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पॉलिथीन का प्रयोग रोकने को अभी तैयार नहीं है बाजार
Updated Sat, 07 Jul 2018 10:52 PM IST
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पॉलीथिन के प्रयोग पर पाबंदी को लेकर तैयार नहीं बाजार
15 जुलाई से पॉलीथिन, प्लास्टिक के गिलास व कप पर प्रतिबंध
10 जुलाई तक पॉलीथिन प्रतिबंध की तैयारियां पूरी करने का निर्देश
व्यापारी बोले: ग्राहक नहीं लाते हैं झोले, मजबूरी है पॉलीथिन उपयोग
फोटो है।
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना। प्रदेश सरकार ने 15 जुलाई से प्रदेश भर में पॉलीथिन के प्रयोग पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाने का निर्णय ले लिया है। इससे संबंधित तैयारियों को पूरा करने के लिए 10 जुलाई तक का समय भी निर्धारित किया गया है। बावजूद इसके बाजारों में शनिवार को पॉलीथिन में ही सामान खरीदते ग्राहकों को देखा गया। व्यापारियों का मानना है कि ग्राहक झोले लेकर आते, तो पॉलीथिन में सामान नहीं देना पड़ता। जबकि ग्राहकों का कहना था कि जब बाजार में आसानी से पॉलीथिन मिल जाता है, तो झोले ले जाने की जरुरत ही नहीं पड़ती। पॉलीथिन पर पूर्णतया वैन के चलते सब्जी और फल व्यावसाई पर इसका सीधा असर पड़ेगा, क्योंकि इन्हीं दुकानों पर अधिकांश सामान पॉलीथिन में मिलते हैं।
व्यापारी श्रवण कुमार गुप्ता का कहना है कि पॉलीथिन वैन हो जाने के बाद ग्राहकों में भी जागरूकता आएगी, क्योंकि ग्राहक झोले लेकर बाजार में नहीं आते हैं, जिसके कारण मजबूरी में उन्हें सामान पॉलीथिन में ही देना पड़ता है।
ग्राहक धर्मेंद्र शुक्ला का कहना है कि बाजार में पॉलीथिन का चलन होने के कारण उन्हें झोला लेकर जाने की जरुरत ही नहीं पड़ती। अगर यह वैन हो जाएगा, तो ग्राहकों के भी आदत में सुधार आएगी।
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व्यापारी राजकुमार का कहना है कि कम कीमत पर आसानी से बाजार में पॉलीथिन मिल जाता है और यह चलन में है। इसलिए ग्राहक जब झोला लेकर नहीं आते, तो उन्हें पॉलीथिन में ही सामान देना पड़ता है।
ग्राहक सांवर गोयल का कहना है कि सब्जी व फल व्यवसाई खुद पॉलीथिन में सामान देते है। अगर वह पॉलिथीन में सामान देने से मना कर देते, तो लोग झोला लेकर जाते। लेकिन ऐसा नहीं होने के कारण पॉलीथिन का ही उपयोग करना पड़ता है।
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15 जुलाई से पॉलीथिन, प्लास्टिक के गिलास व कप पर प्रतिबंध
10 जुलाई तक पॉलीथिन प्रतिबंध की तैयारियां पूरी करने का निर्देश
व्यापारी बोले: ग्राहक नहीं लाते हैं झोले, मजबूरी है पॉलीथिन उपयोग
फोटो है।
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना। प्रदेश सरकार ने 15 जुलाई से प्रदेश भर में पॉलीथिन के प्रयोग पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाने का निर्णय ले लिया है। इससे संबंधित तैयारियों को पूरा करने के लिए 10 जुलाई तक का समय भी निर्धारित किया गया है। बावजूद इसके बाजारों में शनिवार को पॉलीथिन में ही सामान खरीदते ग्राहकों को देखा गया। व्यापारियों का मानना है कि ग्राहक झोले लेकर आते, तो पॉलीथिन में सामान नहीं देना पड़ता। जबकि ग्राहकों का कहना था कि जब बाजार में आसानी से पॉलीथिन मिल जाता है, तो झोले ले जाने की जरुरत ही नहीं पड़ती। पॉलीथिन पर पूर्णतया वैन के चलते सब्जी और फल व्यावसाई पर इसका सीधा असर पड़ेगा, क्योंकि इन्हीं दुकानों पर अधिकांश सामान पॉलीथिन में मिलते हैं।
व्यापारी श्रवण कुमार गुप्ता का कहना है कि पॉलीथिन वैन हो जाने के बाद ग्राहकों में भी जागरूकता आएगी, क्योंकि ग्राहक झोले लेकर बाजार में नहीं आते हैं, जिसके कारण मजबूरी में उन्हें सामान पॉलीथिन में ही देना पड़ता है।
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ग्राहक धर्मेंद्र शुक्ला का कहना है कि बाजार में पॉलीथिन का चलन होने के कारण उन्हें झोला लेकर जाने की जरुरत ही नहीं पड़ती। अगर यह वैन हो जाएगा, तो ग्राहकों के भी आदत में सुधार आएगी।
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व्यापारी राजकुमार का कहना है कि कम कीमत पर आसानी से बाजार में पॉलीथिन मिल जाता है और यह चलन में है। इसलिए ग्राहक जब झोला लेकर नहीं आते, तो उन्हें पॉलीथिन में ही सामान देना पड़ता है।
ग्राहक सांवर गोयल का कहना है कि सब्जी व फल व्यवसाई खुद पॉलीथिन में सामान देते है। अगर वह पॉलिथीन में सामान देने से मना कर देते, तो लोग झोला लेकर जाते। लेकिन ऐसा नहीं होने के कारण पॉलीथिन का ही उपयोग करना पड़ता है।