{"_id":"59d3cbd84f1c1b71548b59dd","slug":"111507052504-kushinagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अधिकारियों की गैरमौजूदगी ने फरियादियों को किया निराश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अधिकारियों की गैरमौजूदगी ने फरियादियों को किया निराश
Updated Tue, 03 Oct 2017 11:15 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पडरौना (कुशीनगर)। सदर तहसील सभागार में मंगलवार को आयोजित तहसील समाधान दिवस में अधिकारियों की गैरमौजूदगी ने फरियादियों को निराश किया। तहसील सभागार में अधिकारियों की जगह सिर्फ तहसीलदार ही मौजूद थे। अन्य अधिकारियों की कुर्सियां खाली देख फरियादी मायूस होकर घर लौट गए। इसकी वजह से 74 मामलों में केवल छह मामलों का मौके पर निस्तारण हो सका।
पडरौना तहसील दिवस में आए फरियादियों को उस वक्त मायूस होकर घर लौटना पड़ा, जब सभागार में लगी अधिकारियों की कुर्सियां खाली दिखी। तहसील स्तर के कई अधिकारियों व कर्मचारियों की अनुपस्थिति पर फरियादियों ने नाराजगी जताई। पिपरा बाजार के इस्लाम, नंदलाल, हरेंद्र, राधेश्याम, सुदामा आदि ने बताया कि इसके पहले भी तहसील दिवस में समस्याओं को लेकर आए। लेकिन मामलों का निपटारा नहीं हो सका था। इस बार उम्मीद थी कि समस्या सुलझ जाएगी, लेकिन अधिकारियों की गैरमौजूदगी ने समस्या और बढ़ा दी। फिर से अगले समाधान दिवस का इंतजार करना होगा।
हाटा प्रतिनिधि के अनुसार एसडीएम विपिन कुमार की मौजूदगी में सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक 90 लोगों ने अपनी समस्याओं को लेकर प्रार्थना पत्र सौंपा। इनमें राजस्व विभाग के 24, पुलिस के 21, विकास के 29, शिक्षा के दो और अन्य विभागों से जुड़े 13 मामले थे। इनमें से चार मामलों का निस्तारण मौके पर कर दिया गया। इस दौरान तहसीलदार संजय राय सहित अन्य विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
तमकुहीराज प्रतिनिधि के अनुसार डीएम की अध्यक्षता में आयोजित तहसील दिवस में कुल 137 मामले आए। इनमें राजस्व के 42, पुलिस के 33, विकास के 11, स्वास्थ्य दो, शिक्षा दो, समाज कल्याण छह व अन्य के 41 मामले शामिल थे। इनमें राजस्व के चार , पुलिस दो व अन्य के दो मामलों का निस्तारण मौके पर कर दिया गया।
कप्तानगंज प्रतिनिधि के अनुसार एसडीएम त्रिभुवन की अध्यक्षता में आयोजित तहसील दिवस में 128 मामले आए। इसमें राजस्व के 42, पुलिस के 15, विकास के 14 व अन्य 57 मामले थे। इनमें राजस्व के 15 मामलों का निस्ताण मौके पर किया गया। इस दौरान तहसीलदार अशोक कुमार, बीडीओ गंगाराम, नायब तहसीलदार सुनील कुमार, बृजेश कुमार श्रीवास्तव, सोनू सिंह आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
पडरौना तहसील दिवस में आए फरियादियों को उस वक्त मायूस होकर घर लौटना पड़ा, जब सभागार में लगी अधिकारियों की कुर्सियां खाली दिखी। तहसील स्तर के कई अधिकारियों व कर्मचारियों की अनुपस्थिति पर फरियादियों ने नाराजगी जताई। पिपरा बाजार के इस्लाम, नंदलाल, हरेंद्र, राधेश्याम, सुदामा आदि ने बताया कि इसके पहले भी तहसील दिवस में समस्याओं को लेकर आए। लेकिन मामलों का निपटारा नहीं हो सका था। इस बार उम्मीद थी कि समस्या सुलझ जाएगी, लेकिन अधिकारियों की गैरमौजूदगी ने समस्या और बढ़ा दी। फिर से अगले समाधान दिवस का इंतजार करना होगा।
विज्ञापन
हाटा प्रतिनिधि के अनुसार एसडीएम विपिन कुमार की मौजूदगी में सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक 90 लोगों ने अपनी समस्याओं को लेकर प्रार्थना पत्र सौंपा। इनमें राजस्व विभाग के 24, पुलिस के 21, विकास के 29, शिक्षा के दो और अन्य विभागों से जुड़े 13 मामले थे। इनमें से चार मामलों का निस्तारण मौके पर कर दिया गया। इस दौरान तहसीलदार संजय राय सहित अन्य विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
तमकुहीराज प्रतिनिधि के अनुसार डीएम की अध्यक्षता में आयोजित तहसील दिवस में कुल 137 मामले आए। इनमें राजस्व के 42, पुलिस के 33, विकास के 11, स्वास्थ्य दो, शिक्षा दो, समाज कल्याण छह व अन्य के 41 मामले शामिल थे। इनमें राजस्व के चार , पुलिस दो व अन्य के दो मामलों का निस्तारण मौके पर कर दिया गया।
कप्तानगंज प्रतिनिधि के अनुसार एसडीएम त्रिभुवन की अध्यक्षता में आयोजित तहसील दिवस में 128 मामले आए। इसमें राजस्व के 42, पुलिस के 15, विकास के 14 व अन्य 57 मामले थे। इनमें राजस्व के 15 मामलों का निस्ताण मौके पर किया गया। इस दौरान तहसीलदार अशोक कुमार, बीडीओ गंगाराम, नायब तहसीलदार सुनील कुमार, बृजेश कुमार श्रीवास्तव, सोनू सिंह आदि मौजूद थे।