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देवी मंदिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब
Sat, 06 Apr 2019 11:52 PM IST
राकेश पांडेय
kushinagar
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Published by: राकेश पांडेय
Updated Sat, 06 Apr 2019 11:52 PM IST
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नवरात्र के पहले दिन मंदिरों में लोगों ने की पूजा, प्रमुख मंदिरों के बाहर लगा रहा मेला
- फोटो : अमर उजाला
पडरौना। मां शैलपुत्री की पूजा के साथ ही चैत्र नवरात्र शनिवार को प्रारंभ हो गया। सभी देवी मंदिर मां भगवती के भक्ति गीतों, शंख और घंटा ध्वनि से गूंज उठे। मंदिरों में भजन-कीर्तन और जयकारे लगने लगे। श्रद्घालुओं ने मां दुर्गा के विभिन्न स्वरुपों के समक्ष कपूर, अगरबत्ती, नारियल, चुनरी सहित अन्य पूजन सामग्रियां चढ़ाकर उनकी पूजा की। प्रमुख मंदिर के बाहर मेला सा दृश्य रहा।
पडरौना से पंद्रह किलोमीटर दूर खह्नवार मंदिर में भव्य मेला लगा। नारियल, सिंदूर, कपूर, अगरबत्ती, चुनरी सहित विभिन्न पूजन सामग्रियों से सजी दुकानें मंदिर परिसर की आभा को और भी आकर्षक बना रही हैं। नए-नए परिधानों में पहुंचने वाले श्रद्धालु पूजन सामग्रियां खरीदने के बाद मंदिर में पहुंचकर माता खह्नवार देवी के चौरा पर मत्था टेककर अपने व परिवार की सुख-सलामती और समृद्धि के लिए प्रार्थना किए। मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से पुलिसकर्मी भी तैनात किए गए हैं। यहां पुरुष और महिला श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अलग-अलग कतारें बनाई गई हैं। शनिवार को पूरा मंदिर परिसर मां भगवती के जयकारे से गूंजता रहा।
इसी तरह शनिवार को पडरौना नगर के प्राचीन दुर्गा मंदिर, बुढ़िया माई मंदिर, अंबे मंदिर, छावनी स्थित दुर्गा मंदिर एवं हट्ठी माता मंदिर, लखरांव मंदिर, गायत्री माता मंदिर में भी पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी हुई थी।
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मोतीचक क्षेत्र के चेड़ा माई मंदिर, सिंहासनी माता मंदिर, कप्तानगंज के दुबौली माता मंदिर, रामकोला के धर्मसमधा मंदिर, कसया क्षेत्र के मैनपुर और कुलकुला देवी मंदिर सहित सभी देवी मंदिरों में शनिवार को सुबह से ही विधिवत पूजा-अर्चना शुरू हो गई। नवरात्र के पहले दिन बहुत से श्रद्धालुओं ने उपवास रख कर मां दुर्गा की आराधना की।
कुबेरस्थान के निकट भूपसागर पोखरा के किनारे स्थित प्राचीन जल्पा देवी (बुढ़िया माई) मंदिर में भी दर्शन के लिए भी श्रद्धालु पहुंचे हुए थे। वहां भी मेला सरीखा दृश्य रहा। इसी तरह पडरौना नगर से तीन किलोमीटर दूर स्थित प्राचीन खिरकिया माता मंदिर भक्तिगीतों, भजन-कीर्तन और मेला के चलते भक्तिमय बना रहा। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की टोलियां कहीं कीर्तन-भजन तो कहीं पूजा-अर्चना में लगी थीं। इसके अलावा श्रद्घालुओं ने मां दुर्गा को प्रसन्न करने के कलश स्थापित कराया और दुर्गा सप्तसती का पाठ शुरू किया। नवरात्र शुरू होने के साथ ही फलों की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई।
चैत्र नवरात्र पर कठबसिया महोत्सव का शुभारंभ
गुरवलिया बाजार। शनिवार को तमकुही क्षेत्र के ग्राम पंचायत बरवा राजापाकड़ के बहुरिया में जगदंबा बाल दुर्गा पूजा समिति की ओर से कठबसिया देवी स्थान पर नौ दिवसीय कठबसिया महोत्सव का शुभारंभ हुआ। इसमें कलश स्थापना, देवी पूजन व नवाह परायण मानस पाठ हुआ। शाम को जौनपुर से आए कथावाचक मनीष शरण दास ने श्रद्धालुओं को मां दुर्गा की कथा सुनाई। इस दौरान मुख्य यजमान मंजू गोंड, नंदलाल चौहान, नंदू, लल्लन, विवेक गोंड, सत्यम चौहान, नितेश, कृष्ण, भास्कर चौहान, बृजेश आदि मौजूद रहे।
मंदिरों में पहुंचे भक्तों ने की पूजा
तमकुहीरोड। चैत्र नवरात्र के पहले दिन सेवरही क्षेत्र के दुर्गा मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। लोगों ने मंदिरों में मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की पूजा कर सुख, शांति व समृद्धि की कामना की। इसी तरह पकड़िहार, कतौरा, अहिरौली हनुमान सिंह, दुबैली, दौनहा, संतपट्टी, गौरी इब्राहिम, राजपुर बगहां, बेदूपार, पिरोजहां, ब्रह्मपुर, मिश्रौली, दाहूगंज, भुलिया बाजार, जंगलीपट्टी, जोगनी, मलाही टोला, बभनौली सहित आसपास के सभी गांवों में स्थित देवी मंदिरों में भक्तों ने पूजा अर्चना की।
मां दुर्गा भक्तों का करती हैं कल्याण
