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ग्रामीणो ने प्रशासन ने किया मांग
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एपी बांध की सुरक्षा के लिए ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
गांवों को गंडक नदी के कटान से बचाने की लगाई गुहार
अमर उजाला ब्यूरो
तमकुहीरोड। गंडक नदी के कटान से एपी बांध और गांवों को बचाने के लिए बुधवार को अहिरौलीदान और बाघाचौर गांव के लोगों ने प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि जर्जर हो चुके तटबंध की समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो बारिश के मौसम में गंडक फिर तबाही मचाएगी।
बाढ़ बचाव परियोजनाओं के प्रति शासन-प्रशासन की उदासीनता से एपी बांध के किनारे बसे गांवों के लोगों का धैर्य जवाब देने लगा है। एपी तटबंध की सुरक्षा के लिए प्रस्तावित परियोजनाएं पाइप लाइन में पड़ हैं। गांव के लोगों का कहना है कि पिछले साल अहिरौलीदान व बाघाचौर के कचहरी टोला, नोनिया पट्टी, खैरखुटा, मदुरही, दलित बस्ती आदि गांवों में गंडक ने भारी तबाही मचाई थी और करीब डेढ़ सौ से अधिक घरों को अपनी आगोश में ले लिया था। यही हाल इस साल भी है। अभी तक इसके लिए कोई परियोजना स्वीकृत नहीं की गई है। बुधवार को गंडक नदी के किनारे काफी तादाद में जुटे गांववालों ने नारेबाजी की। चेतावनी दी कि समय रहते बांध बचाव कार्य शुरू नहीं हुआ है, तो वे चुनाव में हिस्सा नहीं लेंगे। इस दौरान जेके सिंह, अरविंद सिंह पटेल, हीरालाल यादव, कृष्णा निषाद, योगेंद्र सिंह, रामेश्वर सिंह, विजय कुमार, अरविंद पटेल, पप्पू सिंह, मनोज यादव, कुंवर सिंह, विनोद शर्मा, रंजीत सिंह, सुजीत यादव, सुबाष सिंह, दशरथ बैठा, राजनाथ सिंह, राहुल शर्मा, संतोष गुप्ता, लालबाबू सिंह, इंद्रदेव यादव, ओशियर गुप्ता, रामानंद राम, जीतन सिंह, भोला गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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गांवों को गंडक नदी के कटान से बचाने की लगाई गुहार
अमर उजाला ब्यूरो
तमकुहीरोड। गंडक नदी के कटान से एपी बांध और गांवों को बचाने के लिए बुधवार को अहिरौलीदान और बाघाचौर गांव के लोगों ने प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि जर्जर हो चुके तटबंध की समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो बारिश के मौसम में गंडक फिर तबाही मचाएगी।
बाढ़ बचाव परियोजनाओं के प्रति शासन-प्रशासन की उदासीनता से एपी बांध के किनारे बसे गांवों के लोगों का धैर्य जवाब देने लगा है। एपी तटबंध की सुरक्षा के लिए प्रस्तावित परियोजनाएं पाइप लाइन में पड़ हैं। गांव के लोगों का कहना है कि पिछले साल अहिरौलीदान व बाघाचौर के कचहरी टोला, नोनिया पट्टी, खैरखुटा, मदुरही, दलित बस्ती आदि गांवों में गंडक ने भारी तबाही मचाई थी और करीब डेढ़ सौ से अधिक घरों को अपनी आगोश में ले लिया था। यही हाल इस साल भी है। अभी तक इसके लिए कोई परियोजना स्वीकृत नहीं की गई है। बुधवार को गंडक नदी के किनारे काफी तादाद में जुटे गांववालों ने नारेबाजी की। चेतावनी दी कि समय रहते बांध बचाव कार्य शुरू नहीं हुआ है, तो वे चुनाव में हिस्सा नहीं लेंगे। इस दौरान जेके सिंह, अरविंद सिंह पटेल, हीरालाल यादव, कृष्णा निषाद, योगेंद्र सिंह, रामेश्वर सिंह, विजय कुमार, अरविंद पटेल, पप्पू सिंह, मनोज यादव, कुंवर सिंह, विनोद शर्मा, रंजीत सिंह, सुजीत यादव, सुबाष सिंह, दशरथ बैठा, राजनाथ सिंह, राहुल शर्मा, संतोष गुप्ता, लालबाबू सिंह, इंद्रदेव यादव, ओशियर गुप्ता, रामानंद राम, जीतन सिंह, भोला गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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