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Kushinagar News: जीजा-साले सहित तीन शवों का जैतपुर में हुआ अंतिम संस्कार
Sun, 23 Jul 2023 11:44 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 23 Jul 2023 11:44 PM IST
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गुजरात में मृतक अर्जुन भारती की फाइल फोटो।संवाद
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गुजरात के राजकोट के जैतपुर के भादिर नदी में चार लोग डूबे थे, एक अब भी लापता
संवाद न्यूज एजेंसी
खड्डा। ठेके पर मजदूरी करने गुजरात गए जीजा, साले सहित तीन लोगों की डूबने से मौत व चौथे के लापता होने की सूचना से परिजन शोकाकुल हैं। ठेकेदार के साथ पहुंचे परिजनों की उपस्थिति में जैतपुर में ही रविवार को तीनों शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
हनुमानगंज थाना क्षेत्र के ग्राम धरनीपट्टी निवासी गुड्डु भारती (30) अपने साले कुश्वर (16) निवासी नौतार जंगल के साथ 25 दिन पहले गुजरात राज्य के राजकोट जिले के जैतपुर गए थे। वहां धरनीपट्टी गांव के ही अर्जुन भारती (19) भी ढाई माह पहले गए थे। इनके पास खड्डा थाना क्षेत्र के हथिया गांव निवासी मंजेश (16) भी काम करते थे।
चारों को नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के ढोलहा गांव निवासी जहांगीर ठेके पर साड़ी कंपनी में काम करने के लिए ले गए थे। परिजनों ने बताया कि 19 जुलाई को चारों लोग जैतपुर में भादर नदी के पास किसी कार्य से गए थे, जहां नदी में डूब गए। तीन दिन बाद 21 जुलाई को गुड्डू, कुश्वर और अर्जुन का शव बरामद हो गया, लेकिन मंजेश का पता नहीं चल पाया है।
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ठेकेदार ने नहीं दी सही जानकारी
मृतक गुड्डू भारती के भाई जितेंद्र ने बताया कि घटना होने के बाद ठेकेदार ने सही जानकारी नहीं दी। वह घर पहुंचे व परिजनों को बताए कि तीनों लोगों को गुजरात में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। चलकर दस्तखत करना पड़ेगा, तब छूटेंगे। जब गुड्डू, कुश्वर व अर्जुन के घरवाले गुजरात पहुंचे, तब पता चला कि इतनी बड़ी घटना हो गई है।
5 से 7 हजार रुपये महीने पर काम करते थे
गुड्डू के पिता की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। उनकी पत्नी अंगीरा, तीन वर्ष की पुत्री रितु व डेढ़ वर्ष का पुत्र समीर है। तीन भाइयों में सबसे बड़े गुड्डू काफी समय से गुजरात के जैतपुर में कपड़ा कंपनी में मजदूरी करते थे। इस बार अपने साले कुश्वर को भी साथ ले गए थे। चार भाइयों में सबसे छोटे तथा अविवाहित कुश्वर अपने जीजा गुड्डू के साथ घर की गरीबी दूर करने की गरज से ठेकेदार के लिए काम करते थे। उन्हें पांच से सात हजार रुपये महीना मजदूरी मिलती थी। खाने व रहने का इंतजाम भी ठेकेदार करता था। भूमिहीन परिवार के रहने वाले दोनों रोजी-रोटी के लिए गए थे, लेकिन जान गंवा बैठे।
पत्नी को नहीं पता है कि उसका सुहाग उजड़ गया
गुड्डू के दरवाजे पर लोगों की भीड़ एकत्र रही। लोग धीरे-धीरे बात कर रहे थे, ताकि कोई बात अंगीरा को न सुनाई दे। गुड्डू के भाई जितेंद्र बताते हैं कि कहने की हिम्मत नहीं हो रही है। कैसे कहें कि भैया अब कभी नहीं आएंगे।
माता-पिता के एक मात्र सहारा थे अर्जुन
