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खेल संसाधनों के अभाव से जूझते युवा खुद की मेहनत से हासिल कर रहे सफलता

Mon, 03 Jun 2019 11:57 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 03 Jun 2019 11:57 PM IST
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खेल संसाधनों के अभाव से जूझते युवा खुद की मेहनत से हासिल कर रहे सफलता
एक-दूसरे से अनुभव बांट खुद लिख रहे तकदीर
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पिछले दस साल से मिश्रौली के खेल मैैैदान में अभ्यास करने जुटते हैं क्षेत्र के युवा
न कोच, न संसाधन, न ही सरकारी सहयोग, सिर्फ जज्बे से हासिल कर रहे कामयाबी
विद्याधर तिवारी
खड्डा। कोई कोच न कोई आधुनिक सुविधा न कोई संस्था, न सरकारी सहयोग। इसके बावजूद यहां के युवा खुद की मेहनत व परिश्रम से कामयाबी हासिल कर रहे है। हर रोज सुबह-शाम खड़्डा क्षेत्र के मिश्रौली खेल मैदान में युवा जुटते हैं और खुद अभ्यास करते हैं। करीब इस साल से चल रहे इस सिलसिले से कई युवा सेना और पुलिस में नौकरी भी हासिल कर चुके हैं।

खड्डा विकास खंड के गांव मिश्रौली के जूनियर हाईस्कूल के खेल मैदान में सुबह-शाम क्षेत्र के गांवों के युवा पैदल, साइकिल और बाइक से जुटते हैं। अपने से श्रेष्ठ युवाओं को नमस्कार कर व हाथ मिलाकर अभिवाद करते हैं। उसके बाद ड्रेस बदलकर खेल के मैदान में अभ्यास करने में जुट जाते हैं।, लंबी दौड़ से शुरू हुई यह शारीरिक तैयारी, कसरत, लंबी कूद, ऊंची कूद जैसी विधा में पारंगत होते हैं। शाम होने पर सब अपने घरों को लौट जाते हैं। फिर सुबह पांच बजे जुट जाते हैं। इस जगह से तैयारी कर सेना में चयनित होने वाले भुजौली बाजार निवासी अमित गोस्वामी बताते हैं कि यहां से तैयारी करके उनके साथ पांच युवक सेना में भर्ती हुए हैं। सुरक्षा बल में जाने के लिए क्या तैयारी चाहिए अपना अनुभव बताने के लिए इस समय अपना समय दे रहे हैं। मलहिया गांव की पूनम निषाद बताती हैं कि यही से तैयारी कर उन्होंने कई प्रतियोगिताओं में भाग लिया है। लक्ष्य है सेना में भर्ती होने का और देश की सेवा करने का। करीब एक दशक से ज्यादा समय से चल रहे प्रशिक्षण मैदान में कोई किसी को बुलाने नहीं जाता है , कोई शुल्क नहीं लगता, कोई प्रशिक्षक नहीं, सब एक-दूसरे को अपने अनुभव की बारीकी समझाते हैं और तैयारी करते हैं। इसमें उम्र का भी बंधन नहीं किशोर है। बच्चे भी दौड़ लगाते हैं तो कुछ उम्रदराज भी । यहां मौजूद अभय, बाबूराम, संदीप, सौरभ, पंकज, अमर, मुकेश, सतीश, गोस आलम, शिवकुमार, अविनाश आदि युवक बताते हैं कि यहां पर बिना किसी दबाव के पढ़ाई के साथ अपनी तैयारी करते हैं। सबकी इच्छा एक ही है कि सेना में चयनित होकर देश सेवा करने की।
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