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विरवट कोन्हवलिया में बालू घाट का पट्टा निरस्त किए जाने की मांग कर रहे हैं गांव के लोग

Mon, 28 Jan 2019 11:47 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 28 Jan 2019 11:47 PM IST
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विरवट कोन्हवलिया में बालू घाट का पट्टा निरस्त किए जाने की मांग कर रहे हैं गांव के लोग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन के खिलाफ किया प्रदर्शन
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फोटो है।
बालू खनन का पट्टा जारी करने से एपी बांध और कई गांवों की सुरक्षा खतरे में
अमर उजाला ब्यूरो
तमकुहीरोड।
सोमवार को विरवट कोन्हवलिया में चल रहे धरना का 360 दिन पूरा होने पर गांववालों ने जिला प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। लोगों का कहना है कि विरवट कोन्हवलिया में बालू खनन का पट्टा जारी किए जाने से एपी बांध और कई गांवों की सुरक्षा खतरे में है। जब तक बालू खनन का पट्टा निरस्त नहीं किया जाता, धरना जारी रहेगा।
वर्ष 2018 में विरवट कोन्हवलिया में जिला प्रशासन की ओर से बालू खनन का पट्टा जारी किया गया था। एपी बांध और कई गांवों के लिए खतरनाक बताते हुए स्थानीय लोग बालू खनन का पट्टा निरस्त किए जाने के लिए तीन फरवरी 2018 से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। हालांकि अब तक इस घाट से बालू की खुदाई नहीं हो सकी है। कई बार प्रशासन की ओर से इस पट्टे को शुरू कराने की कोशिश भी की गई। इस मामले में क्षेत्रीय विधायक समेत 19 आंदोलनकारी जेल भी जा चुके हैं। लोगों के विरोध को देखते हुए प्रशासन ने अब इस मामले में चुप्पी साध ली है। गांव के लोगों कहना है कि एपी बांध की स्थिति जर्जर हो चुकी है। ऐसे में यहां अगर बालू की खुदाई हुई, तो एपी बांध के साथ कई गांवों को गंडक नदी से बचाना मुश्किल हो जाएगा। सोमवार को आंदोलन के 360 दिन पूरा होने पर आंदोलनकारियों ने जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया और बालू खनन का पट्टा निरस्त करने की मांग की। इस दौरान प्रदीप सिंह, पप्पू यादव, संजय सिंह, बबलू प्रसाद, गौतम सिंह, ओमप्रकाश पटेल, राजकिशोर सिंह, सिंघलदीप सिंह, सुरेश महतो, तुलसी सिंह, ललन मिश्र, उपेंद्र सिंह, बंधू कुशवाहा, रामनरेश सिंह, सहदेव चौहान, कैलाश प्रसाद, रोशन सिंह और जगन्नाथ प्रसाद आदि मौजूद थे।
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जमीन पर कब्जे का आरोप लगाकर लोगों ने किया प्रदर्शन
फोटो के साथ
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना। सोमवार को पडरौना ब्लॉक के गांव जंगल पचरुखिया के लोगों ने अपनी मांगों के लिए कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। गांववालों का कहना था कि खलिहान की जमीन पर गांव के ही कुछ लोग आबादी दर्ज कराकर कब्जा कर लिया है। इसके चलते फसलों की मढ़ाई करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने डीएम को शिकायती पत्र सौंपकर शीघ्र ही खलिहान की जमीन से कब्जा खाली कराने की मांग की है।
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गांव के छोटू भारती, सबलू गुप्ता, अजय गुप्ता, नागेंद्र गुप्ता, उपेंद्र गुप्ता, मुकेश गुप्ता, चंदन गुप्ता, कुंदन गुप्ता, अजय गुप्ता, प्रदीप गोंड़, रामअशीष गोंड़ आदि ने डीएम डॉ. अनिल कुमार सिंह को शिकायती पत्र सौंपकर बताया है कि गांव में मंदिर के सामने खलिहान की जमीन है। इस जमीन पर गांव के ही कुछ लोगों ने फर्जी तरीके से आबादी दर्ज कराकर कब्जा कर लिया है। कब्जा किए गए जमीन पर गड्ढा खोदकर गंदगी फैला दी गई है। जहां गंदगी के चलते संक्रामक रोगों के फैलने की आशंका बनी रहती है, वहीं फसलों की मढ़ाई करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। गांववालों ने चेतावनी दी कि शीघ्र खलिहान की जमीन से कब्जा नहीं हटवाया गया, तो लोग आंदोलन करेंगे।


चार सूत्री मांगों के लिए रसोइयों ने किया प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन
फोटो के साथ----
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना। सोमवार को रसोइयां संघ से जुड़े लोगों ने चार सूत्री मांगों के समर्थन में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान रसोइयों ने मुख्यमंत्री को संबोधित मांगों का ज्ञापन एडीएम को सौंपा। इसमें मानदेय बढ़ाने की मांग प्रमुख रही।
जिलाध्यक्ष आशीष मणि के नेतृत्व में रसोइयों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि एक तरफ सरकार मजदूरों की मजदूरी तीन सौ रुपये प्रतिदिन तय कर रही है, वहीं दूसरी ओर परिषदीय विद्यालयों में तैनात रसोइयों का मानदेय महज एक हजार रुपये प्रतिमाह दे रही है। रसोइयों का मानदेय कम होने के कारण वह अपने परिवार का भरण पोषण करने में असमर्थ हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार रसोइयों की मांगें पूरी नहीं करती है, तो संघ की ओर से पूरे प्रदेश में व्यापक आंदोलन किया जाएगा। एडीएम को सौंपे गए ज्ञापन में रसोइयों का मानदेय नौ हजार रुपये करने, मानदेय सीधे बैंक खातों में भेजने, रसोइयों को स्थाई करने समेत चार सूत्री मांग शामिल है। इस दौरान कमली, ज्ञानमती, मीना, शकुंतला, मंजू, रमायनी, प्रेमला देवी, ज्ञांती देवी, वृंदालाल, जानकी, कमलावती, मालती और गीता आदि मौजूद थीं।


पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल नहीं हुई तो होगा आंदोलन
फोटो के साथ----
कर्मचारी, शिक्षक और अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच ने किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना। कर्मचारी, शिक्षक और अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच की ओर से सोमवार को बीएसए कार्यालय से मशाल जुलूस निकाल कर प्रदर्शन किया गया। इसके बाद कलेक्ट्रेट तक रैली निकालकर सीएम को संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा गया। इसमें पुरानी पेंशन बहाली की मांग की गई।
संघ के संयोजक प्रभुनंद उपाध्याय की अगुवाई में दोपहर बाद कर्मचारी बीएसए कार्यालय पहुंचे। यहां से कलेक्ट्रेट तक मशाल जुलूस निकाल कर मांगों के पक्ष में नारे लगाए। संघ के अध्यक्ष राजकुमार सिंह ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली की मांग के लिए संघ की तरफ से चरणबद्ध आंदोलन चलाए जा रहे हैं। इसका संज्ञान लेते हुए सरकार ने उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में मंच के अधिकारियों के साथ बीते दस अक्टूबर से वार्ता चल रही है। लेकिन दो माह बीतने के बाद भी सरकार की तरफ से अब तक कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जा सका है। राजेश शुक्ल ने कहा कि कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था बुढ़ापे की लाठी के समान है। उन्होंने सरकार को चेताया कि यदि कर्मचारियों की मांगों पर ध्यान नही दिया गया तो छह फरवरी से हड़ताल किया जाएगा। इस दौरान राजेश तिवारी, दिलीप कुमार पांडेय, हर्षवर्धन राज, अविनाश शुक्ल, दिनेश यादव, अनूप सिंह, हरिश्चंद्र मिश्र, बंशबहादुर यादव, संदीप राय, नागेंद्र तिवारी, महेश कर्णधार, सुनील मिश्र, रामगति प्रजापति, ब्रजभूषण पांडेय, शरद गुप्ता, अरुणेंद्र राय, रमेश चौरसिया, आरटी कुशवाहा, शशिरंजन और सुरेश कुमार आदि मौजूद थे।


रास्ता खुलवाने के लिए दिया धरना
तमकुहीराज। विशनपुरा क्षेत्र के चाफ रायपट्टी निवासी एक कुनबा सोमवार को तहसील मुख्यालय पहुंचकर धरने पर बैठ गया। पीड़ित परिवार का आरोप था कि एसडीएम के आदेश का हवाला देते हुए पड़ोसियों ने उनके आने-जाने का रास्ता बंद कर दिया है। जिससे उनका परिवार घर में कैद होने को विवश है। मौके पर पहुंचे एसडीएम को परिजनों ने शिकायती पत्र सौंपा है। जिस पर एसडीएम ने आश्वासन देकर धरना खत्म करा दिया।
चाफ रायपट्टी निवासी लैलून नेशा परिजनों के साथ एसडीएम कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गईं। परिजनों का कहना था कि एसडीएम के आदेश का हवाला देकर उसके पड़ोसियों ने आने-जाने का रास्ता बंद कर दिया है। जिससे उनका परिवार घर में ही रहने को विवश है। एसडीएम प्रमोद कुमार को परिजनों ने शिकायती पत्र सौंपकर रास्ता खुलवाने की मांग की। जिस पर एसडीएम ने भरोसा दिलाया कि शीघ्र उन्हें इस समस्या से निजात दिलाया जाएगा। इसके बाद परिजनों ने धरना खत्म किया।


चार सूत्री मांगों के लिए धरना जारी
फोटो के साथ---
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना। सीएमओ कार्यालय परिसर में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ की ओर से चल रहा अनिश्चितकालीन धरना सोमवार को नौवें दिन भी जारी रहा। इस दौरान आंदोलनकारियों ने चेताया कि संघ के मांगों के प्रति साकारात्मक पहल नहीं की गई, तो आंदोलन को तेज कर दिया जाएगा।

संघ से जुड़े कर्मचारी विभिन्न मांगों को लेकर 21 जनवरी से सीएमओ कार्यालय परिसर में धरने पर बैठे हैं। धरने पर बैठे कर्मचारियों ने कहा कि शासन और प्रशासन से बार-बार कर्मचारी हितों की मांग की गई है, लेकिन अब तक संविदा कर्मचारियों के लिए सरकार की ओर से कोई पहल नहीं की गई है। कर्मचारियों ने समान कार्य-समान वेतन एवं विशिष्ट सेवा नीति लागू करने, आउट सोर्सिंग व ठेका प्रथा बंद करने, संविदा कर्मियों का समायोजन नवीन पद सृजित कर किए जाने, आशा संगिनियों का 15 हजार रुपये मानदेय देने समेत आदि मांगों को शीघ्र पूरा करने की मांग की है। इस दौरान डॉ. रोहित कुमार, डॉ. आलोक मिश्रा और डॉ. आशुतोष मिश्रा आदि मौजूद थे।
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