{"_id":"6291160988c4c05ae43ce757","slug":"28-varshon-mein-bhee-nahin-ban-saka-jila-kaaraagaar-kushinagar-news-gkp43837097","type":"story","status":"publish","title_hn":"28 वर्षों में भी नहीं बन सका जिला कारागार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
28 वर्षों में भी नहीं बन सका जिला कारागार
विज्ञापन
28 वर्षों में भी नहीं बन सका जिला कारागार
किसानों से हो चुका है जमीन का अधिग्रहण, सरकारी जमीन का नाम चढ़ने की गई देरी
जिला जेल के लिए पडरौना तहसील क्षेत्र के 327 किसानों से ली गई है जमीन
राकेश कुमार गौंड़
कुशीनगर। जनपद सृजन के 28 वर्षों बाद भी यहां जिला कारागार नहीं बन सका। इसके लिए किसानों से 24.66 हेक्टेयर जमीन लेकर शासन को भेज दी गई है, लेकिन प्रस्तावित स्थल पर सरकारी जमीन भी है, जिसे जिला कारागार के नाम से स्थानांतरित होना है। इसके लिए शासन से अनुमति और अधिग्रहण बाकी है। उसके बाद ही जिला कारागार का निर्माण शुरू हो पाएगा। जनपद में जिला कारागार न होने की वजह से यहां के बंदियों व कैदियों को देवरिया के जिला कारागार में रखा जाता है। ऐसी दशा में उनसे मिलने में न केवल उनके परिजनों को परेशानी होती है, बल्कि पेशी पर जिला एवं सत्र न्यायालय पर लाए जाने वाले बंदियों व कैदियों के भागने का अंदेशा भी बना रहता है।
13 मई 1994 को देवरिया से पृथक होकर अलग जनपद के रूप में अस्तित्व में आने के बाद से कुशीनगर में जिला कारागार की जरूरत महसूस होने लगी, लेकिन 28 साल बाद भी जिला कारागार वजूद में नहीं आया। हालांकि, इसके लिए वर्ष 2010 से प्रयास चल रहा है। राजस्व विभाग के मुताबिक पडरौना तहसील क्षेत्र के लमुहा गांव में किसानों से 18.333 हेक्टेयर, भटवलिया में 2.172 हेक्टेयर, मजरा केवल छपरा में 3.762 हेक्टेयर और केवल छपरा में किसानों से 0.393 हेक्टेयर सहित कुल 327 किसानों से 24.66 हेक्टेयर जमीन सहमति के आधार पर रजिस्ट्री करा ली गई है। इस मद में शासन की ओर से 462964360.00 रुपये स्वीकृत हुए थे। जमीन की रजिस्ट्री करने वाले किसानों को मुआवजा दिया जा चुका है और किसानों के जमीन की रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूर्ण करा दी गई है।
बताया जा रहा है कि जिला कारागार के लिए प्रस्तावित जमीन के आसपास सिंचाई, पीडब्ल्यूडी और सीलिंग की जमीन है। इसे भी जिला कारागार के नाम हस्तांतरित कराना है। इसके लिए जिला प्रशासन की तरफ से करीब दस महीने पहले ही गृह विभाग को पत्र भेजकर अनुमति मांगी गई थी, लेकिन सरकारी जमीन के अधिग्रहण की दिशा में कोई कार्यवाही शुरू नहीं हो पाई। इस कारण जिला कारागार के निर्माण का काम जस का तस पड़ा है। संवाद
विज्ञापन
...
मिलने के लिए तय करनी पड़ती है लंबी दूरी
जनपद को अस्तित्व में आए 28 वर्ष गुजर जाने के बाद भी बंदियों और कैदियों के परिजनों की परेशानी दूर नहीं हो पाई है। उन्हें देवरिया जेल में बंद अपने परिवार के बंदियों व कैदियों से मिलने के लिए 55 किमी दूर जाना पड़ता है। इसमें अधिक समय और किराया लगता है।
...
