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तीन सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा यमुना का पानी

Tue, 20 Aug 2019 12:48 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 20 Aug 2019 12:48 AM IST
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Yamuna water increasing at the rate of three cm per hour
Yamuna water increasing at the rate of three cm per hour - फोटो : KAUSHAMBI
तीन सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा यमुना का पान
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डीएम के निर्देश पर उपजिलाधिकारी ने दौरा कर हालात का लिया जायजा, दहशत में ग्रामीण
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर/बारा/पश्चिमशरीरा/नेवादा। पहाड़ों पर भारी बारिश और हथिनी कुंड बैराज से छोड़े गए पानी से कौशाम्बी में यमुना उफान पर है। तकरीबन तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा पानी कौशाम्बी में तबाही मचा सकता है। डीएम के निर्देश पर सभी उपजिलाधिकारियों ने यमुना किनारे के गांवों का दौरा कर हालात का जायजा लिया। इसके बाद संभावित बाढ़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। नदी किनारे की बस्ती खाली कराने का आदेश दे दिया। बाढ़ के पानी की रफ्तार देख ग्रामीणों में भी दहशत है।

गंगा-यमुना के मध्य बसे दोआबा में इस बार बेहद कम बारिश होने के कारण हालात सूखे जैसे बन रहे हैं, लेकिन पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश का असर जिले की नदियों पर जरूर पड़ता दिख रहा है। चंबल, केन, बेतवा में आई बाढ़ और हथिनी कुंड बैराज से 18 अगस्त को छोडे गए करीब आठ लाख क्यूसेक पानी से कौशाम्बी में यमुना उफान पर आ गई है। बाढ़ खंड प्रयागराज के एक्सईएन बृजेश कुमार के मुताबिक सोमवार की दोपहर नैनी में यमुना का जलस्तर करीब 82.34 मीटर पहुंच गया है। जो खतरे के निशान 84.73 से करीब ढाई मीटर नीचे है। बताया कि जलस्तर तकरीबन तीन सेेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। इसके चलते कौशाम्बी जिले में यमुना किनारे बसे करीब 90 गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। सदर तहसील के निचले इलाके में बसे गढ़वा, छोटा गढ़वा हिसामबाद, कोसम, पाली, गोपसहसा, केवटरहा, सिंघवल, कटरी, डेढावल, पभोषा, घोघ पुरवा, उमरावा, शाहपुर, नौबस्ता तथा चायल तहसील के कटैया, मल्हीपुर, मोहम्मदाबाद, यूसुफपुर, मोहम्मदाबाद, पिपरहटा, बिगहरा, जवई, बसंतपुर कछार, भोपतपुर कछार, सेंवढ़ा, जलालपुर भर्ती कछार आदि गांवों में यमुना का पानी बस्ती के अंदर घुसने की संभावना जताई जा रही है। इसके अतिरिक्त तराई के कुछ ऐसे गांव भी हैं जहां नाला के जरिए बस्ती के अंदर पहुंच सकता है। हटवा, जमुनापुर और बडहरी गांव भी पानी से घिर सकते हैं। संभावित बाढ़ को देखते हुए डीएम मनीष कुमार वर्मा के निर्देश पर एसडीएम सदर सतीशचंद्र ने तराई में बसे गढ़वा और महेवा गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। एसडीएम ने नदी किनारे बसे ग्रामीणों को घर खाली कर राहत शिविरों में पहुंचने का आदेश दिया। इसी तरह से तहसीलदार चायल पदमेश श्रीवास्तव ने भी तराई क्षेत्र का भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया। यमुना में जलस्तर की वृद्धि से तराई के ग्रामीणों में दहशत है।
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