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रामकथा
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‘धर्म की स्थापना के लिए ईश्वर लेते हैं अवतार’
दुदही/गौरीश्रीराम। ईश्वर का पृथ्वी पर अवतरण धर्म की स्थापना के लिए ही होता है। जब भी समाज में दुष्टों का अत्याचार बढ़ता है, तब,तब भगवान किसी न किसी रुप में पृथ्वी पर अवतार लेकर दुष्टों का विनाश करते है।
ये बातें पंडित रविंद्र पांडेय ने कही। वे शनिवार की रात गौरीश्रीराम स्थित हनुमान मंदिर परिसर में श्रद्घालुओं को रामकथा सुना रहे थे। उन्होंने आगे कहा कि आज का व्यक्ति ईश्वर की सत्ता को मानने से भले ही इंकार कर दे, लेकिन एक न एक दिन उसे ईश्वर की महत्ता को स्वीकार करना ही पड़ता है। संसार में जितने भी असुर उत्पन्न हुए सभी ने ईश्वर के अस्तित्व को नकार दिया और स्वयं भगवान बनने का ढोंग करने लगे, लेकिन जब ईश्वर ने अपनी सत्ता की एक झलक दिखाई तो सभी का अस्तित्व धरा से ही समाप्त हो गया, क्योंकि अधर्म के मार्ग पर चलने वाले व्यक्तियों का किसी न किसी रुप में विनाश होना तय है।
इस दौरान विहिम के जिलाध्यक्ष दिग्विजयकिशोर शाही, हनुमान समिति के अध्यक्ष ओमप्रकाश बरनवाल, धर्मेंद्र यादव, मिथिलेश पटेल, दर्शन यादव, अनिल राय, दुक्खी पटेल, ललित किशोर पांडेय, नगीना पटेल आदि मौजूद रहे। लक्ष्मीगंज। क्षेत्र के फुलवरिया गांव में चल रहे नौ दिवसीय शतचंडी महायज्ञ के सातवें दिन रविवार को भगवान राम के वन गमन की कथा सुनाई गई।
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रामवन गमन की कथा सुनाई गई
लक्ष्मीगंज। क्षेत्र के फुलवरिया गांव में चल रहे रामकथा में कथावाचक पवन पांडेय ने कहा कि भगवान के प्रति समर्पण की भावना रखना ही सच्ची भक्ति है। सच्चे भक्त बड़ा से बड़ा त्याग करने में एक क्षण का विलंब नही करते हैं। भगवान राम अपने माता-पिता की इच्छा को पूरा करने के लिए वन जाने जैसे दुर्गम रास्ते पर चलने के लिए तैयार हो गए। उन्होंने इसके बाद रामवन गमन की कछथा सुनाई, जिसे सुन कर श्रद्घालु भावुक हो उठे।इस दौरान नंदलाल भगत त्रिभुवन, हैप्पी, किशोर यादव, धीरज मौर्य, दिलीप मौर्य आदि मौजूद रहे।
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दुदही/गौरीश्रीराम। ईश्वर का पृथ्वी पर अवतरण धर्म की स्थापना के लिए ही होता है। जब भी समाज में दुष्टों का अत्याचार बढ़ता है, तब,तब भगवान किसी न किसी रुप में पृथ्वी पर अवतार लेकर दुष्टों का विनाश करते है।
ये बातें पंडित रविंद्र पांडेय ने कही। वे शनिवार की रात गौरीश्रीराम स्थित हनुमान मंदिर परिसर में श्रद्घालुओं को रामकथा सुना रहे थे। उन्होंने आगे कहा कि आज का व्यक्ति ईश्वर की सत्ता को मानने से भले ही इंकार कर दे, लेकिन एक न एक दिन उसे ईश्वर की महत्ता को स्वीकार करना ही पड़ता है। संसार में जितने भी असुर उत्पन्न हुए सभी ने ईश्वर के अस्तित्व को नकार दिया और स्वयं भगवान बनने का ढोंग करने लगे, लेकिन जब ईश्वर ने अपनी सत्ता की एक झलक दिखाई तो सभी का अस्तित्व धरा से ही समाप्त हो गया, क्योंकि अधर्म के मार्ग पर चलने वाले व्यक्तियों का किसी न किसी रुप में विनाश होना तय है।
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इस दौरान विहिम के जिलाध्यक्ष दिग्विजयकिशोर शाही, हनुमान समिति के अध्यक्ष ओमप्रकाश बरनवाल, धर्मेंद्र यादव, मिथिलेश पटेल, दर्शन यादव, अनिल राय, दुक्खी पटेल, ललित किशोर पांडेय, नगीना पटेल आदि मौजूद रहे। लक्ष्मीगंज। क्षेत्र के फुलवरिया गांव में चल रहे नौ दिवसीय शतचंडी महायज्ञ के सातवें दिन रविवार को भगवान राम के वन गमन की कथा सुनाई गई।
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रामवन गमन की कथा सुनाई गई
लक्ष्मीगंज। क्षेत्र के फुलवरिया गांव में चल रहे रामकथा में कथावाचक पवन पांडेय ने कहा कि भगवान के प्रति समर्पण की भावना रखना ही सच्ची भक्ति है। सच्चे भक्त बड़ा से बड़ा त्याग करने में एक क्षण का विलंब नही करते हैं। भगवान राम अपने माता-पिता की इच्छा को पूरा करने के लिए वन जाने जैसे दुर्गम रास्ते पर चलने के लिए तैयार हो गए। उन्होंने इसके बाद रामवन गमन की कछथा सुनाई, जिसे सुन कर श्रद्घालु भावुक हो उठे।इस दौरान नंदलाल भगत त्रिभुवन, हैप्पी, किशोर यादव, धीरज मौर्य, दिलीप मौर्य आदि मौजूद रहे।