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सेवरही मिल चीनी उत्पादन में भी रही अव्वल
Updated Thu, 03 May 2018 11:54 PM IST
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गन्ना
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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तमकुहीरोड (कुशीनगर)। सेवरही चीनी मिल इस वर्ष केवल गन्ने की पेराई में ही नहीं, बल्कि चीनी के उत्पादन में भी अव्वल रही है। चीनी का परता भी 10.60 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो इस मिल के लिए अब तक का रिकार्ड है।
सेवरही चीनी मिल ने इस साल 7640502.20 क्विंटल गन्ना की पेराई कर रिकार्ड बनाया है। यही नहीं चीनी के उत्पादन और परता में भी यह मिल अव्वल रही। इस साल चीनी का उत्पादन 800902 बोरा रहा है। चीनी का परता भी 10.60 प्रतिशत तक पहुंच गया, जबकि पिछले वर्षों में यह परता 9.56 तक ही पहुंच पाया था।
चीनी मिल के अधिशासी निदेशक एसएस चौहान का कहना है कि क्षेत्र के किसानों की जागरुकता और बहुतायत मात्रा में उन्नतिशील अर्ली प्रजाति के गन्ना की बुवाई से ऐसा संभव हुआ है। उन्होंने किसानों से अगले पेराई सत्र में भी केवल अर्ली प्रजाति के गन्ना की बुआई करने की सलाह दी है। वहीं क्षेत्र के गन्ना किसान विजयनाथ शाही, श्रीकांत मिश्र, सुरेश पांडेय, अवधेश राय आदि का मानना है कि इसका श्रेय चीनी मिल प्रबंधतंत्र के कुशल प्रबंधन को जाता है।
सेवरही चीनी मिल ने इस साल 7640502.20 क्विंटल गन्ना की पेराई कर रिकार्ड बनाया है। यही नहीं चीनी के उत्पादन और परता में भी यह मिल अव्वल रही। इस साल चीनी का उत्पादन 800902 बोरा रहा है। चीनी का परता भी 10.60 प्रतिशत तक पहुंच गया, जबकि पिछले वर्षों में यह परता 9.56 तक ही पहुंच पाया था।
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चीनी मिल के अधिशासी निदेशक एसएस चौहान का कहना है कि क्षेत्र के किसानों की जागरुकता और बहुतायत मात्रा में उन्नतिशील अर्ली प्रजाति के गन्ना की बुवाई से ऐसा संभव हुआ है। उन्होंने किसानों से अगले पेराई सत्र में भी केवल अर्ली प्रजाति के गन्ना की बुआई करने की सलाह दी है। वहीं क्षेत्र के गन्ना किसान विजयनाथ शाही, श्रीकांत मिश्र, सुरेश पांडेय, अवधेश राय आदि का मानना है कि इसका श्रेय चीनी मिल प्रबंधतंत्र के कुशल प्रबंधन को जाता है।
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