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पुर्नहां बुजुर्ग में उल्टी-दस्त से दो महिलाओं की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 30 Sep 2018 11:36 PM IST
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डायरिया पीड़ित मरीज।
- फोटो : अमर उजाला
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जटहां बाजार। क्षेत्र के पुर्नहां बुजुर्ग गांव में शनिवार/रविवार को उल्टी-दस्त और तेज बुखार से पीड़ित वृद्धा समेत दो महिलाओं की मौत हो गई। जबकि वृद्धा के पौत्र-पौत्री समेत तीन बच्चे पीड़ित हैं। पौत्र का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। आठ घंटे के अंतराल में दो महिलाओं की मौत से गांव के लोग सहम गए। सूचना के बाद गांव में पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छिड़काव कराने के साथ लोगों में दवाएं वितरित कीं।
विशुनपुरा ब्लॉक के पुर्नहां बुजुर्ग गांव की 65 वर्षीया दरुदन नेशा पत्नी शरीफ को दो दिन पूर्व उल्टी-दस्त शुरू हुई। शनिवार को परिजनों ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के बाद शाम को डॉक्टरों ने उन्हें घर भेज दिया, रात उनकी मौत हो गई। मृतका के पौत्र पांच वर्षीय औरंगजेब पुत्र शकील को उल्टी-दस्त की शिकायत पर शनिवार से ही जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसी परिवार के शकील की चार वर्षीय पुत्री खुशबू और 10 वर्षीया शब्बू भी उल्टी-दस्त से पीड़ित हैं। इसी गांव की 45 वर्षीया शोभा देवी पत्नी बाशिंद्र कुछ दिनों से तेज बुखार से पीड़ित थी।
मेडिकल कॉलेज में इलाज हुआ था। एक हफ्ते से वह घर ही थीं। रविवार की भोर में उनकी भी मौत हो गई। गांव के लोगों का कहना है कि इस परिवार पर विपत्तियों का पहाड़ टूट पड़ा। मृतका के पति बाशिंद्र 10 वर्ष पूर्व गोरखपुर दवा कराने गए और उसके बाद घर नहीं लौटे। परिजन हर संभव जगह ढूंढे, लेकिन कहीं पता नहीं चल सका। मृतका शोभा मजदूरी कर चार बच्चों की परवरिश करती थी। एक लड़की की शादी कर दी थी। 17 वर्षीया नीलू, 15 वर्षीय विकास और 13 वर्षीय बृजेश अब अनाथ हो गए हैं। आसपास के लोगों ने बताया कि एक बेटी नीलू शादी योग्य हो गई है। बच्चों का सहारा अब बूढ़े दादा और दो चाचा ही है।
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गांव वालों की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची और पीड़ित परिवार समेत गांव के लोगों की जांच की। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लोगों को ओआरएस के पैकेट और क्लोरीन की गोलियां दीं। सीएचसी प्रभारी विशुनपुरा डॉ. उमेश सिंह ने बताया की गांव में टीम भेजकर आवश्यक कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि लोग बासी भोजन न करें, साफ पानी पीएं और आसपास सफाई रखें। यदि कोई भी परेशानी हो तो सीधे सीएचसी पर संपर्क करें।
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विशुनपुरा ब्लॉक के पुर्नहां बुजुर्ग गांव की 65 वर्षीया दरुदन नेशा पत्नी शरीफ को दो दिन पूर्व उल्टी-दस्त शुरू हुई। शनिवार को परिजनों ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के बाद शाम को डॉक्टरों ने उन्हें घर भेज दिया, रात उनकी मौत हो गई। मृतका के पौत्र पांच वर्षीय औरंगजेब पुत्र शकील को उल्टी-दस्त की शिकायत पर शनिवार से ही जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसी परिवार के शकील की चार वर्षीय पुत्री खुशबू और 10 वर्षीया शब्बू भी उल्टी-दस्त से पीड़ित हैं। इसी गांव की 45 वर्षीया शोभा देवी पत्नी बाशिंद्र कुछ दिनों से तेज बुखार से पीड़ित थी।
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मेडिकल कॉलेज में इलाज हुआ था। एक हफ्ते से वह घर ही थीं। रविवार की भोर में उनकी भी मौत हो गई। गांव के लोगों का कहना है कि इस परिवार पर विपत्तियों का पहाड़ टूट पड़ा। मृतका के पति बाशिंद्र 10 वर्ष पूर्व गोरखपुर दवा कराने गए और उसके बाद घर नहीं लौटे। परिजन हर संभव जगह ढूंढे, लेकिन कहीं पता नहीं चल सका। मृतका शोभा मजदूरी कर चार बच्चों की परवरिश करती थी। एक लड़की की शादी कर दी थी। 17 वर्षीया नीलू, 15 वर्षीय विकास और 13 वर्षीय बृजेश अब अनाथ हो गए हैं। आसपास के लोगों ने बताया कि एक बेटी नीलू शादी योग्य हो गई है। बच्चों का सहारा अब बूढ़े दादा और दो चाचा ही है।
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गांव वालों की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची और पीड़ित परिवार समेत गांव के लोगों की जांच की। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लोगों को ओआरएस के पैकेट और क्लोरीन की गोलियां दीं। सीएचसी प्रभारी विशुनपुरा डॉ. उमेश सिंह ने बताया की गांव में टीम भेजकर आवश्यक कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि लोग बासी भोजन न करें, साफ पानी पीएं और आसपास सफाई रखें। यदि कोई भी परेशानी हो तो सीधे सीएचसी पर संपर्क करें।