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रामकोला में किसान शहीद दिवस

Mon, 10 Sep 2018 11:50 PM IST
Updated Mon, 10 Sep 2018 11:50 PM IST
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रामकोला में किसान शहीद दिवस
पूंजीपतियों के इशारे पर चल रही केंद्र सरकार: तेज प्रताप
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फोटो के साथ
माता प्रसाद ने कहा, किसान विरोधी है भाजपा सरकार
- तीन अक्टूबर से किसानों के मुद्दे पर होगा आंदोलन :राधेश्याम सिंह
रामकोला। सोमवार को रामकोला चीनी मिल परिसर पर किसान शहीद दिवस पर कार्यक्रम आयोजित हुआ। जिसमें पहुंचे सांसद तेज प्रताप यादव और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने शहीद हुए किसान पड़ोही दलित और जमींदार मिया के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की।

सांसद तेज प्रताप यादव ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार दोहरी नीति बनाती है। एक पूंजी पतियों की और दूसरी किसानों की नीति बनाती है। पूंजीपतियों की नीति में उनसे कोई सौदा करती है तो माल लेने से पहले ही उनको भुगतान करती है, लेकिन किसानों की नीति में किसानों के मेहनत से ऊपजाई गई फसल लेने के बाद भी उनको भुगतान नहीँ करती है। जब किसान अपनी उपज की मांग करते है तो प्रदेश और केंद्र की सरकार उन पर लाठी और गोली चलवाती है। इससे यही साबित होता है कि किसान विरोधी है भाजपा की सरकार। सिर्फ कुशीनगर जिले के किसानों का गन्ना मूल्य 222 करोड़ बकाया है, लेकिन मिल मालिकों पर भुगतान के लिए सरकार कोई दबाव नहीँ बनाती है। इसी मुद्दे पर कैराना के उपचुनाव में सपा और राष्ट्रीय लोकदल के प्रत्याशी को वहां की जनता ने जीत दिलाया था। इस समय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सिर्फ झूठ बोलने में लगे है। अभी हिमांचल के चुनाव में योगी वहां बोल रहे थे कि वे आलू की सौ प्रतिशत खरीदारी किए है, लेकिन हकीकत क्या है उतर प्रदेश में आलू को रखने के लिए ठंडा घर में भी जगह नहीं था। नोटबंदी के दौरान सबसे अधिक किसान और छोटे व्यापारी हुए। रफेल डील पर कहा कि रक्षा मामले में पहली ऐसी डील है जो बिना रक्षा मंत्री की उपस्थिति में प्रधान मंत्री ने किया, जो जहाज पांच सौ तीस करोड़ की थी, उसको एक बड़े पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए लगभग पंद्रह सौ करोड़ में सौदा किया गया। सपा सरकार में करवाए गए कार्य पर भाजपा सरकार पत्थर लगवा कर कार्य कराने का दावा कर रही है। आगामी लोक सभा चुनाव में सपा और गठबंधन दलों को अस्सी सीटों पर जिताकर भाजपा को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया। पूर्व विधान सभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों की विरोधी है। यह सरकार सिर्फ घोषणा करती है और किसानों को कोई लाभ नहीं पहुंचाती है। प्रधानमंत्री मन की बात तो अक्सर करते है, लेकिन किसानों की पीडा कभी नहीं सुनते हैं। वर्तमान सरकार ने नए रोजगार की कोई व्यवस्था नहीं की। सिर्फ रोज नई स्कीम बनाती है, लेकिन लागू नहीं कर पाती है। पूर्व मंत्री राधेश्याम ने कहा कि 1992 में भी प्रदेश में भाजपा की सरकार थी और किसानों का दस करोड़ रुपये गन्ना मूल्य बकाया था। यहां के किसान धरना दे रहे थे, लेकिन तत्कालीन भाजपा सरकार ने गोलियां चलवाई, जिसमें दो किसान साथी शहीद हो गए। 30 सितंबर तक बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान शासन और प्रशासन नहीं कराया तो किसानों के साथ जिले पर विशाल धरना प्रदर्शन किया जाएगा। जिलाध्यक्ष इलियास अंसारी, पूर्व सांसद बालेश्वर यादव ,एमएलसी राम अवध यादव ,रणविजय सिंह उर्फ मोहन, कनकलता सिंह ,पूर्व विधायक पूर्णमासी देहाती, शंभू चौधरी, विश्वनाथ सिंह, आनंद शर्मा, एके बादल, घनश्याम सिंह, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि उमेश गौड़, विजेंदर पाल यादव ,राजेश्वर गोविंद राव, घनश्याम सिंह आदि ने भी संबोधित किया।
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