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जीएसटी नहीं, उसकी प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं व्यापारी
Updated Wed, 28 Jun 2017 07:11 PM IST
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कुशीनगर। एक जुलाई से लागू होने जा रहे जीएसटी के विरोध में व्यापारी सड़क पर उतरने लगे हैं। बुधवार को पडरौना नगर के कपड़ा व्यापारियों ने धर्मशाला मोड़ पर विरोध - प्रदर्शन कर सरकार से कपड़ा को जीएसटी के दायरे से बाहर रखने की मांग की। व्यापारियों का कहना था कि वे जीएसटी का नहीं बल्कि इसकी प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं।
सुबह 10 बजे कपड़ा व्यापारियों ने महाबीरी गली में बैठक कर जीएसटी पर चर्चा की। इन लोगों का कहना था कि भोजन के साथ-साथ कपड़ा भी मनुष्य की मूलभूत जरूरतों में शामिल है। इसलिए खाद्य वस्तुओं के समान ही कपड़ा को भी जीएसटी के दायरे से बाहर रख जाना चाहिए। कपड़े पर एक ही बार प्रोडक्शन पर टैक्स लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जीएसटी की प्रक्रिया बहुत जटिल है और कपड़े को इसके दायरे में रखने से दुकानदारों को बहुत दिक्कत होगी। इन दुकानदारों का कहना था कि कपड़े के कारोबार में 90 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जो कम पढ़े-लिखे हैं और कम पूंजी में ही दुकान चलाकर परिवार के लोगों का भरण पोषण करते हैं। कपड़े के कारोबार को जीएसटी के दायरे में लाने से तमाम दुकानदार तबाह हो जाएंगे। व्यापारियों ने सरकार से जीएसटी की प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग भी की।
इस बैठक के बाद कपड़ा व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर धर्मशाला मोड़ पर विरोध - प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदीप चहाड़िया, जगदंबा गोयल, संदीप अग्रवाल, अनिल गोयल, गोपाल रौनियार, अशोक गोयल, प्रदीप कुमार, मनीष चिरानिया, अरुण गोयल, राहुल अग्रवाल, हेमंत, शिवप्रकाश, रामअवतार गोयल, रमेश तुलस्यान, सुरेश गोयल सहित कई अन्य व्यापारी मौजूद थे।
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सुबह 10 बजे कपड़ा व्यापारियों ने महाबीरी गली में बैठक कर जीएसटी पर चर्चा की। इन लोगों का कहना था कि भोजन के साथ-साथ कपड़ा भी मनुष्य की मूलभूत जरूरतों में शामिल है। इसलिए खाद्य वस्तुओं के समान ही कपड़ा को भी जीएसटी के दायरे से बाहर रख जाना चाहिए। कपड़े पर एक ही बार प्रोडक्शन पर टैक्स लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जीएसटी की प्रक्रिया बहुत जटिल है और कपड़े को इसके दायरे में रखने से दुकानदारों को बहुत दिक्कत होगी। इन दुकानदारों का कहना था कि कपड़े के कारोबार में 90 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जो कम पढ़े-लिखे हैं और कम पूंजी में ही दुकान चलाकर परिवार के लोगों का भरण पोषण करते हैं। कपड़े के कारोबार को जीएसटी के दायरे में लाने से तमाम दुकानदार तबाह हो जाएंगे। व्यापारियों ने सरकार से जीएसटी की प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग भी की।
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इस बैठक के बाद कपड़ा व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर धर्मशाला मोड़ पर विरोध - प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदीप चहाड़िया, जगदंबा गोयल, संदीप अग्रवाल, अनिल गोयल, गोपाल रौनियार, अशोक गोयल, प्रदीप कुमार, मनीष चिरानिया, अरुण गोयल, राहुल अग्रवाल, हेमंत, शिवप्रकाश, रामअवतार गोयल, रमेश तुलस्यान, सुरेश गोयल सहित कई अन्य व्यापारी मौजूद थे।
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