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Kushinagar News: 10.50 लाख जुर्माना और एक साल का कारावास
Wed, 03 Jul 2024 03:43 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 03 Jul 2024 03:43 AM IST
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पडरौना। मकान बेचने के लिए रकम लेने के बाद आरोपी मुकर गया। दबाव बनाने पर चेक दिया तो वह बाउंस हो गया। पीड़ित ने न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया। मंगलवार को सुनवाई के दौरान साक्ष्य के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को 10.50 लाख रुपये का जुर्माना और एक साल साधारण कैद की सजा सुनाई।
पडरौना कोतवाली क्षेत्र के रामपुर निवासी प्रभुनाथ सिंह ने गोरखपुर गोरखनाथ थाना क्षेत्र के हुमायूंपुर निवासी दीपक कुमार शर्मा को किस्तों में 11.50 लाख रुपये दिया था। 15 लाख रुपये में मकान बेचने की बात की गई थी। बाद में दीपक ने पिता की सहमति नहीं मिलने की बात कह मकान बेचने से इन्कार कर दिया और रुपये लौटाने की बात कही। दीपक ने 20 सितंबर वर्ष 2014 को भारतीय स्टेट बैंक का 9.84 लाख का चेक दिया।
प्रभुनाथ सिंह अपने बैंक खाते में चेक जमा किया तो बैंक ने खाते में रुपये नहीं होने की बात कह लौटा दिया। पीड़ित ने कोर्ट में 138 एनआई एक्ट के तहत मुकदमा दाखिल किया। कोर्ट ने आरोपी को तलब किया। आरोपी ने अपनी जमानत करा ली। मुकदमे में न्यायालय सिविल जज जूनियर डिविजन न्यायिक मजिस्ट्रेट अजीत कुमार मिश्र ने सुनवाई करते हुए आरोपी दीपक कुमार शर्मा को 10.50 लाख का अर्थ दंड और एक वर्ष साधारण कारावास की सजा सुनाई।
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पडरौना कोतवाली क्षेत्र के रामपुर निवासी प्रभुनाथ सिंह ने गोरखपुर गोरखनाथ थाना क्षेत्र के हुमायूंपुर निवासी दीपक कुमार शर्मा को किस्तों में 11.50 लाख रुपये दिया था। 15 लाख रुपये में मकान बेचने की बात की गई थी। बाद में दीपक ने पिता की सहमति नहीं मिलने की बात कह मकान बेचने से इन्कार कर दिया और रुपये लौटाने की बात कही। दीपक ने 20 सितंबर वर्ष 2014 को भारतीय स्टेट बैंक का 9.84 लाख का चेक दिया।
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प्रभुनाथ सिंह अपने बैंक खाते में चेक जमा किया तो बैंक ने खाते में रुपये नहीं होने की बात कह लौटा दिया। पीड़ित ने कोर्ट में 138 एनआई एक्ट के तहत मुकदमा दाखिल किया। कोर्ट ने आरोपी को तलब किया। आरोपी ने अपनी जमानत करा ली। मुकदमे में न्यायालय सिविल जज जूनियर डिविजन न्यायिक मजिस्ट्रेट अजीत कुमार मिश्र ने सुनवाई करते हुए आरोपी दीपक कुमार शर्मा को 10.50 लाख का अर्थ दंड और एक वर्ष साधारण कारावास की सजा सुनाई।
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