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कोखराज में कच्चा घर गिरने से युवक की मौत
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कोखराज में कच्चा घर गिरने से युवक की मौत
बरसात से जिले में कच्चे घरों का गिरना जारी
सुरक्षित ठिकाना तलाश रहे ग्रामीण, रिश्तेदार बन रहे सहारा
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर/बारा। बरसात और इससे होने वाली सीलन के कारण जिले में घरों के गिरने का सिलसिला जारी है। जिन लोगों के घरों के पास पानी जमा है, वह रिश्तेदारों या करीबियों के यहां ठिकाना बना चुके हैं। अब तक जिले में दो लोगों की घर गिरने से मौत हो चुकी है।
प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत कच्चे घरों में रहने वालों को पक्का आवास देने का दावा किया जा रहा है। इसके बाद भी जिले में तमाम ऐसे परिवार हैं, जहां तक योजना का लाभ नहीं पहुंचा। लोग मजबूरी में कच्चे या झोपड़ी में रहने के लिए विवश है। अब बरसात ज्यादा होने के कारण कच्चे घरों का गिरना जारी है। रविवार को कोखराज कोतवाली के महेशपुर गांव निवासी राजेंद्र प्रसाद (35) पुत्र द्वारिका प्रसाद का कच्चा घर गिर गया। घर के मलबे में दबने से राजेंद्र की मौत हो गई। शुक्रवार को दारानगर में भी दीवार गिरने से किशोर न्यायालय के पीठासीन अध्यक्ष विनय मिश्र की मौत हो चुकी है। शनिवार को ही सदर तहसील तहसील के टेन शाहआलमाबाद निवासी मूलचंद्र का कच्चा मकान गिर गया। किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। अब तक जिले में करीब दो सौ लोगों के घर गिर चुके हैं। इसके बाद भी राजस्व के आंकड़ों में घर गिरने की सूचना नहीं है। अपर जिलाधिकारी मनोज का कहना है कि तहसीलों से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसी तरह से सदर तहसील के भैरवा गांव में धर्मराज पुत्र संपतलाल, लक्ष्मनापुर के राकेश पुत्र मुन्नू, राजाराम पुत्र महावीर के कच्चे घर ढह गए।
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बरसात से जिले में कच्चे घरों का गिरना जारी
सुरक्षित ठिकाना तलाश रहे ग्रामीण, रिश्तेदार बन रहे सहारा
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर/बारा। बरसात और इससे होने वाली सीलन के कारण जिले में घरों के गिरने का सिलसिला जारी है। जिन लोगों के घरों के पास पानी जमा है, वह रिश्तेदारों या करीबियों के यहां ठिकाना बना चुके हैं। अब तक जिले में दो लोगों की घर गिरने से मौत हो चुकी है।
प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत कच्चे घरों में रहने वालों को पक्का आवास देने का दावा किया जा रहा है। इसके बाद भी जिले में तमाम ऐसे परिवार हैं, जहां तक योजना का लाभ नहीं पहुंचा। लोग मजबूरी में कच्चे या झोपड़ी में रहने के लिए विवश है। अब बरसात ज्यादा होने के कारण कच्चे घरों का गिरना जारी है। रविवार को कोखराज कोतवाली के महेशपुर गांव निवासी राजेंद्र प्रसाद (35) पुत्र द्वारिका प्रसाद का कच्चा घर गिर गया। घर के मलबे में दबने से राजेंद्र की मौत हो गई। शुक्रवार को दारानगर में भी दीवार गिरने से किशोर न्यायालय के पीठासीन अध्यक्ष विनय मिश्र की मौत हो चुकी है। शनिवार को ही सदर तहसील तहसील के टेन शाहआलमाबाद निवासी मूलचंद्र का कच्चा मकान गिर गया। किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। अब तक जिले में करीब दो सौ लोगों के घर गिर चुके हैं। इसके बाद भी राजस्व के आंकड़ों में घर गिरने की सूचना नहीं है। अपर जिलाधिकारी मनोज का कहना है कि तहसीलों से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसी तरह से सदर तहसील के भैरवा गांव में धर्मराज पुत्र संपतलाल, लक्ष्मनापुर के राकेश पुत्र मुन्नू, राजाराम पुत्र महावीर के कच्चे घर ढह गए।
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