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स्कंदमाता स्वरूप की झलक पाने को उमड़े भक्त
Thu, 11 Apr 2019 12:12 AM IST
shailendra Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Published by: shailendra Kumar
Updated Thu, 11 Apr 2019 12:12 AM IST
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मंझनपुर। नवरात्र के पांचवें दिन जिले भर में मां दुर्गा के स्कंद माता स्वरूप का पूजन किया गया। शक्ति की आराध्य देवी शीतला के दर्शन को कड़ा धाम समेत जिले भर के देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सभी ने आस्था और विश्वास के साथ मां के चरणों में शीष नवाया। इस दौरान भक्तों के जयकारे से माहौल भक्तिमय बना रहा।
आदि शक्ति मां दुर्गा का पांचवां स्वरुप स्कंद माता का है। नवरात्र के पांचवें दिन मां के इसी स्वरुप की उपासना की जाती है। भगवान स्कंद कुमार कार्तिकेय नाम से भी जाने जाते हैं। ये प्रसिद्ध देवासुर संग्राम में देवताओं के सेनापति बने थे। इन्हीं भगवान स्कंद की माता होने के कारण मां के इस स्वरूप को स्कंद माता के नाम से जाना जाता है। कमल के आसान में विराजमान होने के कारण इन्हें पद्मासन देवी के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि माता का यह रुप भक्तों को यश की प्राप्ति दिलाता है।
इन्हीं फलों की प्राप्ति के लिए भक्त मां स्कंदमाता का पूजन पूरी आस्था और विश्वास के साथ करते हैं। बुधवार को शक्ति की आराधना के इस पर्व पर भी पांचवे दिन मां स्कंदमाता की पूरे दोआबा में विधिवत पूजा की गई। 51 शक्तिपीठों में शुमार शीतला धाम कड़ा में मां की एक झलक पाने को भक्तों की लाइन भोर से ही लगी रही। श्रद्धालुओं को घंटों लाइन में लगे रहने के बाद मां का दर्शन प्राप्त हुआ। इसके बाद सभी ने श्रद्धा के साथ मां के चरणों में शीष नवाया। कड़ा धाम के अलावा जिला मुख्यालय मंझनपुर स्थित दुर्गा मंदिर, करारी रामलीला मैदान स्थित मां शीतला मंदिर, पश्चिमशरीरा के झारखंडी देवी मंदिर व अढ़ौली के आनंदी मंदिर में भी श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा।
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आदि शक्ति मां दुर्गा का पांचवां स्वरुप स्कंद माता का है। नवरात्र के पांचवें दिन मां के इसी स्वरुप की उपासना की जाती है। भगवान स्कंद कुमार कार्तिकेय नाम से भी जाने जाते हैं। ये प्रसिद्ध देवासुर संग्राम में देवताओं के सेनापति बने थे। इन्हीं भगवान स्कंद की माता होने के कारण मां के इस स्वरूप को स्कंद माता के नाम से जाना जाता है। कमल के आसान में विराजमान होने के कारण इन्हें पद्मासन देवी के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि माता का यह रुप भक्तों को यश की प्राप्ति दिलाता है।
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इन्हीं फलों की प्राप्ति के लिए भक्त मां स्कंदमाता का पूजन पूरी आस्था और विश्वास के साथ करते हैं। बुधवार को शक्ति की आराधना के इस पर्व पर भी पांचवे दिन मां स्कंदमाता की पूरे दोआबा में विधिवत पूजा की गई। 51 शक्तिपीठों में शुमार शीतला धाम कड़ा में मां की एक झलक पाने को भक्तों की लाइन भोर से ही लगी रही। श्रद्धालुओं को घंटों लाइन में लगे रहने के बाद मां का दर्शन प्राप्त हुआ। इसके बाद सभी ने श्रद्धा के साथ मां के चरणों में शीष नवाया। कड़ा धाम के अलावा जिला मुख्यालय मंझनपुर स्थित दुर्गा मंदिर, करारी रामलीला मैदान स्थित मां शीतला मंदिर, पश्चिमशरीरा के झारखंडी देवी मंदिर व अढ़ौली के आनंदी मंदिर में भी श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा।
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