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बीईओ ने की जांच, ग्रामीणों व अध्यापिकाओं का लिया बयान

Wed, 06 Sep 2017 05:51 PM IST
Updated Wed, 06 Sep 2017 05:51 PM IST
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बीईओ ने की जांच, ग्रामीणों व अध्यापिकाओं का लिया बयान
ढाढ़ा (कुशीनगर)।शिक्षक दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर अपनी हरकतों से शिक्षकों की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले मामले की जांच करने के लिए बुधवार को सुकरौली के बीईओ प्राथमिक विद्यालय बरसैना पहुंचे। बीईओ के आने की जानकारी होते ही बड़ी संख्या में लोग स्कूल पहुंच गए और अध्यापिकाओं के स्थानांतरण की मांग करने लगे। लोगों का कहना था कि तीन अध्यापिकाओं के बीच रोज ही कुछ न कुछ विवाद होता रहता है, जिससे यहां का शैक्षणिक माहौल बेहद खराब हो गया है। बीईओ ने बीएसए को अपनी जांच रिपोर्ट सौंपकर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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सुकरौली ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय बरसैना की तीनों अध्यापिकाओं के बीच मंगलवार को सुबह विद्यालय परिसर में ही मारपीट हो गई थी। मामला अहिरौली बाजार पुलिस तक पहुंचा। शिक्षिकाओं के आचरण से क्षुब्ध गांव के लोगों ने स्कूल में ताला बंद कर दिया और कार्रवाई की मांग की। बुधवार को बीएसए के निर्देश पर सुकरौली के बीईओ सत्यप्रकाश कुशवाहा विद्यालय पहुंचे। जांच अफसर के आने की सूचना मिलते ही गांव के तमाम लोग स्कूल पहुंच गए और आरोप लगाया कि यहां तैनात शिक्षिकाएं अक्सर ही आपस में लड़ती रहती हैं। इससे स्कूल का माहौल खराब होता जा रहा है। गांव के लोगों से बात करने के बाद बीईओ ने तीनों शिक्षिकाओं का बयान भी दर्ज किया और रिपोर्ट बीएसए को सौंप कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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बीईओ सत्यप्रकाश कुशवाहा का कहना है कि जांच पूरी हो गई है। गलती दोनों पक्षों की है। जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है। विद्यालय की प्रतिष्ठा को धूमिल करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
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शिक्षक नेता बिगाड़ रहे माहौल
पडरौना।
प्राथमिक विद्यालय बरसैना में घटी घटना से जहां परिषदीय शिक्षक हतप्रभ हैं तो वहीं शिक्षक नेताओं की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। नाम न छापने की शर्त पर शिक्षकों का कहना था कि कुछ दिनों से इस तरह के मामलों में शिक्षक नेता ही अध्यापकों को उकसा रहे हैं। बरसैना में हुई घटना के बाद से भी शिक्षक नेता दोनों पक्षों को समझाने-बुझाने की बजाय मामले को थाने से लगायत बड़े अफसरों तक घसीटकर विभाग की किरकिरी कराने का प्रयास कर रहे हैं। शिक्षकों का भी मानना है कि विद्यालय की छवि खराब करने वाले अध्यापकों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
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