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करवरिया के मुंशी-मैनेजर समेत पांच बालू कारोबारी हुए तलब

Thu, 25 Jul 2019 07:24 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 25 Jul 2019 07:24 PM IST
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yamuna sand digging
yamuna sand digging - फोटो : KAUSHAMBI
करवरिया बंधुओं के मुंशी-मैनेजर समेत पांच बालू कारोबारी हुए तलब
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चौथे दिन सीबीआई टीम ने बालू के अवैध खनन व भंडारण को लेकर बारीकी से की पूछताछ
टीम के सवालों से पसीना-पसीना हुए कारोबारी और कर्मचारी
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। कांशीराम गेस्ट हाउस स्थित कैंप कार्यालय में गुरुवार को सीबीआई टीम ने करवरिया बंधुओं के मुंशी-मैनेजर, बालू कारोबारियों, भंडारण कर्ताओं समेत पांच लोगों को तलब किया। बारी-बारी से घंटों पूछताछ करने के बाद सभी को जरूरत पड़ने पर फिर बुलाने की बात कहकर वापस कर दिया। सीबीआई के सवालों से सभी का पसीना छूट रहा था।

31 मई 2012 के बाद जून 2016 तक जिले के यमुना घाटों से बड़े पैमाने पर बालू का अवैध खनन कराया गया था। कभी तत्कालीन डीएम की आड़ में तो कभी न्यायालय का आदेश बताकर कारोबारियों ने अवैध खनन किया। इसी बीच न्यायालय ने एक साथ बाधित अवधि व मई 2012 के बाद स्वीकृत पट्टों को एक ही आदेश में निरस्त कर दिया था। इसी दौरान कथित सिंडीकेट ने जिले में डेरा डाल दिया। शासन स्तर से लेकर जिले के आला अफसरों को अपने प्रभाव में लेकर खुलेआम यमुना का सीना छलनी किया। मामले की जांच न्यायालय के आदेश पर सीबीआई कर रही है। इसके लिए सीबीआई टीम चौथी बार 22 जुलाई को जिले के दौरे पर आई हुई है। 14 दिवसीय दौरे पर आई दो सदस्यीय टीम कांशीराम गेस्ट हाउस में कैंप कार्यालय बनाए हुए है। टीम ने चौथे दिन गुरुवार को करवरिया बंधुओं के मैनेजर संतोष तिवारी, मुनीम अमृतलाल, पट्टाधारक योगेंद्र सिंह, भंडारणकर्ता जितेंद्र कुमार यादव, ओमप्रकाश तिवारी समेत पांच लोगों को अलग-अलग तलब किया। एक-एक व्यक्ति से करीब डेढ़-डेढ़ घंटे तक पूछताछ की। सिंडिकेट की एक-एक गतिविधियों के बारे में बारीकी से जानकारी लिया। बालू खनन व भंडारण के बाबत पूछताछ किया। सवाल किया कि अवैध खनन के बाद परिवहन कैसे किया जाता था। खनन विभाग ने रवन्ना जारी किया था या फिर पर्ची से परिवहन किया जा रहा था। बाल में खाल निकालने से बालू कारोबारियों का पसीना छूट रहा था। सूत्र बताते हैं कि टीम ने इतना तगड़ा होमवर्क कर रखा है कि सवालों पर थोड़ा भी अटकने की स्थिति में वो खुद सही जवाब देकर हां या न में उत्तर ले रहे थे। टीम ने अवैध खनन और भंडारण के दौरान जिले के मीडियाकर्मियों की गतिविधियों के बारे में भी जानकारियां लीं। शाम चार बजे तक चली गहन पूछताछ के बाद टीम ने दोबारा जरूरत पड़ने पर फिर बुलाने की बात कहकर छोड़ दिया।
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