{"_id":"593936184f1c1bec658b45a6","slug":"171496921624-kushinagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बागीचे में पेड़ से लटकता हुआ मिला शव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बागीचे में पेड़ से लटकता हुआ मिला शव
Updated Thu, 08 Jun 2017 05:03 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुशीनगर। एक हादसे में घायल जवान बेटे का इलाज कराने में आर्थिक तंगी से जूझ रहे 50 वर्षीय शख्स ने बृहस्पतिवार को गांव के बाहर एक बागीचे में खुदकुशी कर ली। पचार गांव के इस शख्स का शव पेड़ से लटक रहा था। कप्तानगंज पुलिस ने शव को कब्जे में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
कप्तानगंज थाने के गांव पचार निवासी प्रभू का लड़का मुनीब बंगलुरू में मजदूरी करता था। करीब दो माह पहले वहीं कार्य के दौरान गिरने से मुनीब के रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट लग गई। पहले से ही तंगहाल प्रभु ने बेटे के इलाज के लिए जमा पूंजी के अलावा 12 कट्ठा खेत भी बंधक रख दिया था। परंतु लड़के की स्थिति में बहुत सुधार नहीं आया है। बताया जाता है कि बृहस्पतिवार की सुबह वह घर के अन्य सदस्यों के साथ सामान्य रूप से कार्य कर रहा था। करीब नौ बजे पत्नी व बेटी को कप्तानगंज भेजने के बाद वह भी घर से निकल गया। करीब 11 बजे गांव के बाहर स्थित बागीचे में प्रभू का शव देखकर लोगों ने शोर मचाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एक पेड़ में रस्सी से शव लटक रहा था। घरवालों के अनुसार बेटे के इलाज को लेकर वह परेशान थे। जिस ठेकेदार के पास काम के दौरान हुए हादसे में बेटा मुनीब घायल हुआ था, उससे इलाज के रुपयों के लिए बहुत प्रयास किया गया। यहां तक कि ठेकेदार के खिलाफ बंगलुरू के एक थाने में शिकायती पत्र भी दिया गया, लेकिन रकम नहीं मिली। इस संबंध में एसओ कप्तानगंज आरके यादव का कहना है कि प्राथमिक छानबीन में आर्थिक तंगी के चलते आत्महत्या का मामला सामने आ रहा है। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने पर स्थिति और अधिक स्पष्ट हो पाएगी।
विज्ञापन
कप्तानगंज थाने के गांव पचार निवासी प्रभू का लड़का मुनीब बंगलुरू में मजदूरी करता था। करीब दो माह पहले वहीं कार्य के दौरान गिरने से मुनीब के रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट लग गई। पहले से ही तंगहाल प्रभु ने बेटे के इलाज के लिए जमा पूंजी के अलावा 12 कट्ठा खेत भी बंधक रख दिया था। परंतु लड़के की स्थिति में बहुत सुधार नहीं आया है। बताया जाता है कि बृहस्पतिवार की सुबह वह घर के अन्य सदस्यों के साथ सामान्य रूप से कार्य कर रहा था। करीब नौ बजे पत्नी व बेटी को कप्तानगंज भेजने के बाद वह भी घर से निकल गया। करीब 11 बजे गांव के बाहर स्थित बागीचे में प्रभू का शव देखकर लोगों ने शोर मचाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एक पेड़ में रस्सी से शव लटक रहा था। घरवालों के अनुसार बेटे के इलाज को लेकर वह परेशान थे। जिस ठेकेदार के पास काम के दौरान हुए हादसे में बेटा मुनीब घायल हुआ था, उससे इलाज के रुपयों के लिए बहुत प्रयास किया गया। यहां तक कि ठेकेदार के खिलाफ बंगलुरू के एक थाने में शिकायती पत्र भी दिया गया, लेकिन रकम नहीं मिली। इस संबंध में एसओ कप्तानगंज आरके यादव का कहना है कि प्राथमिक छानबीन में आर्थिक तंगी के चलते आत्महत्या का मामला सामने आ रहा है। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने पर स्थिति और अधिक स्पष्ट हो पाएगी।
विज्ञापन