तमकुुहीराज। क्षेत्र के कुटिया माई स्थान पर भी शनिवार को भक्तों का तांता लगा रहा। यहां शनिवार को आयोजित कथा एवं प्रवचन में आध्यात्मिक संत दिव्यसागर ने वेदों में वर्णित माता की महिमा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि मां भगवती सनातन युग से प्रकृति में वास कर अपने भक्तों का कल्याण करती आ रही हैं। उन्होंने माता के नौ रूपों का वर्णन करते हुए कहा कि जब समाज प्रकृति से छेड़छाड़ करने लगता है तो उसे माता के कोप का भाजन बनना पड़ता है।
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पडरौना से पंद्रह किलोमीटर दूर खह्नवार मंदिर में भव्य मेला लगा। नारियल, सिंदूर, कपूर, अगरबत्ती, चुनरी सहित विभिन्न पूजन सामग्रियों से सजी दुकानें मंदिर परिसर की आभा को और भी आकर्षक बना रही हैं। नए-नए परिधानों में पहुंचने वाले श्रद्धालु पूजन सामग्रियां खरीदने के बाद मंदिर में पहुंचकर माता खह्नवार देवी के चौरा पर मत्था टेककर अपने व परिवार की सुख-सलामती और समृद्धि के लिए प्रार्थना किए। मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से पुलिसकर्मी भी तैनात किए गए हैं। यहां पुरुष और महिला श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अलग-अलग कतारें बनाई गई हैं। शनिवार को पूरा मंदिर परिसर मां भगवती के जयकारे से गूंजता रहा।
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इसी तरह शनिवार को पडरौना नगर के प्राचीन दुर्गा मंदिर, बुढ़िया माई मंदिर, अंबे मंदिर, छावनी स्थित दुर्गा मंदिर एवं हट्ठी माता मंदिर, लखरांव मंदिर, गायत्री माता मंदिर में भी पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी हुई थी।
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मोतीचक क्षेत्र के चेड़ा माई मंदिर, सिंहासनी माता मंदिर, कप्तानगंज के दुबौली माता मंदिर, रामकोला के धर्मसमधा मंदिर, कसया क्षेत्र के मैनपुर और कुलकुला देवी मंदिर सहित सभी देवी मंदिरों में शनिवार को सुबह से ही विधिवत पूजा-अर्चना शुरू हो गई। नवरात्र के पहले दिन बहुत से श्रद्धालुओं ने उपवास रख कर मां दुर्गा की आराधना की।
कुबेरस्थान के निकट भूपसागर पोखरा के किनारे स्थित प्राचीन जल्पा देवी (बुढ़िया माई) मंदिर में भी दर्शन के लिए भी श्रद्धालु पहुंचे हुए थे। वहां भी मेला सरीखा दृश्य रहा। इसी तरह पडरौना नगर से तीन किलोमीटर दूर स्थित प्राचीन खिरकिया माता मंदिर भक्तिगीतों, भजन-कीर्तन और मेला के चलते भक्तिमय बना रहा। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की टोलियां कहीं कीर्तन-भजन तो कहीं पूजा-अर्चना में लगी थीं। इसके अलावा श्रद्घालुओं ने मां दुर्गा को प्रसन्न करने के कलश स्थापित कराया और दुर्गा सप्तसती का पाठ शुरू किया। नवरात्र शुरू होने के साथ ही फलों की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई।
चैत्र नवरात्र पर कठबसिया महोत्सव का शुभारंभ
गुरवलिया बाजार। शनिवार को तमकुही क्षेत्र के ग्राम पंचायत बरवा राजापाकड़ के बहुरिया में जगदंबा बाल दुर्गा पूजा समिति की ओर से कठबसिया देवी स्थान पर नौ दिवसीय कठबसिया महोत्सव का शुभारंभ हुआ। इसमें कलश स्थापना, देवी पूजन व नवाह परायण मानस पाठ हुआ। शाम को जौनपुर से आए कथावाचक मनीष शरण दास ने श्रद्धालुओं को मां दुर्गा की कथा सुनाई। इस दौरान मुख्य यजमान मंजू गोंड, नंदलाल चौहान, नंदू, लल्लन, विवेक गोंड, सत्यम चौहान, नितेश, कृष्ण, भास्कर चौहान, बृजेश आदि मौजूद रहे।
मंदिरों में पहुंचे भक्तों ने की पूजा
तमकुहीरोड। चैत्र नवरात्र के पहले दिन सेवरही क्षेत्र के दुर्गा मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। लोगों ने मंदिरों में मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की पूजा कर सुख, शांति व समृद्धि की कामना की। इसी तरह पकड़िहार, कतौरा, अहिरौली हनुमान सिंह, दुबैली, दौनहा, संतपट्टी, गौरी इब्राहिम, राजपुर बगहां, बेदूपार, पिरोजहां, ब्रह्मपुर, मिश्रौली, दाहूगंज, भुलिया बाजार, जंगलीपट्टी, जोगनी, मलाही टोला, बभनौली सहित आसपास के सभी गांवों में स्थित देवी मंदिरों में भक्तों ने पूजा अर्चना की।
मां दुर्गा भक्तों का करती हैं कल्याण
तमकुुहीराज। क्षेत्र के कुटिया माई स्थान पर भी शनिवार को भक्तों का तांता लगा रहा। यहां शनिवार को आयोजित कथा एवं प्रवचन में आध्यात्मिक संत दिव्यसागर ने वेदों में वर्णित माता की महिमा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि मां भगवती सनातन युग से प्रकृति में वास कर अपने भक्तों का कल्याण करती आ रही हैं। उन्होंने माता के नौ रूपों का वर्णन करते हुए कहा कि जब समाज प्रकृति से छेड़छाड़ करने लगता है तो उसे माता के कोप का भाजन बनना पड़ता है।