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मिलती रही तारीख पर तारीख, एसडीएम ने 10 मिनट में निपटाया
kushinagar
Updated Mon, 27 Aug 2018 11:26 PM IST
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अमर उजाला
- फोटो : अमर उजाला
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खड्डा (कुशीनगर)। तारीख, सुनवाई और फिर नई तारीख। यह सिलसिला पिछले दो साल से चल रहा था। किशनपुर विजयपुर के दो भाई गुलाब और बुनेला हर बार मिल रही नई तारीख से ऊब चुके थे। वे मान बैठे थे कि संपत्ति के बंटवारे को लेकर चल रहा उनका मुकदमा लंबा खिंचेगा, लेकिन सोमवार को उनके पंचायत भवन में अदालत लगी और एसडीएम ने केस को 10 मिनट में निपटा दिया। फैसला सुन दोनों भाइयों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
लोगों को त्वरित न्याय देने के उद्देश्य से एसडीएम अरविंद कुमार ने सोमवार को नेबुआ रायगंज के पंचायत भवन में अदालत लगाई। इसमें 12 मामलों का निस्तारण हुआ। सबसे पहले गुलाब बनाम बुनेला के केस की सुनवाई शुरू हुई। दोनों भाइयों के बीच वर्ष 2016 से संपत्ति बंटवारे को लेकर केस चल रहा था। इस दौरान मामले की कई बार सुनवाई हुई, लेकिन हर बार उन्हें नई तारीख मिलती थी, लेकिन एसडीएम ने मुकदमे को 10 मिनट में निस्तारित कर दिया। इसके अलावा आशिक बनाम सैयद, सुदामा बनाम पूर्णमासी, जयकिशुन बनाम रामप्यारे, शैल कुमारी बनाम लीलावती, हरिशंकर बनाम सुग्रीव, मंजू बनाम बीना, मनमोहन बनाम नवल किशोर, सोबराती बनाम रामप्रीत व कुछ अन्य मामलों का निस्तारण हुआ।
एसडीएम की अदालत की खास बात यह रही कि पक्ष और विपक्ष ने खुद वकील बन अपनी पैरवी की। मौके पर मौजूद विंदा प्रसाद, चानबदन चौहान, उदयभान यादव, मुन्ना जायसवाल, परमा जायसवाल, चंद्रभान सिंह, सुरेंद्र गुप्ता आदि ने कहा कि इस तरह लोगों को गांव में न्याय देने का काम सराहनीय है। आगे भी यह ऐसा हो तो बेहतर होगा। इस अवसर पर एपीओ संदीप कुमार चौबे, पेशकार शिवमणी पांडेय, ग्राम प्रधान व्यास कुमार वर्मा, राजस्व टीम की मौजूदगी रही।
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राजस्व परिषद व डीएम के आदेश पर पंचायत भवन में कोर्ट लगाकर कई साल से लंबित मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया। तहसील परिसर में कोर्ट नहीं चलने की दशा में रोस्टर के हिसाब से गांव में कोर्ट लगाने का कार्य आगे भी चलता रहेगा।
- अरविंद कुमार, एसडीएम
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लोगों को त्वरित न्याय देने के उद्देश्य से एसडीएम अरविंद कुमार ने सोमवार को नेबुआ रायगंज के पंचायत भवन में अदालत लगाई। इसमें 12 मामलों का निस्तारण हुआ। सबसे पहले गुलाब बनाम बुनेला के केस की सुनवाई शुरू हुई। दोनों भाइयों के बीच वर्ष 2016 से संपत्ति बंटवारे को लेकर केस चल रहा था। इस दौरान मामले की कई बार सुनवाई हुई, लेकिन हर बार उन्हें नई तारीख मिलती थी, लेकिन एसडीएम ने मुकदमे को 10 मिनट में निस्तारित कर दिया। इसके अलावा आशिक बनाम सैयद, सुदामा बनाम पूर्णमासी, जयकिशुन बनाम रामप्यारे, शैल कुमारी बनाम लीलावती, हरिशंकर बनाम सुग्रीव, मंजू बनाम बीना, मनमोहन बनाम नवल किशोर, सोबराती बनाम रामप्रीत व कुछ अन्य मामलों का निस्तारण हुआ।
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एसडीएम की अदालत की खास बात यह रही कि पक्ष और विपक्ष ने खुद वकील बन अपनी पैरवी की। मौके पर मौजूद विंदा प्रसाद, चानबदन चौहान, उदयभान यादव, मुन्ना जायसवाल, परमा जायसवाल, चंद्रभान सिंह, सुरेंद्र गुप्ता आदि ने कहा कि इस तरह लोगों को गांव में न्याय देने का काम सराहनीय है। आगे भी यह ऐसा हो तो बेहतर होगा। इस अवसर पर एपीओ संदीप कुमार चौबे, पेशकार शिवमणी पांडेय, ग्राम प्रधान व्यास कुमार वर्मा, राजस्व टीम की मौजूदगी रही।
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राजस्व परिषद व डीएम के आदेश पर पंचायत भवन में कोर्ट लगाकर कई साल से लंबित मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया। तहसील परिसर में कोर्ट नहीं चलने की दशा में रोस्टर के हिसाब से गांव में कोर्ट लगाने का कार्य आगे भी चलता रहेगा।
- अरविंद कुमार, एसडीएम