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बेकाबू बाइक की टक्कर से महिला की मौत
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Woman dies due to uncontrollable bike collision
- फोटो : KAUSHAMBI
सदर कोतवाली से चंद कदम की दूरी पर शुक्रवार दोपहर बेकाबू बाइक सवार ने एक बुजुर्ग महिला को टक्कर मार दी। हादसे में गंभीर रूप से जख्मी महिला को स्थानीय लोगों के पहुंचने पर बाइक सवार ऑटो रिक्शा में बैठाकर जिला अस्पताल ले गया और छोड़कर भाग निकला। देर रात इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई। घटना की जानकारी पर पुलिस पहुंची, लेकिन महिला की पहचान नहीं हो सकी।
शुक्रवार दोपहर एक महिला हाथ में हरे रंग का झोला लेकर पुलिस ऑफिस की तरफ जा रही थी। झोले में कुछ कपड़े व एक लोटा था।
महिला के हाथ में एसपी के नाम लिखा प्रार्थना पत्र भी था। इस बीच समदा की तरफ से आ रहे तेज रफ्तार बाइक सवार सवार ने महिला को टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही महिला खून से लथपथ होकर गिर पड़ी। घटना देख आसपास रहे लोगों ने बाइक सवार को घेर लिया। इस दौरान बाइक सवार ने महिला को ई-रिक्शा में बैठाया और इलाज कराने के लिए जिला अस्पताल ले गया। टक्कर लगने के बाद महिला के हाथ में रहा शिकायती पत्र छिटक कर दूर जा गिरा।
किसी राहगीर ने शिकायती पत्र भी महिला के झोले में डाल दिया। शाम छह बजे जब महिला अस्पताल में भर्ती थी, तभी जिला अस्पताल से बयान के लिए सदर कोतवाली मेमो भेजा गया। इसके बाद भी कोई पुलिसकर्मी बयान के लिए नहीं पहुंचा। नतीजतन देर रात महिला की मौत हो गई। सुबह आठ बजे महिला की मौत होने का मेमो दोबारा पुलिस को भेजा गया तो कस्बा प्रभारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पूछताछ की, लेकिन महिला की शिनाख्त नहीं हो सकी। प्रभारी कोतवाल रामजीत का कहना है कि शव की पहचान नहीं हो सकी है। अज्ञात में शव दाखिल कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
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अमर उजाला टीम की मेहनत से हुई महिला की शिनाख्त, पुलिस बनी रही अनजान
अमर उजाला की टीम अपने सामाजिक सरोकारों को लेकर हमेशा सतर्क रहती है। यही कारण है एक अज्ञात महिला के शव की शिनाख्त के लिए टीम ने न केवल मेहनत की, बल्कि जानकारी उसके परिजनों तक जानकारी पहुंचाने में मदद की।
दरअसल, महिला के हाथ में एक एसपी के नाम का प्रार्थना पत्र था। जिसमें उसका नाम पार्वती पत्नी मिठाई लाल निवासी मंझनपुर रोड सिराथू कौशाम्बी लिखा था। चर्चा रही कि मृतका मंझनपुर से सटे कुंजबंधियन के डेरा की हो सकती है।
इस पर अमर उजाला की टीम मृतका की फोटो खींचकर डेरा पहुंच गई। लेकिन वहां से कोई महिला गायब नहीं मिली। इस पर सिराथू प्रतिनिधि ने छानबीन की तो हकीकत सामने आ गई। दरअसल, मृतका पार्वती मूलरूप से अल्पी का पूरा मजरा रामपुर धमावां की रहने वाली थी। सिराथू कस्बे में उसके बेटे श्यामलाल को कॉलोनी मिली है। श्यामलाल के दो बेटे हरिकेश और राकेश है। बड़ा बेटा राकेश ट्रक चालक था। करीब तीन साल पहले हरिकेश की पत्नी संदिग्ध हालत में नाले में डूबकर मर गई।
इस पर उसके ससुराल वालों ने हरिकेश के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करा दिया। परिवार की माली स्थित ठीक नहीं होने के कारण हरिकेश की जमानत नहीं हो पा रही है। इधर, 75 साल की पार्वती हरिकेश की तीन बेटियों व एक बेटे की परवरिश नहीं कर पा रही थी। भीख मांगकर भी वह बच्चों का पेट नहीं भर पाती थी।
नतीजतन चारों बच्चे हरिकेश के छोटे भाई राकेश के साथ रहते थे। पार्वती के हाथ में एसपी के नाम जो प्रार्थना पत्र था उसमें लिखा था कि राकेश और उसकी पत्नी अर्चना बच्चों पर बहुत जुल्म करते हैं। बाद में मंझनपुर कोतवाली के कस्बा प्रभारी दुर्गेश गुप्ता ने सिराथू चौकी प्रभारी से संपर्क किया तो शव की शिनाख्त पार्वती के रूप में ही हुई। सूचना पर पार्वती का बेटा श्यामलाल पोस्टमार्टम हाउस आ गया है।
पुलिस ने सुनीं होती फरियाद, तो न जाती जान