धरनीपट्टी गांव निवासी अर्जुन प्रसाद चार भाइयों में छोटे थे। सभी भाई अलग रहते हैं। अर्जुन बुजुर्ग पिता सुखराज व मां इंदु के साथ छोटी सी झोपड़ी में गुजर-बसर करते थे। अविवाहित अर्जुन अपने माता-पिता के लिए एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। अचानक मौत हो जाने से उनके माता-पिता पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
खड्डा। ठेके पर मजदूरी करने गुजरात गए जीजा, साले सहित तीन लोगों की डूबने से मौत व चौथे के लापता होने की सूचना से परिजन शोकाकुल हैं। ठेकेदार के साथ पहुंचे परिजनों की उपस्थिति में जैतपुर में ही रविवार को तीनों शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
हनुमानगंज थाना क्षेत्र के ग्राम धरनीपट्टी निवासी गुड्डु भारती (30) अपने साले कुश्वर (16) निवासी नौतार जंगल के साथ 25 दिन पहले गुजरात राज्य के राजकोट जिले के जैतपुर गए थे। वहां धरनीपट्टी गांव के ही अर्जुन भारती (19) भी ढाई माह पहले गए थे। इनके पास खड्डा थाना क्षेत्र के हथिया गांव निवासी मंजेश (16) भी काम करते थे।
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चारों को नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के ढोलहा गांव निवासी जहांगीर ठेके पर साड़ी कंपनी में काम करने के लिए ले गए थे। परिजनों ने बताया कि 19 जुलाई को चारों लोग जैतपुर में भादर नदी के पास किसी कार्य से गए थे, जहां नदी में डूब गए। तीन दिन बाद 21 जुलाई को गुड्डू, कुश्वर और अर्जुन का शव बरामद हो गया, लेकिन मंजेश का पता नहीं चल पाया है।
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ठेकेदार ने नहीं दी सही जानकारी
मृतक गुड्डू भारती के भाई जितेंद्र ने बताया कि घटना होने के बाद ठेकेदार ने सही जानकारी नहीं दी। वह घर पहुंचे व परिजनों को बताए कि तीनों लोगों को गुजरात में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। चलकर दस्तखत करना पड़ेगा, तब छूटेंगे। जब गुड्डू, कुश्वर व अर्जुन के घरवाले गुजरात पहुंचे, तब पता चला कि इतनी बड़ी घटना हो गई है।
5 से 7 हजार रुपये महीने पर काम करते थे
गुड्डू के पिता की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। उनकी पत्नी अंगीरा, तीन वर्ष की पुत्री रितु व डेढ़ वर्ष का पुत्र समीर है। तीन भाइयों में सबसे बड़े गुड्डू काफी समय से गुजरात के जैतपुर में कपड़ा कंपनी में मजदूरी करते थे। इस बार अपने साले कुश्वर को भी साथ ले गए थे। चार भाइयों में सबसे छोटे तथा अविवाहित कुश्वर अपने जीजा गुड्डू के साथ घर की गरीबी दूर करने की गरज से ठेकेदार के लिए काम करते थे। उन्हें पांच से सात हजार रुपये महीना मजदूरी मिलती थी। खाने व रहने का इंतजाम भी ठेकेदार करता था। भूमिहीन परिवार के रहने वाले दोनों रोजी-रोटी के लिए गए थे, लेकिन जान गंवा बैठे।
पत्नी को नहीं पता है कि उसका सुहाग उजड़ गया
गुड्डू के दरवाजे पर लोगों की भीड़ एकत्र रही। लोग धीरे-धीरे बात कर रहे थे, ताकि कोई बात अंगीरा को न सुनाई दे। गुड्डू के भाई जितेंद्र बताते हैं कि कहने की हिम्मत नहीं हो रही है। कैसे कहें कि भैया अब कभी नहीं आएंगे।
माता-पिता के एक मात्र सहारा थे अर्जुन
धरनीपट्टी गांव निवासी अर्जुन प्रसाद चार भाइयों में छोटे थे। सभी भाई अलग रहते हैं। अर्जुन बुजुर्ग पिता सुखराज व मां इंदु के साथ छोटी सी झोपड़ी में गुजर-बसर करते थे। अविवाहित अर्जुन अपने माता-पिता के लिए एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। अचानक मौत हो जाने से उनके माता-पिता पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

गुजरात में मृतक अर्जुन भारती की फाइल फोटो।संवाद