पेशी पर लाते समय भागने का रहता है अंदेशा
देवरिया जेल से जनपद मुख्यालय रवींद्रनगर स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय में पेशी पर लाते समय बंदियों व कैदियों के भागने का अंदेशा बना रहता है। एक अक्तूबर 2021 को दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के आरोप में जेल भेजा गया न्यू शिवपुर कॉलोनी थाना रामगढ़, जिला गोरखपुर निवासी प्रमोद यादव जिला एवं सत्र न्यायालय में पेशी पर लाया गया था। वह न्यायालय परिसर से ही भाग गया था। उस पर पुलिस प्रशासन की तरफ से 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। प्रमोद के खिलाफ न्यायालय से भागने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की गई थीं। उसे स्वॉट टीम और पडरौना कोतवाली की पुलिस ने तीन दिन बाद रवींद्रनगर के पास गिरफ्तार किया था।
...
भूमि अधिग्रहण के लिए किया गया था प्रयास
जिला कारागार के लिए अपनी जमीन देने वाले भारतीय किसान संघ उत्तर प्रदेश के प्रदेश मंत्री छोटेलाल सिंह कहते हैं कि इस दिशा में उन्होंने काफी प्रयास किया, जो लोग बाहर थे, उनसे भी संपर्क कर बुलाया गया था। देवरिया के जेल अधीक्षक और प्रशासनिक अधिकारी प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण कर चुके हैं। जिला कारागार के लिए किसानों ने अपनी जमीन दे दी है, लेकिन सरकारी जमीन ही जेल के नाम से नहीं चढ़ पा रही है। आईजी तक को इससे अवगत कराया गया है।
...
कोट
जिला कारागार का मामला शासन स्तर पर लंबित है। थोड़ी सरकारी जमीन है, जिसे जिला कारागार के नाम से होना है। जिला कारागार के लिए यहां से प्रक्रिया पूर्ण कर फाइल शासन को भेज दी गई है।
एस. राजलिंगम, डीएम
...
कुशीनगर में जिला कारागार के लिए किसानों के जमीन की रजिस्ट्री हो गई है। कुछ सरकारी जमीन है, जो जिला कारागार के नाम से स्थानांतरित होनी है। इसकी स्वीकृति के लिए शासन में फाइल लंबित है। वहां से स्वीकृति मिले तो कार्यदायी संस्था नामित कराने और बजट की मांग के लिए पत्र लिखा जाएगा।
राजकुमार, जेल अधीक्षक जिला कारागार, देवरिया
...
जिला कारागार के लिए जिला प्रशासन की तरफ से जो भी प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं, उन्हें पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए कारागार मंत्री और जरूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री से मिलकर जिला कारागार के निर्माण की योजना को मूर्तरूप दिलाया जाएगा।
विजय कुमार दुबे, सांसद
विज्ञापन
किसानों से हो चुका है जमीन का अधिग्रहण, सरकारी जमीन का नाम चढ़ने की गई देरी
जिला जेल के लिए पडरौना तहसील क्षेत्र के 327 किसानों से ली गई है जमीन
राकेश कुमार गौंड़
कुशीनगर। जनपद सृजन के 28 वर्षों बाद भी यहां जिला कारागार नहीं बन सका। इसके लिए किसानों से 24.66 हेक्टेयर जमीन लेकर शासन को भेज दी गई है, लेकिन प्रस्तावित स्थल पर सरकारी जमीन भी है, जिसे जिला कारागार के नाम से स्थानांतरित होना है। इसके लिए शासन से अनुमति और अधिग्रहण बाकी है। उसके बाद ही जिला कारागार का निर्माण शुरू हो पाएगा। जनपद में जिला कारागार न होने की वजह से यहां के बंदियों व कैदियों को देवरिया के जिला कारागार में रखा जाता है। ऐसी दशा में उनसे मिलने में न केवल उनके परिजनों को परेशानी होती है, बल्कि पेशी पर जिला एवं सत्र न्यायालय पर लाए जाने वाले बंदियों व कैदियों के भागने का अंदेशा भी बना रहता है।
13 मई 1994 को देवरिया से पृथक होकर अलग जनपद के रूप में अस्तित्व में आने के बाद से कुशीनगर में जिला कारागार की जरूरत महसूस होने लगी, लेकिन 28 साल बाद भी जिला कारागार वजूद में नहीं आया। हालांकि, इसके लिए वर्ष 2010 से प्रयास चल रहा है। राजस्व विभाग के मुताबिक पडरौना तहसील क्षेत्र के लमुहा गांव में किसानों से 18.333 हेक्टेयर, भटवलिया में 2.172 हेक्टेयर, मजरा केवल छपरा में 3.762 हेक्टेयर और केवल छपरा में किसानों से 0.393 हेक्टेयर सहित कुल 327 किसानों से 24.66 हेक्टेयर जमीन सहमति के आधार पर रजिस्ट्री करा ली गई है। इस मद में शासन की ओर से 462964360.00 रुपये स्वीकृत हुए थे। जमीन की रजिस्ट्री करने वाले किसानों को मुआवजा दिया जा चुका है और किसानों के जमीन की रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूर्ण करा दी गई है।
विज्ञापन
बताया जा रहा है कि जिला कारागार के लिए प्रस्तावित जमीन के आसपास सिंचाई, पीडब्ल्यूडी और सीलिंग की जमीन है। इसे भी जिला कारागार के नाम हस्तांतरित कराना है। इसके लिए जिला प्रशासन की तरफ से करीब दस महीने पहले ही गृह विभाग को पत्र भेजकर अनुमति मांगी गई थी, लेकिन सरकारी जमीन के अधिग्रहण की दिशा में कोई कार्यवाही शुरू नहीं हो पाई। इस कारण जिला कारागार के निर्माण का काम जस का तस पड़ा है। संवाद
विज्ञापन
...
