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Kushinagar News: कौआसार ड्रेन के 12 बांध तोड़े गए, 20 हजार किसानों को मिली राहत
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रविवार को कौआसार ड्रेन में बांध हटवाने के लिए एकजुट ग्रामीण ।
20 हजार किसानों को मिली राहत, डूब रही थी फसल
कप्तानगंज एसडीएम के निर्देश पर की गई कार्रवाई
पिपरा बाजार। मछली पकड़ने के लिए कौआसार ड्रेन में जगह-जगह बनाए गए बांध रविवार को तोड़ दिए गए। कप्तानगंज की एसडीएम आकांक्षा मिश्रा के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। रामकोला पुलिस और ग्रामीणों की टीम ने मेहदीगंज से पथरदेवा तक करीब 12 बांधों को हटाया। पानी का रास्ता खुलते ही ड्रेन में जलप्रवाह शुरू हो गया। इस कार्रवाई से करीब 20 गांवों के हजारों किसानों ने राहत की सांस ली। उनकी गन्ना और धान की फसलों पर जलभराव का खतरा था।
नेबुआ नौरंगिया, विशुनपुरा और रामकोला ब्लॉक क्षेत्र से गुजरने वाली यह ड्रेन करीब 25 किलोमीटर लंबी है। मछली के शिकारियों ने इसमें जगह-जगह बांध बना रखे थे। इससे पानी का बहाव रुक गया था और ड्रेन का पानी आसपास के क्षेत्रों में फैलने लगा था। समय रहते जलनिकासी नहीं होने पर खेतों में खड़ी फसलों के डूबने की आशंका बढ़ गई थी। कौआसार ताल से निकलने वाली यह ड्रेन कसया ब्लॉक क्षेत्र में सेमराधूसी बाड़ी नदी में जाकर मिलती है।
ग्रामीणों का कहना था कि ड्रेन का प्राकृतिक प्रवाह बाधित होने से हर साल जलनिकासी की समस्या गंभीर हो जाती है। शनिवार को बिहुली सोमाली के पूर्व प्रधान संतोष राय के साथ ग्रामीण कप्तानगंज में तहसील समाधान दिवस पहुंचे। उन्होंने जलभराव की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने रामकोला पुलिस को तत्काल कार्रवाई कर बांध हटवाने का निर्देश दिया। रविवार को पुलिस और ग्रामीणों ने अभियान चलाकर बांध हटाए।
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रामकोला चीनी मिल के जीएम जसराज सिंह भी मातहतों के साथ मौके पर पहुंचे और अभियान में सहयोग किया। एससीएम सतीश चौहान, जितेंद्र यादव, डीसीएम रायबहादुर सिंह, जीएम (केन) हरदयाल सिंह समेत मिल के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में ग्रामीण और पुलिसकर्मी आनंद कुमार गौड़, बबलू यादव, रामसूरत यादव ने भी कार्रवाई में सहयोग किया।
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कप्तानगंज एसडीएम के निर्देश पर की गई कार्रवाई
पिपरा बाजार। मछली पकड़ने के लिए कौआसार ड्रेन में जगह-जगह बनाए गए बांध रविवार को तोड़ दिए गए। कप्तानगंज की एसडीएम आकांक्षा मिश्रा के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। रामकोला पुलिस और ग्रामीणों की टीम ने मेहदीगंज से पथरदेवा तक करीब 12 बांधों को हटाया। पानी का रास्ता खुलते ही ड्रेन में जलप्रवाह शुरू हो गया। इस कार्रवाई से करीब 20 गांवों के हजारों किसानों ने राहत की सांस ली। उनकी गन्ना और धान की फसलों पर जलभराव का खतरा था।
नेबुआ नौरंगिया, विशुनपुरा और रामकोला ब्लॉक क्षेत्र से गुजरने वाली यह ड्रेन करीब 25 किलोमीटर लंबी है। मछली के शिकारियों ने इसमें जगह-जगह बांध बना रखे थे। इससे पानी का बहाव रुक गया था और ड्रेन का पानी आसपास के क्षेत्रों में फैलने लगा था। समय रहते जलनिकासी नहीं होने पर खेतों में खड़ी फसलों के डूबने की आशंका बढ़ गई थी। कौआसार ताल से निकलने वाली यह ड्रेन कसया ब्लॉक क्षेत्र में सेमराधूसी बाड़ी नदी में जाकर मिलती है।
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ग्रामीणों का कहना था कि ड्रेन का प्राकृतिक प्रवाह बाधित होने से हर साल जलनिकासी की समस्या गंभीर हो जाती है। शनिवार को बिहुली सोमाली के पूर्व प्रधान संतोष राय के साथ ग्रामीण कप्तानगंज में तहसील समाधान दिवस पहुंचे। उन्होंने जलभराव की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने रामकोला पुलिस को तत्काल कार्रवाई कर बांध हटवाने का निर्देश दिया। रविवार को पुलिस और ग्रामीणों ने अभियान चलाकर बांध हटाए।
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रामकोला चीनी मिल के जीएम जसराज सिंह भी मातहतों के साथ मौके पर पहुंचे और अभियान में सहयोग किया। एससीएम सतीश चौहान, जितेंद्र यादव, डीसीएम रायबहादुर सिंह, जीएम (केन) हरदयाल सिंह समेत मिल के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में ग्रामीण और पुलिसकर्मी आनंद कुमार गौड़, बबलू यादव, रामसूरत यादव ने भी कार्रवाई में सहयोग किया।