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महिलाओं ने हक के लिए भरी हुंकार
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 05 Dec 2014 12:42 AM IST
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मंझनपुर। अपात्रों का चयन समाजवादी पेंशन के लिए किए जाने का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को लहना गांव की महिलाओं ने हुंकार भरी। कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन किया। डीएम को शिकायतीपत्र देकर हक दिलाने की मांग की। जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी को सत्यापन का निर्देश दिया है।
मंझनपुर ब्लाक के लहना गांव की रहने वाली सुखिया देवी पत्नी राम खेलावन, किरन देवी, मीना देवी, मनीषा देवी, शांति देवी, सरिता देवी, मैकी, उमा देवी, कमलेश देवी, अनीता देवी, गुड़िया देवी, केतकी देवी, दुखली, सोनिया देवी, मालती देवी, रामकुमारी, धनपतिया, केवली, शंकुतला देवी, मंजू देवी आदि ने बताया कि वे भूमिहीन गरीब महिलाएं हैं। मजदूरी करके परिवार का पालन करती हैं। महिलाओं की मानें तो उन्हें पहले महामाया योजना की पेंशन दी जाती थी। पर, बाद में यह पेंशन बंद कर दी गई।
इधर, समाजवादी पेंशन की सूची में भी उनका नाम शामिल नहीं किया गया है। जबकि गांव के उन लोगों के घर की महिलाओं का नाम पेंशन देने में चयनित कर लिया गया है। जिनके पास पर्याप्त मात्रा में जमीन, पक्का मकान समेत सभी सुख-सुविधाएं मौजूद हैं। प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी पर मनमानी का आरोप लगाते हुए महिलाओं ने बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट आकर प्रदर्शन किया।
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जिलाधिकारी को प्रार्थनापत्र देकर मामले की जांच कराकर अपात्रों का नाम सूची से हटवाने और गरीबों को पेंशन दिलवाने की मांग की है। जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी को सूची का सत्यापन कराकर तीन दिन में रिपोर्ट देने को कहा है।
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मंझनपुर ब्लाक के लहना गांव की रहने वाली सुखिया देवी पत्नी राम खेलावन, किरन देवी, मीना देवी, मनीषा देवी, शांति देवी, सरिता देवी, मैकी, उमा देवी, कमलेश देवी, अनीता देवी, गुड़िया देवी, केतकी देवी, दुखली, सोनिया देवी, मालती देवी, रामकुमारी, धनपतिया, केवली, शंकुतला देवी, मंजू देवी आदि ने बताया कि वे भूमिहीन गरीब महिलाएं हैं। मजदूरी करके परिवार का पालन करती हैं। महिलाओं की मानें तो उन्हें पहले महामाया योजना की पेंशन दी जाती थी। पर, बाद में यह पेंशन बंद कर दी गई।
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इधर, समाजवादी पेंशन की सूची में भी उनका नाम शामिल नहीं किया गया है। जबकि गांव के उन लोगों के घर की महिलाओं का नाम पेंशन देने में चयनित कर लिया गया है। जिनके पास पर्याप्त मात्रा में जमीन, पक्का मकान समेत सभी सुख-सुविधाएं मौजूद हैं। प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी पर मनमानी का आरोप लगाते हुए महिलाओं ने बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट आकर प्रदर्शन किया।
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जिलाधिकारी को प्रार्थनापत्र देकर मामले की जांच कराकर अपात्रों का नाम सूची से हटवाने और गरीबों को पेंशन दिलवाने की मांग की है। जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी को सूची का सत्यापन कराकर तीन दिन में रिपोर्ट देने को कहा है।