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रोडवेज बस स्टेशन परिसर में घुसा बरसात का पानी
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रोडवेज परिसर में घुटने भर पानी, यात्री परेशान
पडरौना-रामकोला मार्ग के चौड़ीकरण के बाद ढाई फीट नीचा हो गया परिसर
जलभराव से संक्रामक बीमारियों की आशंका, विभाग बेपरवाह
सड़क के किनारे खड़े होकर यात्री बसों का करते हैं इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना। रोडवेज परिसर में घुटने भर पानी जमा हो जाने से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। सड़क के किनारे खड़े होकर बसों का इंतजार करने को विवश हैं। इससे चालक और परिचालक भी परेशान हैं। उन्हें भी सड़क के किनारे बसें खड़ी कर सवारियां भरनी पड़ रही है। लंबे समय से यह समस्या बनी हुई है और जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।
करीब छह वर्ष पहले पडरौना-रामकोला मार्ग को उच्चीकृत और चौड़ीकारण कर एनएच बनाया गया। इससे पडरौना रोडवेज बस स्टेशन करीब ढाई फीट नीचा हो गया। लेकिन, पानी की निकासी के लिए न तो रोडवेज ने कोई व्यवस्था की और न ही प्रशासन ने पहल की। हल्की बारिश होने की दशा में भी रोडवेज परिसर में पानी एकत्र हो जाता है। शुक्रवार की देर रात से करीब 20 घंटे तक लगातार बारिश से रोडवेज परिसर में घुटने भर पानी जमा हो गया। इसके चलते बसों को सड़क के किनारे खड़ा किया जा रहा है। यात्री भी सड़क पर ही घंटों बस का इंतजार करने को विवश हैं। गोरखपुर जाने के लिए बस पकड़ने आए रिंकू जायसवाल, राजेश जायसवाल, विमलेश कुमार यादव ने बताया कि बस स्टेशन परिसर में पानी भर जाने से सड़क के किनारे खड़े होकर बस की प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। कसया जाने के लिए आए सुनील मद्देशिया, जितेंद्र राजभर, नितेन विश्वकर्मा आदि ने बताया कि बस के इंतजार में काफी देर से खड़े हैं। बस स्टेशन परिसर में जलभराव से सड़क के किनारे खड़े होकर सवारी की तलाश की जा रही है। स्टेशन के अगल-बगल रहने वाले दीपक मोदनवाल, सुनील मोदनवाल, श्रवण आदि ने बताया कि रोडवेज परिसर में बरसात के दिनों में हर वर्ष पानी भर जाता है। इससे लोगों को जलजनित बीमारियां होने की आशंका बनी रहती है। विभागीय अधिकारियों को इस समस्या से कई बार अवगत कराया गया, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। एआरएम सुभाष राय ने बताया कि पडरौना बस स्टेशन परिसर में जलनिकासी की समस्या है। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को पत्र भेजा जा चुका है। निर्देश मिलते ही जलनिकासी की व्यवस्था करा दी जाएगी।
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पडरौना-रामकोला मार्ग के चौड़ीकरण के बाद ढाई फीट नीचा हो गया परिसर
जलभराव से संक्रामक बीमारियों की आशंका, विभाग बेपरवाह
सड़क के किनारे खड़े होकर यात्री बसों का करते हैं इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना। रोडवेज परिसर में घुटने भर पानी जमा हो जाने से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। सड़क के किनारे खड़े होकर बसों का इंतजार करने को विवश हैं। इससे चालक और परिचालक भी परेशान हैं। उन्हें भी सड़क के किनारे बसें खड़ी कर सवारियां भरनी पड़ रही है। लंबे समय से यह समस्या बनी हुई है और जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।
करीब छह वर्ष पहले पडरौना-रामकोला मार्ग को उच्चीकृत और चौड़ीकारण कर एनएच बनाया गया। इससे पडरौना रोडवेज बस स्टेशन करीब ढाई फीट नीचा हो गया। लेकिन, पानी की निकासी के लिए न तो रोडवेज ने कोई व्यवस्था की और न ही प्रशासन ने पहल की। हल्की बारिश होने की दशा में भी रोडवेज परिसर में पानी एकत्र हो जाता है। शुक्रवार की देर रात से करीब 20 घंटे तक लगातार बारिश से रोडवेज परिसर में घुटने भर पानी जमा हो गया। इसके चलते बसों को सड़क के किनारे खड़ा किया जा रहा है। यात्री भी सड़क पर ही घंटों बस का इंतजार करने को विवश हैं। गोरखपुर जाने के लिए बस पकड़ने आए रिंकू जायसवाल, राजेश जायसवाल, विमलेश कुमार यादव ने बताया कि बस स्टेशन परिसर में पानी भर जाने से सड़क के किनारे खड़े होकर बस की प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। कसया जाने के लिए आए सुनील मद्देशिया, जितेंद्र राजभर, नितेन विश्वकर्मा आदि ने बताया कि बस के इंतजार में काफी देर से खड़े हैं। बस स्टेशन परिसर में जलभराव से सड़क के किनारे खड़े होकर सवारी की तलाश की जा रही है। स्टेशन के अगल-बगल रहने वाले दीपक मोदनवाल, सुनील मोदनवाल, श्रवण आदि ने बताया कि रोडवेज परिसर में बरसात के दिनों में हर वर्ष पानी भर जाता है। इससे लोगों को जलजनित बीमारियां होने की आशंका बनी रहती है। विभागीय अधिकारियों को इस समस्या से कई बार अवगत कराया गया, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। एआरएम सुभाष राय ने बताया कि पडरौना बस स्टेशन परिसर में जलनिकासी की समस्या है। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को पत्र भेजा जा चुका है। निर्देश मिलते ही जलनिकासी की व्यवस्था करा दी जाएगी।
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