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गंडक नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु के करीब पहुंचा
kushinagar
Updated Tue, 03 Jul 2018 11:26 PM IST
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अमर उजाला
- फोटो : अमर उजाला
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पडरौना। पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश के चलते गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। मंगलवार को वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज से एक लाख 25 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। सोमवार को एक लाख 19 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। नदी का जलस्तर भैंसहा गेज पर चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच गया है। नदी में पानी बढ़ने से तटबंधों पर दबाव बढ़ गया है।
खड्डा प्रतिनिधि के अनुसार मंगलवार सुबह आठ बजे नदी में पानी का डिस्चार्ज एक लाख 21 हजार 500 क्यूसेक था। भैंसहा गेज स्थल पर जलस्तर शाम चार बजे 94.30 मीटर था, जबकि चेतावनी बिंदु 95 मीटर पर है। पानी बढ़ने से खड्डा क्षेत्र के छितौनी बांध पर नदी का दबाव बढ गया है। नदी उस पार बसे गांवों के निचले इलाके में पानी भरने लगा है।
लगातार हो रही बारिश व गंडक नदी के जलस्तर में वृद्घि को देखते हुए प्रशासन ने निगरानी शुरू कर दी है। तटबंधों व बाढ़ प्रभावित इलाकों का एडीएम कृष्णलाल तिवारी व एसडीएम अरविंद कुमार ने मंगलवार को दौरा किया। दोनों अफसरों ने भैंसहा, कोटवा टोला, हनुमानगंज, लक्ष्मीपुर पड़रहवा आदि गांव के सटे छितौनी तटबंध का निरीक्षण किया। उन्होंने वीरभार ठोकर का भी जायजा लिया।
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तमकुहीरोड प्रतिनिधि के अनुसार गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से अहिरौलीदान के नोनियापट्टी और कचहरीटोला में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। मंगलवार को क्षेत्रीय विधायक अजय कुमार लल्लू ने नोनियापट्टी व कचहरीटोला का दौरा किया। विधायक ने बांधों पर अब तक बचाव कार्य शुरू नहीं कराए जाने पर नाराजगी जताई।
तमकुहीरोड।एपी तटबंध पर जंगलीपट्टी गांव के सामने पिछले साल बने स्पर (ठोकर) का 30 मीटर नोज और एप्रन मंगलवार भोर में धंस गए। इससे बंधे के किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। स्थिति की गंभीरता को देखते बाढ़ खंड के अभियंताओं ने मौके पर पहुचकर बचाव कार्य शुरू करा दिया है।
बाल्मीकिनगर बैराज से गंडक नदी में सोमवार को एक लाख 19 हजार क्यूसेक और मंगलवार को सुबह एक लाख 25 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके चलते नदी ने एपी बांध पर दबाव बढ़ा दिया है। जंगलीपट्टी के सामने बांध की सुरक्षा के लिए पिछले साल छह करोड़ की लागत से बने स्पर के नोज और एप्रन का लगभग 30 मीटर हिस्सा मंगलवार भोर में धंस गए। जानकारी होने पर गांव के लोगों की बेचैनी बढ़ गई। राजेश सिंह, जेपी निषाद, हेमंत सिंह और अजय गुप्ता ने बाढ़ खंड के अभियंताओं को इसकी जानकारी दी। बाढ़ खंड की ओर से अवर अभियंता राकेश कुमार और चंद्रप्रकाश मौके पर पहुंचे और स्थानीय ठेकेदारों के माध्यम से कटान रोकने का कार्य शुरू करा दिया। क्षेत्र के मथुरा सिंह, बाबूलाल निषाद, मनोज गुप्ता, डॉक्टर आरएन यादव, सुरेंद्र सिंह, शर्मा यादव, पारस सिंह, प्रभुनाथ यादव आदि का कहना है कि एपी बांध की स्थिति ठीक नहीं है। जेई चंद्रप्रकाश व राकेश कुमार ने बताया कि स्पर को बचाने का काम शुरू हो गया है।
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खड्डा प्रतिनिधि के अनुसार मंगलवार सुबह आठ बजे नदी में पानी का डिस्चार्ज एक लाख 21 हजार 500 क्यूसेक था। भैंसहा गेज स्थल पर जलस्तर शाम चार बजे 94.30 मीटर था, जबकि चेतावनी बिंदु 95 मीटर पर है। पानी बढ़ने से खड्डा क्षेत्र के छितौनी बांध पर नदी का दबाव बढ गया है। नदी उस पार बसे गांवों के निचले इलाके में पानी भरने लगा है।
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लगातार हो रही बारिश व गंडक नदी के जलस्तर में वृद्घि को देखते हुए प्रशासन ने निगरानी शुरू कर दी है। तटबंधों व बाढ़ प्रभावित इलाकों का एडीएम कृष्णलाल तिवारी व एसडीएम अरविंद कुमार ने मंगलवार को दौरा किया। दोनों अफसरों ने भैंसहा, कोटवा टोला, हनुमानगंज, लक्ष्मीपुर पड़रहवा आदि गांव के सटे छितौनी तटबंध का निरीक्षण किया। उन्होंने वीरभार ठोकर का भी जायजा लिया।
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तमकुहीरोड प्रतिनिधि के अनुसार गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से अहिरौलीदान के नोनियापट्टी और कचहरीटोला में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। मंगलवार को क्षेत्रीय विधायक अजय कुमार लल्लू ने नोनियापट्टी व कचहरीटोला का दौरा किया। विधायक ने बांधों पर अब तक बचाव कार्य शुरू नहीं कराए जाने पर नाराजगी जताई।
तमकुहीरोड।एपी तटबंध पर जंगलीपट्टी गांव के सामने पिछले साल बने स्पर (ठोकर) का 30 मीटर नोज और एप्रन मंगलवार भोर में धंस गए। इससे बंधे के किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। स्थिति की गंभीरता को देखते बाढ़ खंड के अभियंताओं ने मौके पर पहुचकर बचाव कार्य शुरू करा दिया है।
बाल्मीकिनगर बैराज से गंडक नदी में सोमवार को एक लाख 19 हजार क्यूसेक और मंगलवार को सुबह एक लाख 25 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके चलते नदी ने एपी बांध पर दबाव बढ़ा दिया है। जंगलीपट्टी के सामने बांध की सुरक्षा के लिए पिछले साल छह करोड़ की लागत से बने स्पर के नोज और एप्रन का लगभग 30 मीटर हिस्सा मंगलवार भोर में धंस गए। जानकारी होने पर गांव के लोगों की बेचैनी बढ़ गई। राजेश सिंह, जेपी निषाद, हेमंत सिंह और अजय गुप्ता ने बाढ़ खंड के अभियंताओं को इसकी जानकारी दी। बाढ़ खंड की ओर से अवर अभियंता राकेश कुमार और चंद्रप्रकाश मौके पर पहुंचे और स्थानीय ठेकेदारों के माध्यम से कटान रोकने का कार्य शुरू करा दिया। क्षेत्र के मथुरा सिंह, बाबूलाल निषाद, मनोज गुप्ता, डॉक्टर आरएन यादव, सुरेंद्र सिंह, शर्मा यादव, पारस सिंह, प्रभुनाथ यादव आदि का कहना है कि एपी बांध की स्थिति ठीक नहीं है। जेई चंद्रप्रकाश व राकेश कुमार ने बताया कि स्पर को बचाने का काम शुरू हो गया है।