मिलने के लिए तय करनी पड़ती है लंबी दूरी
जनपद को अस्तित्व में आए 28 वर्ष गुजर जाने के बाद भी बंदियों और कैदियों के परिजनों की परेशानी दूर नहीं हो पाई है। उन्हें देवरिया जेल में बंद अपने परिवार के बंदियों व कैदियों से मिलने के लिए 55 किमी दूर जाना पड़ता है। इसमें अधिक समय और किराया लगता है।
...
पेशी पर लाते समय भागने का रहता है अंदेशा
देवरिया जेल से जनपद मुख्यालय रवींद्रनगर स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय में पेशी पर लाते समय बंदियों व कैदियों के भागने का अंदेशा बना रहता है। एक अक्तूबर 2021 को दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के आरोप में जेल भेजा गया न्यू शिवपुर कॉलोनी थाना रामगढ़, जिला गोरखपुर निवासी प्रमोद यादव जिला एवं सत्र न्यायालय में पेशी पर लाया गया था। वह न्यायालय परिसर से ही भाग गया था। उस पर पुलिस प्रशासन की तरफ से 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। प्रमोद के खिलाफ न्यायालय से भागने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की गई थीं। उसे स्वॉट टीम और पडरौना कोतवाली की पुलिस ने तीन दिन बाद रवींद्रनगर के पास गिरफ्तार किया था।
...
भूमि अधिग्रहण के लिए किया गया था प्रयास
जिला कारागार के लिए अपनी जमीन देने वाले भारतीय किसान संघ उत्तर प्रदेश के प्रदेश मंत्री छोटेलाल सिंह कहते हैं कि इस दिशा में उन्होंने काफी प्रयास किया, जो लोग बाहर थे, उनसे भी संपर्क कर बुलाया गया था। देवरिया के जेल अधीक्षक और प्रशासनिक अधिकारी प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण कर चुके हैं। जिला कारागार के लिए किसानों ने अपनी जमीन दे दी है, लेकिन सरकारी जमीन ही जेल के नाम से नहीं चढ़ पा रही है। आईजी तक को इससे अवगत कराया गया है।
...
कोट
जिला कारागार का मामला शासन स्तर पर लंबित है। थोड़ी सरकारी जमीन है, जिसे जिला कारागार के नाम से होना है। जिला कारागार के लिए यहां से प्रक्रिया पूर्ण कर फाइल शासन को भेज दी गई है।
एस. राजलिंगम, डीएम
...
कुशीनगर में जिला कारागार के लिए किसानों के जमीन की रजिस्ट्री हो गई है। कुछ सरकारी जमीन है, जो जिला कारागार के नाम से स्थानांतरित होनी है। इसकी स्वीकृति के लिए शासन में फाइल लंबित है। वहां से स्वीकृति मिले तो कार्यदायी संस्था नामित कराने और बजट की मांग के लिए पत्र लिखा जाएगा।
राजकुमार, जेल अधीक्षक जिला कारागार, देवरिया
...
जिला कारागार के लिए जिला प्रशासन की तरफ से जो भी प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं, उन्हें पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए कारागार मंत्री और जरूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री से मिलकर जिला कारागार के निर्माण की योजना को मूर्तरूप दिलाया जाएगा।
विजय कुमार दुबे, सांसद