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गांववाले भयभीत, कच्चे-पक्के घरों को तोड़कर मलबे ले जा रहे सुरक्षित जगह
Updated Sun, 05 Aug 2018 11:40 PM IST
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अहिरौलीदान में पांचवे दिन भी कटान करती रही बड़ी गंडक
अमर उजाला ब्यूरो
तमकुहीरोड। अहिरौलीदान में लगातार पांचवें दिन रविवार को भी गंडक नदी ने कटान जारी रखा। यह देख गांववाले अपने कच्चे-पक्के घरों को तोड़कर मलबे सहित पलायन करते रहे।
बड़ी गंडक नदी पिछले पांच दिनों से अहिरौलीदान में कटान कर रही है। इसके साथ ही यह बाघाचौर, नोनियापट्टी, मदुरही, खैरखुटा, कचहरी टोला, डीहटोला और एपी बांध के लिए भी खतरा बन गई है। इन गांवों में तेज कटान होने से अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है और लोग रात में सो भी नहीं पाए। नदी की कटान से अपने घर गंवा चुके बिंदा, भोला, श्रीकिशुन, राघव, सुकई, मोहन लाल, नंदकिशोर, लालबाबू, पवहारी, गया, हरिकृष्ण, अमेरिका आदि का कहना है कि उन्हें अपने घरों को तोड़कर सभी सामान सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की चिंता है। क्षेत्रीय विधायक अजय कुमार लल्लू और पूर्व विधायक पंडित नंदकिशोर मिश्र का आरोप है कि बाढ़ प्रभावित लोगों के प्रति सरकार और सिंचाई विभाग का रवैया काफी उदासीन रहा है। बाढ़ खंड के एक्सईएन भरतराम का कहना है कि बोल्डर का इस्तेमाल कर कटान रोकने का कार्य शुरू करा दिया गया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
तमकुहीरोड। अहिरौलीदान में लगातार पांचवें दिन रविवार को भी गंडक नदी ने कटान जारी रखा। यह देख गांववाले अपने कच्चे-पक्के घरों को तोड़कर मलबे सहित पलायन करते रहे।
बड़ी गंडक नदी पिछले पांच दिनों से अहिरौलीदान में कटान कर रही है। इसके साथ ही यह बाघाचौर, नोनियापट्टी, मदुरही, खैरखुटा, कचहरी टोला, डीहटोला और एपी बांध के लिए भी खतरा बन गई है। इन गांवों में तेज कटान होने से अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है और लोग रात में सो भी नहीं पाए। नदी की कटान से अपने घर गंवा चुके बिंदा, भोला, श्रीकिशुन, राघव, सुकई, मोहन लाल, नंदकिशोर, लालबाबू, पवहारी, गया, हरिकृष्ण, अमेरिका आदि का कहना है कि उन्हें अपने घरों को तोड़कर सभी सामान सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की चिंता है। क्षेत्रीय विधायक अजय कुमार लल्लू और पूर्व विधायक पंडित नंदकिशोर मिश्र का आरोप है कि बाढ़ प्रभावित लोगों के प्रति सरकार और सिंचाई विभाग का रवैया काफी उदासीन रहा है। बाढ़ खंड के एक्सईएन भरतराम का कहना है कि बोल्डर का इस्तेमाल कर कटान रोकने का कार्य शुरू करा दिया गया है।
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