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आलीशान घरों को भी निशाना बनाने लगी बड़ी गंडक
kushinagar
Updated Sat, 11 Aug 2018 11:54 PM IST
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अमर उजाला
- फोटो : अमर उजाला
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तमकुहीरोड। वाल्मीकिनगर बैराज से बड़ी गंडक में किए जा रहे डिस्चार्ज में कमी के बावजूद शनिवार को अहिरौलीदान में इसका कहर जारी रहा। बड़ी गंडक ने इस गांव के धुरंधर सिंह के बड़े से मकान को भी अपनी चपेट में ले लिया। इसी के साथ कई अन्य मकानों पर भी बड़ी गंडक का खतरा बना हुआ है। गांव के लोगों में अफरा तफरी का माहौल है। प्रशासन ने भी इन लोगों की मदद शुरू कर दी है। बिहार सीमा से सटे अहिरौलीदान गांव के टोलों में बड़ी गंडक पिछले एक पखवारे से कटान कर रही है। इसके चलते कचहरीटोला, नोनियापट्टी, डीहटोला, मदुरही और खैरखुटा में बड़ी गंडक नदी का कटान लगातार जारी है और अब तक नदी ने 30 से अधिक परिवारों को गांव छोड़ने के लिए विवश कर दिया है।
शुक्रवार को जहां ललित सिंह का दो मंजिला मकान देखते ही देखते नदी में विलीन हो गया था तो शनिवार को धुरंधर सिंह के आलीशान भवन का आधा हिस्सा नदी ने अपनी आगोश में ले लिया। वहीं बड़ी गंडक ने अब नागेंद्र सिंह, संतोष सिंह, ज्ञानी सिंह, कृष्णा सिंह और रामचंद्र सिंह के घरों की ओर रुख कर लिया है। ग्राम प्रधान हीरालाल यादव और जिला पंचायत सदस्य अरविंद सिंह पटेल सहित रबड़राम, हरिकृष्ण सिंह, अरविंद सिंह, सुशील सिंह, सुजीत यादव आदि का कहना है कि नदी के तेवर को देखकर अब नहीं लगता है कि यह गांव बच पाएगा।
सीधे खाते में जाएगी मुआवजा
बाढ़ में जिन ग्रामीणों को घर नदी में डूबा है, तहसील प्रशासन भी अब मदद के लिए सामने आ गया है। प्रशासन ने जिन लोगों के घर नदी में विलीन हो गए हैं, उनकी क्षति का मुआवजा सीधे खाते में भेजना शुरू कर दिया है। एसडीएम त्रिभुवन और तहसीलदार रामप्यारे ने बताया कि पक्के मकानों के लिए 95100 रुपए और कच्चे मकानों के लिए 4100 रुपये की मुआवजा धनराशि सीधे प्रभावित लोगों के खाते में भेजी जा रही है।
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शुक्रवार को जहां ललित सिंह का दो मंजिला मकान देखते ही देखते नदी में विलीन हो गया था तो शनिवार को धुरंधर सिंह के आलीशान भवन का आधा हिस्सा नदी ने अपनी आगोश में ले लिया। वहीं बड़ी गंडक ने अब नागेंद्र सिंह, संतोष सिंह, ज्ञानी सिंह, कृष्णा सिंह और रामचंद्र सिंह के घरों की ओर रुख कर लिया है। ग्राम प्रधान हीरालाल यादव और जिला पंचायत सदस्य अरविंद सिंह पटेल सहित रबड़राम, हरिकृष्ण सिंह, अरविंद सिंह, सुशील सिंह, सुजीत यादव आदि का कहना है कि नदी के तेवर को देखकर अब नहीं लगता है कि यह गांव बच पाएगा।
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सीधे खाते में जाएगी मुआवजा
बाढ़ में जिन ग्रामीणों को घर नदी में डूबा है, तहसील प्रशासन भी अब मदद के लिए सामने आ गया है। प्रशासन ने जिन लोगों के घर नदी में विलीन हो गए हैं, उनकी क्षति का मुआवजा सीधे खाते में भेजना शुरू कर दिया है। एसडीएम त्रिभुवन और तहसीलदार रामप्यारे ने बताया कि पक्के मकानों के लिए 95100 रुपए और कच्चे मकानों के लिए 4100 रुपये की मुआवजा धनराशि सीधे प्रभावित लोगों के खाते में भेजी जा रही है।
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