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बाढ़ में बहकर आए थे सात गैंडा
Updated Tue, 22 Aug 2017 06:31 PM IST
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कुशीनगर। गंडक नदी की बाढ़ में नेपाल के चितवन नेशनल पार्क से बहकर आए सात में चार गैंडों को पकड़ लिया गया है। इसके अलावा एक गैंडे का शव नरायनपुर गांव के पास सड़ रहा है। शेष दो गैंडों की तलाश में वन कर्मी रेता व जंगल के क्षेत्र में घूम रहे हैं।
बीते दिनों आई बाढ़ में नेपाल से बहकर गैंडा समेत तमाम वन्य जीव यूपी व बिहार के सीमावर्ती इलाकों में पहुंच गये थे। बिहार के वाल्मीकि व्याघ्र परियोजना में कई गैंडों के होने की सूचना पर वाल्मीकि टाइगर रिजर्व व चितवन नेशनल पार्क (नेपाल) के कर्मचारियों ने सर्च आपरेशन चलाया। गैंडों को पकड़ने के लिए छह टीमें लगाई गईं। बगहा के नरैनापुर से एक गैंडा को वनकर्मियों ने पकड़ कर नेपाल भेजा। इसके बाद रविवार व सोमवार को वाल्मीकि नगर वन रेंज के चूना भट्ठा के जंगलों से एक-एक गैंडों को पकड़ा गया। मंगलवार को भी वाल्मीकि नगर वन क्षेत्र से एक गैंडे को पकड़ा गया। अभी भी कुछ अन्य जीवों के जंगल में विचरण किए जाने की चर्चा है। इसके अलावा खड्डा क्षेत्र के नरायनपुर गांव के सरेह में मंगलवार को तेज दुर्गंध उठने पर लोगों ने पता लगाया तो एक गैंडे का शव गंडक नदी के किनारे दिखा। नदी का पानी घटने के बाद शव सड़ने से दुर्गंध आ रही है। खड्डा के रेंजर महेंद्र यादव ने बताया कि इसकी जानकारी होने पर वन कर्मियों को नाव से मौके पर भेजा गया है।
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बीते दिनों आई बाढ़ में नेपाल से बहकर गैंडा समेत तमाम वन्य जीव यूपी व बिहार के सीमावर्ती इलाकों में पहुंच गये थे। बिहार के वाल्मीकि व्याघ्र परियोजना में कई गैंडों के होने की सूचना पर वाल्मीकि टाइगर रिजर्व व चितवन नेशनल पार्क (नेपाल) के कर्मचारियों ने सर्च आपरेशन चलाया। गैंडों को पकड़ने के लिए छह टीमें लगाई गईं। बगहा के नरैनापुर से एक गैंडा को वनकर्मियों ने पकड़ कर नेपाल भेजा। इसके बाद रविवार व सोमवार को वाल्मीकि नगर वन रेंज के चूना भट्ठा के जंगलों से एक-एक गैंडों को पकड़ा गया। मंगलवार को भी वाल्मीकि नगर वन क्षेत्र से एक गैंडे को पकड़ा गया। अभी भी कुछ अन्य जीवों के जंगल में विचरण किए जाने की चर्चा है। इसके अलावा खड्डा क्षेत्र के नरायनपुर गांव के सरेह में मंगलवार को तेज दुर्गंध उठने पर लोगों ने पता लगाया तो एक गैंडे का शव गंडक नदी के किनारे दिखा। नदी का पानी घटने के बाद शव सड़ने से दुर्गंध आ रही है। खड्डा के रेंजर महेंद्र यादव ने बताया कि इसकी जानकारी होने पर वन कर्मियों को नाव से मौके पर भेजा गया है।
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