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दहेज के लिए पत्नी की हत्या में 11 वर्ष का कारावास
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दहेज के लिए पत्नी की हत्या में 11 वर्ष का कारावास
पडरौना। दहेज हत्या के मामले में न्यायालय ने करीब 10 साल बाद बुधवार को पति को 11 साल के कारावास की सजा सुनाई। दहेज उत्पीड़न में उसे तीन साल के साधारण कारावास के साथ दो हजार रुपये अर्थदंड लगाया है।
कोर्ट नंबर एक के अपर सत्र न्यायाधीश विनय कुमार के न्यायालय में बुधवार को सुनवाई हुई। वादी प्रेम कुमार सिंह निवासी सबया थाना कसया की तरफ से बताया गया कि उनके पिता ने अपनी बहन माया पुत्री लहरी प्रसाद की शादी मई 2005 में हाटा कोतवाली क्षेत्र के रामपुर बुजुर्ग निवासी उमेश पुत्र गिरधारी से की थी। वादी के मुताबिक शादी के बाद से ही माया को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था और अंतत: मार्च, 2010 में उसकी हत्या कर दी गई। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मृतका के पति, जेठ, जेठानी, ससुर, सास, ननद और ननदोई के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। मुकदमे के दौरान ससुर की मौत हो गई, जबकि पति को छोड़कर अन्य आरोपी दोषमुक्त करार दे दिए गए।
बुधवार को मुकदमे की सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने गवाहों और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद पति को दहेज हत्या व दहेज उत्पीड़न का दोषी मानते हुए 11 वर्ष का कारावास, तीन साल का साधारण कारावास एवं दो हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। कारावास के दौरान जेल में बिताई गई अवधि भी इसमें समायोजित की जाएगी।
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पडरौना। दहेज हत्या के मामले में न्यायालय ने करीब 10 साल बाद बुधवार को पति को 11 साल के कारावास की सजा सुनाई। दहेज उत्पीड़न में उसे तीन साल के साधारण कारावास के साथ दो हजार रुपये अर्थदंड लगाया है।
कोर्ट नंबर एक के अपर सत्र न्यायाधीश विनय कुमार के न्यायालय में बुधवार को सुनवाई हुई। वादी प्रेम कुमार सिंह निवासी सबया थाना कसया की तरफ से बताया गया कि उनके पिता ने अपनी बहन माया पुत्री लहरी प्रसाद की शादी मई 2005 में हाटा कोतवाली क्षेत्र के रामपुर बुजुर्ग निवासी उमेश पुत्र गिरधारी से की थी। वादी के मुताबिक शादी के बाद से ही माया को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था और अंतत: मार्च, 2010 में उसकी हत्या कर दी गई। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मृतका के पति, जेठ, जेठानी, ससुर, सास, ननद और ननदोई के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। मुकदमे के दौरान ससुर की मौत हो गई, जबकि पति को छोड़कर अन्य आरोपी दोषमुक्त करार दे दिए गए।
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बुधवार को मुकदमे की सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने गवाहों और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद पति को दहेज हत्या व दहेज उत्पीड़न का दोषी मानते हुए 11 वर्ष का कारावास, तीन साल का साधारण कारावास एवं दो हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। कारावास के दौरान जेल में बिताई गई अवधि भी इसमें समायोजित की जाएगी।
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