फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   चौपाल वादों से जगमग, झोपडियों में उपेक्षा का अंधेरा

चौपाल वादों से जगमग, झोपडियों में उपेक्षा का अंधेरा

Mon, 15 Oct 2018 11:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला कुश्ाीनगर
ब्यूरो/अमर उजाला कुश्ाीनगर Updated Mon, 15 Oct 2018 11:39 PM IST
विज्ञापन
चौपाल वादों से जगमग, झोपडियों में उपेक्षा का अंधेरा
धुरियां हाता मुसहर बस्ती में खराब पड़ा हैंडपंप। - फोटो : अमर उजाला
पडरौना। जिम्मेदारों ने चौपाल लगाई। योजनाएं गिनाईं, लेकिन पात्रों तक पहुंचाना भूल गए। यह दर्द हाता धुरिया गांव के गिधवा मुसहर बस्ती के लोगों की है। अंधेरे के आगोश में फूस की झोपड़ी में रहना, देसी हैंडपंप का दूषित पानी पीना और काम की तलाश में भटकना। इनका यही जीवन है।
विज्ञापन

तमकुहीराज विकास खंड के हाता धुरिया के टोला गिधवा की मुसहर बस्ती में 80 परिवार हैं। आबादी करीब 1000 है। गांव के जगरनाथ, भरत, शिवनाथ, सुरेश बताते हैं कि चौपाल लगाकर मुसहरों के कल्याण के लिए सरकार की तरफ से संचालित योजनाएं तो बताई गईं, लेकिन इनका लाभ न मिला। चुनाव में यहां आने वाला हर नेता भी वादे करता है, बाद में सब भूल जाते हैं। पांच-छह वर्ष पूर्व कुछ गिने-चुने लोगों को इंदिरा आवास मिले थे। बाकी के लिए झोपड़ी और पेयजल के लिए देसी हैंडपंप का ही सहारा है। लोगों के पास न जॉबकार्ड है, न काम। जिनके पास जॉबकार्ड था, डेढ़ वर्ष पूर्व जमा करा लिया गया। पेंशन से वंचित विधवा सविता के लिए बच्चे पालना मुश्किल है। विधवा सनकेशिया का दर्द है, आगे-पीछे कोई नहीं। बकरियां पालकर घर का खर्च चलाती हैं। इन्हे शौचालय तक का लाभ नहीं मिला।
विज्ञापन

कैसा सौभाग्य, यहां ढिबरी ही है
गांव की मंजू, आंधी, सुनैना, अकली, जोन्हियां बताती हैं कि गांव में बिजली तो है। सुना भी है कि गरीबों के लिए नि:शुल्क कनेक्शन (सौभाग्य)की योजना है, लेकिन मुसहर बस्ती को वह भी नसीब नहीं है। यहां तो ढिबरी का ही उजाला है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सूची दे दी, आवास का पता नहीं
प्रधान वीरेंद्र यादव बताते हैं कि 60 मुसहर परिवारों में शौचालय बनवाए गए। आंगनबाड़ी केंद्र भी खोला गया। आवास के लिए 24 पात्रों की सूची ब्लॉक मुख्यालय को सौंपी गई है, आगे का पता नहीं। वे मानते हैं पूर्व में हुई लापरवाही से यहां विकास नहीं हुआ है। वह वंचितों को लाभ दिलाने का प्रयास कर रहे हैं।


पात्र मुसहरों को योजनाओं का लाभ न मिलना गंभीर प्रकरण है। वंचितों को लाभ देने के निर्देश दे दिए हैं। इसके बाद भी पात्रों तक योजनाएं नहीं पहुंचीं तो जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
डॉ. अनिल कुमार सिंह, डीएम, कुशीनगर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed