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Kaushambi News: साल बीता, नहीं आया आयुष की दवा खरीद का बजट
Mon, 08 Apr 2024 01:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Mon, 08 Apr 2024 01:35 AM IST
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साल बीता, नहीं आया आयुष की दवा खरीद का बजट
-- स्वास्थ्य विभाग की ओर से जनपद में तैनात किए गए हैं आयुष के पांच चिकित्सक
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। स्वास्थ्य विभाग ने जिले में आयुष चिकित्सक तो तैनात कर दिए, लेकिन इस विधा की दवाओं के लिए बजट नहीं मिल पा रहा है। बीते वर्ष इस मद में फूटी कौड़ी नहीं मिली। जिस वजह से दवाएं खरीदी ही नहीं जा सकी। चिकित्सक आयुष नहीं, ऐलोपैथ दवाओं से ही मरीजों का उपचार करते रहे।
स्वास्थ्य विभाग की सीएचसी और पीएचसी में मुख्य तौर पर एलोपैथ विधा से ही उपचार होता है। इसके अलावा पांच आयुष चिकित्सक भी जिले को दिए गए हैं। करारी, सिराथू सीएचसी और पुरखास पीएचसी समेत अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में इनकी तैनाती है। आयुष विधा से उपचार में काम आने वाली दवाओं की खरीद के लिए शासन से हर साल लगभग नौ लाख रुपये दिए जाते हैं। इस बजट से जरूरत की दवाएं स्वास्थ्य विभाग खरीदता है, लेकिन वित्तीय वर्ष 2023-24 में बजट मिला ही नहीं। इसके चलते आयुष की दवाएं खरीदी ही नहीं गईं। स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात चिकित्सक चाहते हुए भी इस विधा से उपचार की सुविधा मरीजों को नहीं दे सके। जब कोई मरीज आया तो उसे ऐलोपैथ की दवाएं ही सीएचसी से दिलानी पड़ी। हालांकि, नया वित्तीय वर्ष आ गया है, लेकिन लोकसभा चुनाव के चलते फिलहाल अभी बजट मिलने के आसार नहीं दिख रहे हैं। ऐसे में चिकित्सकों और मरीजों दोनों को ही अभी इसके लिए इंतजार करना पड़ेगा।
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आयुष की दवाएं खरीदने के लिए शासन से हर साल लगभग नौ लाख रुपये मिलते हैं। इस वित्तीय वर्ष में बजट नहीं आया था। इसलिए दवाएं नहीं खरीदी जा सकीं। नए वित्तीय वर्ष में बजट मिलने पर इनकी उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाएगी।
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डॉ. सुष्पेंद्र कुमार, सीएमओ
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। स्वास्थ्य विभाग ने जिले में आयुष चिकित्सक तो तैनात कर दिए, लेकिन इस विधा की दवाओं के लिए बजट नहीं मिल पा रहा है। बीते वर्ष इस मद में फूटी कौड़ी नहीं मिली। जिस वजह से दवाएं खरीदी ही नहीं जा सकी। चिकित्सक आयुष नहीं, ऐलोपैथ दवाओं से ही मरीजों का उपचार करते रहे।
स्वास्थ्य विभाग की सीएचसी और पीएचसी में मुख्य तौर पर एलोपैथ विधा से ही उपचार होता है। इसके अलावा पांच आयुष चिकित्सक भी जिले को दिए गए हैं। करारी, सिराथू सीएचसी और पुरखास पीएचसी समेत अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में इनकी तैनाती है। आयुष विधा से उपचार में काम आने वाली दवाओं की खरीद के लिए शासन से हर साल लगभग नौ लाख रुपये दिए जाते हैं। इस बजट से जरूरत की दवाएं स्वास्थ्य विभाग खरीदता है, लेकिन वित्तीय वर्ष 2023-24 में बजट मिला ही नहीं। इसके चलते आयुष की दवाएं खरीदी ही नहीं गईं। स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात चिकित्सक चाहते हुए भी इस विधा से उपचार की सुविधा मरीजों को नहीं दे सके। जब कोई मरीज आया तो उसे ऐलोपैथ की दवाएं ही सीएचसी से दिलानी पड़ी। हालांकि, नया वित्तीय वर्ष आ गया है, लेकिन लोकसभा चुनाव के चलते फिलहाल अभी बजट मिलने के आसार नहीं दिख रहे हैं। ऐसे में चिकित्सकों और मरीजों दोनों को ही अभी इसके लिए इंतजार करना पड़ेगा।
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आयुष की दवाएं खरीदने के लिए शासन से हर साल लगभग नौ लाख रुपये मिलते हैं। इस वित्तीय वर्ष में बजट नहीं आया था। इसलिए दवाएं नहीं खरीदी जा सकीं। नए वित्तीय वर्ष में बजट मिलने पर इनकी उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाएगी।
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डॉ. सुष्पेंद्र कुमार, सीएमओ