{"_id":"5c72df2bbdec222bf45299ba","slug":"61551032107-kushinagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एथेनाल प्लांट बनने में विलंब से निराशा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एथेनाल प्लांट बनने में विलंब से निराशा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एथेनाल प्लांट चालू होने की अभी उम्मीद नहीं
खड्डा। चीनी मिल खड्डा में अलग से एथेनाल प्लांट लगाकर किसानों और मिल को फायदा पहुंचाने की महत्वपूर्ण योजना अभी मूर्त रूप नहीं ले पाई है। कागजी कोरम की मंजूरी मिलने में हो रही देरी की वजह से इस सीजन में प्लांट चलने की उम्मीद को झटका लगने के आसार दिखाई दे रहे है।
चीनी के दाम में उतार-चढ़ाव से मिलों के सामने गन्ना मूल्य भुगतान की समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए शासन की ओर से एथेनाल बनाकर पेट्रोल में मिलाकर बेचने का आदेश दिया गया है। इसके बाद खड्डा आईपीएल चीनी मिल ने भी मिल के सटे एथेनाल बनाने की फैक्ट्री लगाने की घोषणा करते हुए इसी सत्र में फरवरी तक चलने की संभावना जाताई थी। विधायक जटाशंकर त्रिपाठी ने भी प्लांट के लगाने में अपना पूरा सहयोग देने की घोषणा की थी। मिल से जुड़े सूत्रों की तो अभी तक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और आबकारी विभाग आदि की एन ओसी व अन्य कागजी कोरम पूरा होने में देरी की वजह से निचले स्तर पर काम आगे नहीं बढ पा रहा है।इसको लेकर गन्ना किसानों में निराशा है। मिल के प्रबंधक लोकेश कुमार ने बताया कि सरकार के स्तर पर कागजी कार्रवाई और एनओ सी मिलने में समय लग रहा है। मंजूरी मिलने के बाद निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। अभी और समय लग सकता है।
विज्ञापन
खड्डा। चीनी मिल खड्डा में अलग से एथेनाल प्लांट लगाकर किसानों और मिल को फायदा पहुंचाने की महत्वपूर्ण योजना अभी मूर्त रूप नहीं ले पाई है। कागजी कोरम की मंजूरी मिलने में हो रही देरी की वजह से इस सीजन में प्लांट चलने की उम्मीद को झटका लगने के आसार दिखाई दे रहे है।
चीनी के दाम में उतार-चढ़ाव से मिलों के सामने गन्ना मूल्य भुगतान की समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए शासन की ओर से एथेनाल बनाकर पेट्रोल में मिलाकर बेचने का आदेश दिया गया है। इसके बाद खड्डा आईपीएल चीनी मिल ने भी मिल के सटे एथेनाल बनाने की फैक्ट्री लगाने की घोषणा करते हुए इसी सत्र में फरवरी तक चलने की संभावना जाताई थी। विधायक जटाशंकर त्रिपाठी ने भी प्लांट के लगाने में अपना पूरा सहयोग देने की घोषणा की थी। मिल से जुड़े सूत्रों की तो अभी तक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और आबकारी विभाग आदि की एन ओसी व अन्य कागजी कोरम पूरा होने में देरी की वजह से निचले स्तर पर काम आगे नहीं बढ पा रहा है।इसको लेकर गन्ना किसानों में निराशा है। मिल के प्रबंधक लोकेश कुमार ने बताया कि सरकार के स्तर पर कागजी कार्रवाई और एनओ सी मिलने में समय लग रहा है। मंजूरी मिलने के बाद निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। अभी और समय लग सकता है।
विज्ञापन