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राखी बांधने के लिए सिर्फ तीन घंटे का बन रहा शुभ मुहूर्त
Updated Fri, 07 Jul 2017 04:39 PM IST
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कुशीनगर। भाई-बहनों के स्नेह के पर्व रक्षाबंधन पर इस वर्ष चंद्रग्रहण की छाया होगी। ऐसा संयोग 12 वर्षों के बाद बन रहा है। चंद्रग्रहण और भद्रा के प्रभाव के कारण राखी बांधने का शुभ मुहूर्त इस बार सिर्फ तीन घंटे के लिए है।
रक्षाबंधन इस बार सात अगस्त को है। इस तिथि पर रात में चंद्रग्रहण भी लगेगा। इससे पहले वर्ष 2005 में रक्षाबंधन के दिन चंद्रग्रहण लगा था। आने वाले सात अगस्त को रक्षाबंधन पर चंद्रग्रहण और भद्रा का पूरा प्रभाव रहेगा। ज्योतिष के जानकार बताते हैं कि सात अगस्त को चंद्रग्रहण रात 10.53 बजे से प्रारंभ होगा और देर रात 12.48 बजे तक रहेगा। चूंकि चंद्रग्रहण का सूतक (ग्रहण का दूत) ग्रहणकाल से 9 घंटे पहले प्रभावी हो जाता है। इसलिए रक्षाबंधन के दिन सूतक दोपहर 1.53 बजे से शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही दिन में 11.04 बजे तक भद्रा रहेगी। सूतक और भद्रा काल में सभी प्रकार के शुभ कार्य वर्जित रहते हैं। इस वजह से यह पर्व भी प्रभावित होगा। बहनें अपने भाइयों को राखी भद्रा की समाप्ति और सूतक लगने से पहले मिलने वाले शुभ मुहूर्त में ही बांध सकती हैं। ऐसे में दिन में 11.05 से लेकर दोपहर 1.53 बजे तक ही राखी बांधने का शुभ मुहूर्त है। ग्रहण की अवधि 1 घंटा 55 मिनट रहेगी। चंद्रग्रहण पूर्ण न होकर आंशिक होगा और संपूर्ण भारत में दिखेगा। इस वजह से सभी जगह ग्रहण का प्रभाव रहेगा। बीएचयू के ज्योतिष विभाग के सहायक प्रवक्ता डॉ.महेंद्र पांडेय का कहना है कि वर्ष 2005 के बाद इस वर्ष भी सात अगस्त को रक्षाबंधन है और इसी दिन चंद्रग्रहण भी लग रहा है। मनु के रचित ग्रंथ निर्णय सिंधु में यह उल्लेख है कि चंद्रग्रहण से नौ घंटे पहले सूतक लग जाता है। सूतक और भद्रा काल में शुभ कार्य वर्जित होते हैं। इस बार के रक्षाबंधन के दिन ही भद्रा काल समाप्त होने और रात में चंद्रग्रहण लगने से राखी बांधने का शुभ मुहूर्त केवल तीन घंटे का बन रहा है।
वर्ष 2017 में चार बार ग्रहण का संयोग
पहला चंद्रग्रहण - 11 फरवरी (शनिवार) 2017
पहला सूर्यग्रहण - 26 फरवरी (रविवार ) 2017
दूसरा चंद्रग्रहण - 7 अगस्त (सोमवार) 2017
दूसरा सूर्यग्रहण - 21 अगस्त (सोमवार) 2017
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रक्षाबंधन इस बार सात अगस्त को है। इस तिथि पर रात में चंद्रग्रहण भी लगेगा। इससे पहले वर्ष 2005 में रक्षाबंधन के दिन चंद्रग्रहण लगा था। आने वाले सात अगस्त को रक्षाबंधन पर चंद्रग्रहण और भद्रा का पूरा प्रभाव रहेगा। ज्योतिष के जानकार बताते हैं कि सात अगस्त को चंद्रग्रहण रात 10.53 बजे से प्रारंभ होगा और देर रात 12.48 बजे तक रहेगा। चूंकि चंद्रग्रहण का सूतक (ग्रहण का दूत) ग्रहणकाल से 9 घंटे पहले प्रभावी हो जाता है। इसलिए रक्षाबंधन के दिन सूतक दोपहर 1.53 बजे से शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही दिन में 11.04 बजे तक भद्रा रहेगी। सूतक और भद्रा काल में सभी प्रकार के शुभ कार्य वर्जित रहते हैं। इस वजह से यह पर्व भी प्रभावित होगा। बहनें अपने भाइयों को राखी भद्रा की समाप्ति और सूतक लगने से पहले मिलने वाले शुभ मुहूर्त में ही बांध सकती हैं। ऐसे में दिन में 11.05 से लेकर दोपहर 1.53 बजे तक ही राखी बांधने का शुभ मुहूर्त है। ग्रहण की अवधि 1 घंटा 55 मिनट रहेगी। चंद्रग्रहण पूर्ण न होकर आंशिक होगा और संपूर्ण भारत में दिखेगा। इस वजह से सभी जगह ग्रहण का प्रभाव रहेगा। बीएचयू के ज्योतिष विभाग के सहायक प्रवक्ता डॉ.महेंद्र पांडेय का कहना है कि वर्ष 2005 के बाद इस वर्ष भी सात अगस्त को रक्षाबंधन है और इसी दिन चंद्रग्रहण भी लग रहा है। मनु के रचित ग्रंथ निर्णय सिंधु में यह उल्लेख है कि चंद्रग्रहण से नौ घंटे पहले सूतक लग जाता है। सूतक और भद्रा काल में शुभ कार्य वर्जित होते हैं। इस बार के रक्षाबंधन के दिन ही भद्रा काल समाप्त होने और रात में चंद्रग्रहण लगने से राखी बांधने का शुभ मुहूर्त केवल तीन घंटे का बन रहा है।
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वर्ष 2017 में चार बार ग्रहण का संयोग
पहला चंद्रग्रहण - 11 फरवरी (शनिवार) 2017
पहला सूर्यग्रहण - 26 फरवरी (रविवार ) 2017
दूसरा चंद्रग्रहण - 7 अगस्त (सोमवार) 2017
दूसरा सूर्यग्रहण - 21 अगस्त (सोमवार) 2017