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थाई मंदिर में 118 भंतों ने पूजा की
कुशीनगर/ ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jun 2016 12:05 AM IST
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थाई मंदिर में राजा की लंबी उम्र के लिए कैंडिल जलाई।
- फोटो : अमर उजाला
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थाईलैंड के राजा भूमिदेव अतुल्य देव के राजगद्दी पर बैठे 70 वर्ष पूरे होने के अवसर पर थाई भंतों की तरफ से देश में भ्रमण कर भगवान बुद्ध की पूजा-अर्चना के साथ राजा के दीर्घायु होने की कामना की जा रही है। इसी के मद्देनजर थाईलैंड के 118 पुलिस कर्मियों का एक दल एक जून को बोधगया बिहार पहुंचकर पहले बौद्ध रीति से भंते बने। उसके बाद वहां से राजगीर, नालंदा, वैशाली होते हुए शनिवार की शाम कुशीनगर थाई मंदिर में पहुंचे। वहां देर रात राजा के दीर्घायु होने की कामना के लिए कैंडिल भी जलाया गया। रविवार को भी महात्मा बुद्ध की पूजा की।
रविवार की सुबह 118 सदस्यीय यह दल मंदिर परिसर में सुबह करीब आठ बजे बैठकर महात्मा बुद्ध की वंदना से पूजा की शुरुआत की। पूजा का यह दौर करीब तीन घंटे तक चला। इस दौरान थाई राष्ट्रगीत भी पेश किया गया। थाई मंदिर की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक यह दल दोपहर बाद कुशीनगर से लुंबिनी के लिए रवाना हो गया। दल लुंबिनी से श्रावस्ती, बनारस होकर 10 जून को फिर से बोधगया पहुंच जाएगा, जहां से थाईलैंड के लिए भंतों का दल रवाना हो जाएगा।
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रविवार की सुबह 118 सदस्यीय यह दल मंदिर परिसर में सुबह करीब आठ बजे बैठकर महात्मा बुद्ध की वंदना से पूजा की शुरुआत की। पूजा का यह दौर करीब तीन घंटे तक चला। इस दौरान थाई राष्ट्रगीत भी पेश किया गया। थाई मंदिर की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक यह दल दोपहर बाद कुशीनगर से लुंबिनी के लिए रवाना हो गया। दल लुंबिनी से श्रावस्ती, बनारस होकर 10 जून को फिर से बोधगया पहुंच जाएगा, जहां से थाईलैंड के लिए भंतों का दल रवाना हो जाएगा।
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