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बादलों की लुकाछिपी ने बढ़ाई ठंड
Mon, 17 Dec 2018 10:19 PM IST
राकेश पांडेय
ब्यूरो/अमर उजाला कुश्ाीनगर
ब्यूरो/अमर उजाला कुश्ाीनगर
Published by: राकेश पांडेय
Updated Mon, 17 Dec 2018 10:19 PM IST
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ठंड बढ़ने से ऊनी कपड़ों की खरिदारी करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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पडरौना। सोमवार को मौसम ने करवट बदल लिया है। बादलों की लुकाछिपी और सर्द हवाओं के चलने लोग जगह-जगह दुबके दिखे। ठंड बढ़ने का असर ऊनी कपड़ों की दुकानों पर भी दिखा, जहां लोग अपने परिवार के लोगों के लिए शॉल, स्वेटर, ब्रेजर, जैकेट सहित अन्य ऊनी कपड़े खरीदते नजर आए। ठंड इस कदर बढ़ गई कि शाम ढलते ही लोग घरों में दुबकने को विवश हो गए।
सुबह करीब सात बजे सूर्योदय के बाद ऐसा लगा कि मौसम साफ होगा, लेकिन कुछ ही देर बाद सूरज और बादलों की लुकाछिपी शुरू हो गई। इसके चलते मौसम बदलने लगा। साथ ही सर्द हवा चलने के कारण लोग ठंड से बचाव का इंतजाम करते नजर आए।
शहर में कहीं नहीं हुआ है अलाव का इंतजाम
दिसंबर माह के 17 दिन बीतने के बाद भी शहर में कहीं अलाव की व्यवस्था नहीं है। सोमवार को अचानक मौसम बदलने के बाद अलाव की भी जरूरत महसूस की जाने लगी। रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर लोगों ने ठंड से बचने के लिए चाय की दुकानों और होटलों की भट्ठियों का सहारा लिया।
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ठंड से हर्टअटैक और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा
शहर के फिजिशियन डॉ. राजीव कुमार मिश्र ने बताया कि शीतलहर की आहट महसूस होने लगी है। इसलिए ठंड से बचाव का विशेष प्रबंध जरूरी है। ठंड लगने से ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा अधिक रहता है, जिससे लकवा, हर्टअटैक, ब्लड प्रेशर, कोल्ड डायरिया, श्वांस संबंधी रोग हो सकते हैं। थोड़ी सी असावधानी बीमारियों को बढ़ा सकती है, जो जानलेवा बन सकती है।
- ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनें।
- ज्यादा देर तक ठंड में न रहें।
- हल्का गुनगुना पानी पीएं।
- कमरे को भी गर्म रखें।
- बाइक चलाते समय कान ढक लें, ताकि ठंड न लगे।
- बच्चों को ठंड में बाहर न निकलने दें।
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सुबह करीब सात बजे सूर्योदय के बाद ऐसा लगा कि मौसम साफ होगा, लेकिन कुछ ही देर बाद सूरज और बादलों की लुकाछिपी शुरू हो गई। इसके चलते मौसम बदलने लगा। साथ ही सर्द हवा चलने के कारण लोग ठंड से बचाव का इंतजाम करते नजर आए।
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शहर में कहीं नहीं हुआ है अलाव का इंतजाम
दिसंबर माह के 17 दिन बीतने के बाद भी शहर में कहीं अलाव की व्यवस्था नहीं है। सोमवार को अचानक मौसम बदलने के बाद अलाव की भी जरूरत महसूस की जाने लगी। रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर लोगों ने ठंड से बचने के लिए चाय की दुकानों और होटलों की भट्ठियों का सहारा लिया।
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ठंड से हर्टअटैक और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा
शहर के फिजिशियन डॉ. राजीव कुमार मिश्र ने बताया कि शीतलहर की आहट महसूस होने लगी है। इसलिए ठंड से बचाव का विशेष प्रबंध जरूरी है। ठंड लगने से ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा अधिक रहता है, जिससे लकवा, हर्टअटैक, ब्लड प्रेशर, कोल्ड डायरिया, श्वांस संबंधी रोग हो सकते हैं। थोड़ी सी असावधानी बीमारियों को बढ़ा सकती है, जो जानलेवा बन सकती है।
- ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनें।
- ज्यादा देर तक ठंड में न रहें।
- हल्का गुनगुना पानी पीएं।
- कमरे को भी गर्म रखें।
- बाइक चलाते समय कान ढक लें, ताकि ठंड न लगे।
- बच्चों को ठंड में बाहर न निकलने दें।