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नई नियुक्ति होने पर होगा तबादला
Updated Mon, 19 Jun 2017 07:07 PM IST
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पडरौना (कुशीनगर)।
जिले के सरकारी अस्पतालों में तैनात 43 चिकित्सकों के तीन दिन पहले हुए स्थानांतरण पर डीएम ने रोक लगा दी है। ऐसा डॉक्टरों की कमी के चलते किया गया है। नई नियुक्ति होते ही जिले में 10 साल की सेवा पूरी कर चुके तथा एक अस्पताल में तीन साल का वक्त बिता चुके डॉक्टरों का तबादला होगा।
बीते शुक्रवार को सीएमओ ने जिले के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में तैनात चिकित्सकों का स्थानांतरण कर दिया था। रविवार को सरकारी डॉक्टरों के संगठन पीएमएस एसोसिएशन की बैठक पडरौना नगर में एक चिकित्सक के आवास पर हुई थी। इसमें डॉक्टरों ने स्थानांतरण को अवैध बताते हुए मामले की जानकारी प्रमुख सचिव स्वास्थ्य व महानिदेशक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा को देने का निर्णय लिया था। डॉक्टरों ने स्थानांतरण रद्द नहीं होने पर नौकरी से त्यागपत्र तक की धमकी दे दी थी।
सोमवार को डीएम आंद्रा वामसी ने बताया कि जिले के सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की तैनाती में मानक व जरूरत का ख्याल नहीं रखा गया है। इसीलिए ग्रामीण क्षेत्र के कई अस्पतालों में जहां एक भी डॉक्टर नहीं हैं वहीं कई जगह तीन से चार डॉक्टर हैं। सीएचसी पर महिला चिकित्सकों की भी तैनाती नहीं है। पिछले दिनों इस मामले पर चर्चा के लिए स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अफसरों से उनकी वार्ता हुई थी। इसके बाद उन्होंने यहां तैनात चिकित्सकों के स्थानांतरण के लिए प्रस्ताव बनाकर अनुमोदन के लिए भेजा था। अनुमोदन मिलने से पहले ही सीएमओ ने चिकित्सकों को स्थानांतरण कर दिया था। डीएम के अनुसार स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अफसरों से हुई वार्ता के बाद कुछ दिन के लिए इस स्थानांतरण पर रोक लगाई गई है। जैसे ही जिले में नई तैनाती पाए डॉक्टर आएंगे तो नई व पुरानी सूची को एक साथ मिलाकर स्थानांतरण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रयास किया जा रहा है कि जिले के सभी न्यू पीएचसी व पीएचसी पर कम से कम एक-एक डॉक्टर जरूर मौजूद रहें। इसके अलावा सभी सीएचसी पर एक महिला चिकित्सक का भी होना अनिवार्य है।
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जिले के सरकारी अस्पतालों में तैनात 43 चिकित्सकों के तीन दिन पहले हुए स्थानांतरण पर डीएम ने रोक लगा दी है। ऐसा डॉक्टरों की कमी के चलते किया गया है। नई नियुक्ति होते ही जिले में 10 साल की सेवा पूरी कर चुके तथा एक अस्पताल में तीन साल का वक्त बिता चुके डॉक्टरों का तबादला होगा।
बीते शुक्रवार को सीएमओ ने जिले के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में तैनात चिकित्सकों का स्थानांतरण कर दिया था। रविवार को सरकारी डॉक्टरों के संगठन पीएमएस एसोसिएशन की बैठक पडरौना नगर में एक चिकित्सक के आवास पर हुई थी। इसमें डॉक्टरों ने स्थानांतरण को अवैध बताते हुए मामले की जानकारी प्रमुख सचिव स्वास्थ्य व महानिदेशक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा को देने का निर्णय लिया था। डॉक्टरों ने स्थानांतरण रद्द नहीं होने पर नौकरी से त्यागपत्र तक की धमकी दे दी थी।
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सोमवार को डीएम आंद्रा वामसी ने बताया कि जिले के सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की तैनाती में मानक व जरूरत का ख्याल नहीं रखा गया है। इसीलिए ग्रामीण क्षेत्र के कई अस्पतालों में जहां एक भी डॉक्टर नहीं हैं वहीं कई जगह तीन से चार डॉक्टर हैं। सीएचसी पर महिला चिकित्सकों की भी तैनाती नहीं है। पिछले दिनों इस मामले पर चर्चा के लिए स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अफसरों से उनकी वार्ता हुई थी। इसके बाद उन्होंने यहां तैनात चिकित्सकों के स्थानांतरण के लिए प्रस्ताव बनाकर अनुमोदन के लिए भेजा था। अनुमोदन मिलने से पहले ही सीएमओ ने चिकित्सकों को स्थानांतरण कर दिया था। डीएम के अनुसार स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अफसरों से हुई वार्ता के बाद कुछ दिन के लिए इस स्थानांतरण पर रोक लगाई गई है। जैसे ही जिले में नई तैनाती पाए डॉक्टर आएंगे तो नई व पुरानी सूची को एक साथ मिलाकर स्थानांतरण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रयास किया जा रहा है कि जिले के सभी न्यू पीएचसी व पीएचसी पर कम से कम एक-एक डॉक्टर जरूर मौजूद रहें। इसके अलावा सभी सीएचसी पर एक महिला चिकित्सक का भी होना अनिवार्य है।
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