सिराथू कस्बे में रहने वाली मृतका पार्वती देवी 25 अक्तूबर को भी एसपी राधेश्याम से मुलाकात करने आई थी। एसपी के नहीं होने पर वह एएसपी समर बहादुर से मिलने का इंतजार कर रही थी। इस दिन एएसपी सिम क्लोन करके पैसा उड़ाने वाले गैंग का खुलासा कर रहे थे। प्रेसवार्ता कर जैसे ही वह बाहर आए डंडे के सहारे चलने वाली पार्वती एएसपी के पैरों में गिर पड़ी। उसने एएसपी को सारी बात बताई। एएसपी ने महिला को कार्रवाई का आश्वासन दिया। आश्वासन पर रत्ती भर भी अमल हो पाता, पार्वती की जिंदगी ही चली गई।
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शुक्रवार दोपहर एक महिला हाथ में हरे रंग का झोला लेकर पुलिस ऑफिस की तरफ जा रही थी। झोले में कुछ कपड़े व एक लोटा था।
महिला के हाथ में एसपी के नाम लिखा प्रार्थना पत्र भी था। इस बीच समदा की तरफ से आ रहे तेज रफ्तार बाइक सवार सवार ने महिला को टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही महिला खून से लथपथ होकर गिर पड़ी। घटना देख आसपास रहे लोगों ने बाइक सवार को घेर लिया। इस दौरान बाइक सवार ने महिला को ई-रिक्शा में बैठाया और इलाज कराने के लिए जिला अस्पताल ले गया। टक्कर लगने के बाद महिला के हाथ में रहा शिकायती पत्र छिटक कर दूर जा गिरा।
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किसी राहगीर ने शिकायती पत्र भी महिला के झोले में डाल दिया। शाम छह बजे जब महिला अस्पताल में भर्ती थी, तभी जिला अस्पताल से बयान के लिए सदर कोतवाली मेमो भेजा गया। इसके बाद भी कोई पुलिसकर्मी बयान के लिए नहीं पहुंचा। नतीजतन देर रात महिला की मौत हो गई। सुबह आठ बजे महिला की मौत होने का मेमो दोबारा पुलिस को भेजा गया तो कस्बा प्रभारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पूछताछ की, लेकिन महिला की शिनाख्त नहीं हो सकी। प्रभारी कोतवाल रामजीत का कहना है कि शव की पहचान नहीं हो सकी है। अज्ञात में शव दाखिल कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
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अमर उजाला टीम की मेहनत से हुई महिला की शिनाख्त, पुलिस बनी रही अनजान
अमर उजाला की टीम अपने सामाजिक सरोकारों को लेकर हमेशा सतर्क रहती है। यही कारण है एक अज्ञात महिला के शव की शिनाख्त के लिए टीम ने न केवल मेहनत की, बल्कि जानकारी उसके परिजनों तक जानकारी पहुंचाने में मदद की।
दरअसल, महिला के हाथ में एक एसपी के नाम का प्रार्थना पत्र था। जिसमें उसका नाम पार्वती पत्नी मिठाई लाल निवासी मंझनपुर रोड सिराथू कौशाम्बी लिखा था। चर्चा रही कि मृतका मंझनपुर से सटे कुंजबंधियन के डेरा की हो सकती है।
इस पर अमर उजाला की टीम मृतका की फोटो खींचकर डेरा पहुंच गई। लेकिन वहां से कोई महिला गायब नहीं मिली। इस पर सिराथू प्रतिनिधि ने छानबीन की तो हकीकत सामने आ गई। दरअसल, मृतका पार्वती मूलरूप से अल्पी का पूरा मजरा रामपुर धमावां की रहने वाली थी। सिराथू कस्बे में उसके बेटे श्यामलाल को कॉलोनी मिली है। श्यामलाल के दो बेटे हरिकेश और राकेश है। बड़ा बेटा राकेश ट्रक चालक था। करीब तीन साल पहले हरिकेश की पत्नी संदिग्ध हालत में नाले में डूबकर मर गई।
इस पर उसके ससुराल वालों ने हरिकेश के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करा दिया। परिवार की माली स्थित ठीक नहीं होने के कारण हरिकेश की जमानत नहीं हो पा रही है। इधर, 75 साल की पार्वती हरिकेश की तीन बेटियों व एक बेटे की परवरिश नहीं कर पा रही थी। भीख मांगकर भी वह बच्चों का पेट नहीं भर पाती थी।
नतीजतन चारों बच्चे हरिकेश के छोटे भाई राकेश के साथ रहते थे। पार्वती के हाथ में एसपी के नाम जो प्रार्थना पत्र था उसमें लिखा था कि राकेश और उसकी पत्नी अर्चना बच्चों पर बहुत जुल्म करते हैं। बाद में मंझनपुर कोतवाली के कस्बा प्रभारी दुर्गेश गुप्ता ने सिराथू चौकी प्रभारी से संपर्क किया तो शव की शिनाख्त पार्वती के रूप में ही हुई। सूचना पर पार्वती का बेटा श्यामलाल पोस्टमार्टम हाउस आ गया है।
पुलिस ने सुनीं होती फरियाद, तो न जाती जान
सिराथू कस्बे में रहने वाली मृतका पार्वती देवी 25 अक्तूबर को भी एसपी राधेश्याम से मुलाकात करने आई थी। एसपी के नहीं होने पर वह एएसपी समर बहादुर से मिलने का इंतजार कर रही थी। इस दिन एएसपी सिम क्लोन करके पैसा उड़ाने वाले गैंग का खुलासा कर रहे थे। प्रेसवार्ता कर जैसे ही वह बाहर आए डंडे के सहारे चलने वाली पार्वती एएसपी के पैरों में गिर पड़ी। उसने एएसपी को सारी बात बताई। एएसपी ने महिला को कार्रवाई का आश्वासन दिया। आश्वासन पर रत्ती भर भी अमल हो पाता, पार्वती की जिंदगी ही चली गई।