{"_id":"59ae8c8d4f1c1b84078b463d","slug":"41504611469-kushinagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्राथमिक विद्यालय बरसैना की घटना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्राथमिक विद्यालय बरसैना की घटना
Updated Tue, 05 Sep 2017 05:07 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ढाढ़ा (कुशीनगर) । देश के प्रथम उपराष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर मंगलवार को हर जगह शिक्षक दिवस का आयोजन किया गया। इस दिन हर तरफ जहां छात्रों के हाथों सम्मानित किए जा रहे थे तो वहीं सुकरौली क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय बरसैना में तीन महिला शिक्षक आपस में ही भिड़ गईं। बात इतनी बढ़ गई कि गांव वालों को विद्यालय में ताला बंद करना पड़ा। मामले थाने तक पहुंचा और पुलिस ने महिला शिक्षकों को थाने में बुला लिया।
प्राथमिक विद्यालय बरसैना में तीन महिला शिक्षक तैनात हैं। इनमें मंगलवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर किसी बात को लेकर अनबन हो गई। उनके झगड़े की बात सुनकर गांव वाले एकत्र हो गए। इस विद्यालय की प्रधानाध्यापक बीना सिंह का आरोप था कि अन्य दोनों शिक्षक विद्यालय में अधिकांश समय मोबाइल पर बातें करती रहती हैं, जिससे विद्यालय का पठन-पाठन प्रभावित होता है।
वहीं दो अन्य शिक्षक नम्रता पांडेय और शिक्षा राय का आरोप था कि प्रधानाध्यापक इसी गांव की रहने वाली हैं। वह धौंस जमाने के अलावा उन्हें प्रताड़ित करती रहती हैं। शिक्षक दिवस के मौके पर भी इन शिक्षकों को आपस में झगड़ते देखकर वहां एकत्र गांव वालों में से किसी ने बीईओ और पुलिस को सूचना दे दी।
विज्ञापन
मौके पर पहुंची पुलिस तीनों महिला शिक्षकों को अहिरौली बाजार थाने में ले गई। गांव वालों का कहना है कि जब तक विद्यालय पर तैनात इन सभी अध्यापिकाओं का स्थानांतरण नहीं कर दिया जाता, तब तक ताला नहीं खोला जाएगा।
इस संबंध में बीईओ सत्यप्रकाश कुशवाहा का कहना था कि मामला संज्ञान में है। तहसील दिवस में होने के कारण एनपीआरसी को मौके पर भेजा गया है। पूरे मामले की जांच कराकर दोषी के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
प्राथमिक विद्यालय बरसैना में तीन महिला शिक्षक तैनात हैं। इनमें मंगलवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर किसी बात को लेकर अनबन हो गई। उनके झगड़े की बात सुनकर गांव वाले एकत्र हो गए। इस विद्यालय की प्रधानाध्यापक बीना सिंह का आरोप था कि अन्य दोनों शिक्षक विद्यालय में अधिकांश समय मोबाइल पर बातें करती रहती हैं, जिससे विद्यालय का पठन-पाठन प्रभावित होता है।
विज्ञापन
वहीं दो अन्य शिक्षक नम्रता पांडेय और शिक्षा राय का आरोप था कि प्रधानाध्यापक इसी गांव की रहने वाली हैं। वह धौंस जमाने के अलावा उन्हें प्रताड़ित करती रहती हैं। शिक्षक दिवस के मौके पर भी इन शिक्षकों को आपस में झगड़ते देखकर वहां एकत्र गांव वालों में से किसी ने बीईओ और पुलिस को सूचना दे दी।
विज्ञापन
मौके पर पहुंची पुलिस तीनों महिला शिक्षकों को अहिरौली बाजार थाने में ले गई। गांव वालों का कहना है कि जब तक विद्यालय पर तैनात इन सभी अध्यापिकाओं का स्थानांतरण नहीं कर दिया जाता, तब तक ताला नहीं खोला जाएगा।
इस संबंध में बीईओ सत्यप्रकाश कुशवाहा का कहना था कि मामला संज्ञान में है। तहसील दिवस में होने के कारण एनपीआरसी को मौके पर भेजा गया है। पूरे मामले की जांच कराकर दोषी के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।