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जिले में 21 हजार से अधिक किसानों को मिलेगा फसल का मुआवजा

Thu, 28 Oct 2021 10:48 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 28 Oct 2021 10:48 PM IST
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21 thousand farmer will find help
जिले में 21 हजार से अधिक किसानों को मिलेगा फसल का मुआवजा
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- जनपद के खड्डा और तमकुहीराज तहसील क्षेत्र में सर्वाधिक फसल की हानि
- डीएम ने 5.11 करोड़ रुपये मुआवजा के लिए भेजा है प्रस्ताव
- जनपद के 204 गांवों के किसानों की फसलों को हुई है क्षति
- अन्य तहसीलों में 33 प्रतिशत से कम हुई है क्षति
राकेश कुमार गौंड़
कुशीनगर। जिला प्रशासन की तरफ से राजस्व टीमों से बाढ़ और अतिवृष्टि से हुई क्षति के संबंध में कराए गए सर्वे में अब तक जो तथ्य सामने आए हैं, वह चौंकाने वाले हैं। इस साल हुई बारिश ने किसानों को काफी बर्बाद किया है। अब तक के सर्वे में 212605 किसानों की फसलों के नुकसान होने की बात सामने आ रही है। इनमें सर्वाधिक प्रभावित खड्डा क्षेत्र के किसान हैं। डीएम ने इन किसानों की क्षति का आकलन कराने के बाद 5.11 करोड़ रुपये के मुआवजे का प्रस्ताव शासन को भेजा है।
पिछले दो साल से हो रही आफत की बारिश ने जनपद के गन्ना किसानों को कहीं का नहीं छोड़ा है। इस साल भी अब तक 16 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में बोयी गई गन्ना की फसल सूख चुकी है, जबकि लगभग पांच हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल का गन्ना अभी सूखने के कगार पर है। अत्यधिक बारिश के चलते पिछले वर्ष के मुकाबले इस साल गन्ना के क्षेत्रफल में चार हजार की कमी आई है। इसके अलावा धान और अन्य फसलों को भी काफी क्षति पहुंची है।
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गन्ना विभाग की मानी जाए तो पिछले पेराई सत्र में 91117 हेक्टेयर में गन्ना का उत्पादन हुआ था, जिसमें 9330 हेक्टेयर गन्ना सूख गया था। वहीं मौजूदा पेराई सत्र में गन्ना का क्षेत्रफल घटकर 87519 हेक्टेयर पर आ गया है। इसमें से अब तक 16 हजार हेक्टेयर में गन्ना की फसल सूख गई है, जबकि लगभग पांच हजार हेक्टेयर गन्ना की फसल में पानी भरा होने के कारण उसके भी सूखने की आशंका बनी हुई है। इसकी वजह अत्यधिक बारिश और खेतों में जलभराव बताया जा रहा है। धान, मक्का, केला आदि फसलों को भी नुकसान पहुंचा है।
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इन क्षतिग्रस्त हुई फसलों का डीएम की तरफ से राजस्व टीमों से सर्वे कराया गया है। इन दिनों सर्वे में जो तथ्य सामने आए हैं, उसमें सर्वाधिक नुकसान खड्डा और तमकुहीराज तहसील क्षेत्र में हुआ है। खड्डा तहसील क्षेत्र के 188 गांवों में 13223 और तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के 16 गांवों में 8382 किसानों की फसलें बारिश और जलभराव के चलते नष्ट हुई हैं। इस तरह दोनों तहसील क्षेत्रों में 21605 किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि खड्डा और तमकुहीराज तहसीलों को छोड़कर अन्य जगह 30 प्रतिशत से कम नुकसान हुआ है, जबकि शासन का निर्देश है कि 33 प्रतिशत से अधिक नुकसान वाले किसानों को ही मुआवजा के लिए शामिल करना है। संवाद

पिछले छह वर्षों में जनपद में हुई बारिश का रिकार्ड
वर्ष- बारिश (मिलीमीटर में)2016- 373.25
2017- 283.25
2018- 228.75
2019- 547.31
2020- 493.43
2021- 2000.00 से अधिक
जनपद में बाढ़ और अत्यधिक बारिश के बाद खेतों में जलभराव से फसलों को काफी क्षति हुई है। इसका सर्वे राजस्व टीमों से कराया गया है। अब तक जो रिपोर्ट प्राप्त हुई है, उसके मुआवजे का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। 5.11 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। खड्डा और तमकुहीराज को छोड़कर अन्य तहसीलों में 30 प्रतिशत से भी कम नुकसान की बात सामने आई है। जबकि 33 प्रतिशत से अधिक नुकसान पर मुआवजा के लिए नाम शामिल करने का निर्देश है।
एस. राजलिंगम, डीएम
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