक्षा मित्रों की नियुक्ति को अस्वीकार कर दिया। इस फैसले से प्रदेश के लाखों समायोजित शिक्षक आहत हैं।
इस दौरान संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राम कुमार तिवारी, महामंत्री देवकांत यादव, अनंत कुमार सिंह, सुनील कुमार यादव, मंजीत पाठक, राजकुमार पांडेय, प्रमोद पांडेय, एजाज अहमद, संजय यादव, सेराजुल हक, अजीत राय, कमलेश कुशवाहा, रुदेंद्र दुबे, तेज प्रताप सिंह, ओमप्रकाश उपाध्याय, सीमा मद्घेशिया, प्रमोद सिंह, रवींद्र सिंह, संजय सिंह, माया राव, प्रतिभा राय, विनय कुुशवाहा, विपिन यादव समेत काफी संख्या में समायोजित शिक्षा मित्र मौजूद थे।