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169 स्कूल बसें अनफिट, भेजी गई नोटिस
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169 स्कूल बसें अनफिट, भेजी गई नोटिस
जिले 1126 स्कूली वाहन पंजीकृत, 169 ने नहीं कराया फिटनेस
पडरौना। जिले में स्कूल खुल चुके हैं। एक जुलाई से विद्यार्थियों की चहल पहल भी बढ़ गई है, लेकिन स्कूल बसों की सुरक्षा के लिए आरटीओ प्रशासन गंभीर नहीं है। आरटीओ में दर्ज आंकड़ों के मुताबिक 1126 पंजीकृत बसों में 169 अनफिट हैं। इनके मालिकों को नोटिस भेजकर जिम्मेदारों ने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली है।
बसों से स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए मानक तय हैं, ताकि विद्यार्थी सुरक्षित सफर कर सकें। इसके बदले में स्कूल संचालक अच्छी रकम लेते हैं। बावजूद इसके सुरक्षा के प्रति गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। बसों में सुरक्षा के 31 बिंदु तय किए गए हैं। इनमें बस चालक के वर्दी में रहने की बात कही गई है। फर्राटे भरने वाली बसों या वैन दस साल से अधिक पुरानी न हों। प्रदूषण, रजिस्ट्रेशन, परमिट, बीमा के कागज, सीएनजी से चलने वाली बसों में सीएनजी के लीक न होने का प्रमाणपत्र साथ रखना है। चालक का लाइसेंस पांच साल पुराना हो। वाहनों का रंग पीला होना चाहिए। वाहनों पर रिफलेक्टर लगे होने चाहिए। आपातकालीन द्वार, खिड़की में ग्रिल होना चाहिए। प्राथमिक उपचार के लिए किट और अग्निशमन यंत्र भी जरूरी है। बस की आगे और पीछे की नंबर प्लेट साफ सुधरी होनी चाहिए। बस के पायदान की ऊंचाई एक फीट से अधिक नहीं होनी चाहिए।
...
कोट
स्कूल वाहनों की फिटनेस के लिए विभाग गंभीर है। कमी मिलने पर नोटिस भेजी जाती है। स्कूलों बसों के लिए तय मानक का पालन कराया जाएगा।
मोहम्मद अजीम, एआरटीओ
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जिले 1126 स्कूली वाहन पंजीकृत, 169 ने नहीं कराया फिटनेस
पडरौना। जिले में स्कूल खुल चुके हैं। एक जुलाई से विद्यार्थियों की चहल पहल भी बढ़ गई है, लेकिन स्कूल बसों की सुरक्षा के लिए आरटीओ प्रशासन गंभीर नहीं है। आरटीओ में दर्ज आंकड़ों के मुताबिक 1126 पंजीकृत बसों में 169 अनफिट हैं। इनके मालिकों को नोटिस भेजकर जिम्मेदारों ने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली है।
बसों से स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए मानक तय हैं, ताकि विद्यार्थी सुरक्षित सफर कर सकें। इसके बदले में स्कूल संचालक अच्छी रकम लेते हैं। बावजूद इसके सुरक्षा के प्रति गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। बसों में सुरक्षा के 31 बिंदु तय किए गए हैं। इनमें बस चालक के वर्दी में रहने की बात कही गई है। फर्राटे भरने वाली बसों या वैन दस साल से अधिक पुरानी न हों। प्रदूषण, रजिस्ट्रेशन, परमिट, बीमा के कागज, सीएनजी से चलने वाली बसों में सीएनजी के लीक न होने का प्रमाणपत्र साथ रखना है। चालक का लाइसेंस पांच साल पुराना हो। वाहनों का रंग पीला होना चाहिए। वाहनों पर रिफलेक्टर लगे होने चाहिए। आपातकालीन द्वार, खिड़की में ग्रिल होना चाहिए। प्राथमिक उपचार के लिए किट और अग्निशमन यंत्र भी जरूरी है। बस की आगे और पीछे की नंबर प्लेट साफ सुधरी होनी चाहिए। बस के पायदान की ऊंचाई एक फीट से अधिक नहीं होनी चाहिए।
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कोट
स्कूल वाहनों की फिटनेस के लिए विभाग गंभीर है। कमी मिलने पर नोटिस भेजी जाती है। स्कूलों बसों के लिए तय मानक का पालन कराया जाएगा।
मोहम्मद अजीम, एआरटीओ