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अन्य लोग भी शौचालय से वंचित, हर रोज होती है उन्हें परेशानी
Updated Sun, 06 Aug 2017 05:07 PM IST
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कुशीनगर। एक तरफ जहां केंद्र और प्रदेश सरकार स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों को खुले में शौच से मुक्त करने के लिए तमाम जतन कर रही है, वहीं दूसरी तरफ फाजिलनगर क्षेत्र के हाटा गांव के कई घरों में शौचालय ही नहीं बन सका है। इस गांव के प्रधान का घर भी शौचालय विहीन है।
गांवों और सड़कों को साफ-सुथरा रखने के लिए सरकार प्रति शौचालय 12 हजार रुपये की दर से धन आवंटित कर रही है। इसके अलावा व्यापक स्तर पर प्रचार - प्रसार किया जा रहा है, फिर भी शौचालय बनाने के प्रति लोगों में जागरूकता नहीं आ पा रही है। फाजिलनगर क्षेत्र के हाटा गांव की प्रधान ने अपने घर को आकर्षक ढंग में बनवाया है, लेकिन उनके घर में शौचालय नहीं बना है। बताया जा रहा है कि वर्ष 2015 में चुनाव के बाद नए प्रधान के कार्यकाल में एक भी शौचालय का निर्माण नहीं हो सका है। ग्राम प्रधान रेनू देवी का कहना था कि उनका गांव ओडीएफ में चयनित नहीं है। इसलिए शौचालय नहीं बन पा रहा है। इस वजह से गांव की महिलाओं, बच्चों और बुजुुुर्गों सहित हर उम्र के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इस संबंध में एडीओ पंचायत फाजिलनगर मारकंडेय दुबे का कहना था कि डीएम के आदेशानुसार जो भी ग्रामीण शौचालय बनाना चाहें, बनवा सकते हैं। लाभार्थी को शौचालय निर्माण के समय की फोटो देनी होगी। उन्हें शासन की ओर से 12 हजार रुपये अनुदान के रूप में दिए जाएंगे। प्रत्येक गांव में सचिव व सफाईकर्मियों को निर्देश दिया गया है कि ग्रामीणों को सफाई के प्रति जागरूक करें व शौचालय निर्माण के लिए प्रेरित करें।
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गांवों और सड़कों को साफ-सुथरा रखने के लिए सरकार प्रति शौचालय 12 हजार रुपये की दर से धन आवंटित कर रही है। इसके अलावा व्यापक स्तर पर प्रचार - प्रसार किया जा रहा है, फिर भी शौचालय बनाने के प्रति लोगों में जागरूकता नहीं आ पा रही है। फाजिलनगर क्षेत्र के हाटा गांव की प्रधान ने अपने घर को आकर्षक ढंग में बनवाया है, लेकिन उनके घर में शौचालय नहीं बना है। बताया जा रहा है कि वर्ष 2015 में चुनाव के बाद नए प्रधान के कार्यकाल में एक भी शौचालय का निर्माण नहीं हो सका है। ग्राम प्रधान रेनू देवी का कहना था कि उनका गांव ओडीएफ में चयनित नहीं है। इसलिए शौचालय नहीं बन पा रहा है। इस वजह से गांव की महिलाओं, बच्चों और बुजुुुर्गों सहित हर उम्र के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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इस संबंध में एडीओ पंचायत फाजिलनगर मारकंडेय दुबे का कहना था कि डीएम के आदेशानुसार जो भी ग्रामीण शौचालय बनाना चाहें, बनवा सकते हैं। लाभार्थी को शौचालय निर्माण के समय की फोटो देनी होगी। उन्हें शासन की ओर से 12 हजार रुपये अनुदान के रूप में दिए जाएंगे। प्रत्येक गांव में सचिव व सफाईकर्मियों को निर्देश दिया गया है कि ग्रामीणों को सफाई के प्रति जागरूक करें व शौचालय निर्माण के लिए प्रेरित करें।
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