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Kaushambi News: अंतिम संस्कार को खींचतान तो बाइक से ले गए शव
Tue, 09 Sep 2025 01:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Tue, 09 Sep 2025 01:28 AM IST
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बाइक पर अंतिम संस्कार के लिए अर्थी ले जाते परिजन। स्रोत : वीडियो ग्रैब
। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बांस से महिला का शव बांधकर बाइक से ले जाते व्यक्तियों का वायरल वीडियो सुर्खियों में है। लोग इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। परिजन और पुलिस के अनुसार ससुराल और मायका पक्ष में अंतिम संस्कार के लिए खींचतान हुई तो एक पक्ष ने जल्दबाजी में ऐसा किया।
घटना कड़ा धाम थाना क्षेत्र के गुलाम मोहम्मद का पुरवा दरियापुर जीत की है। हालांकि, संवाद न्यूज एजेंसी ऐसे किसी वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करती। फिर भी मामले में सीओ सिराथू सत्येंद्र तिवारी ने बताया कि केतकी देवी की मृत्यु के बाद मायका व ससुराल पक्ष दोनों अपनी-अपनी ओर से अंतिम संस्कार करना चाहते थे। ससुराल पक्ष अंतिम संस्कार करने के लिए शव ले जाता, इससे पहले मायके पक्ष के लोग शव को बाइक में लेकर चल दिए।
बताया जाता है कि वह छोटे बेटे जितेंद्र के साथ रहती थीं। पति छंग्गूलाल व बड़ा बेटा धर्मेंद्र गाजियाबाद में नौकरी करते हैं। जितेंद्र ने बताया कि उनके ननिहाल के लोग आरोप लगा रहे हैं कि हम लोगों ने मां की हत्या की है। इस बात से वह नाराज होकर शव को ले जाना चाहते थे। बाद में दोनों पक्ष के लोगों ने अंतिम संस्कार किया।
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पोस्टमार्टम हाउस से शव को डीसीएम से ले जाया गया था। किसी शव को घर से परिजन किस प्रकार ले जाते हैं, यह विभाग की जिम्मेदारी नहीं है।
- डॉ. संजय कुमार, सीएमओ
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घटना कड़ा धाम थाना क्षेत्र के गुलाम मोहम्मद का पुरवा दरियापुर जीत की है। हालांकि, संवाद न्यूज एजेंसी ऐसे किसी वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करती। फिर भी मामले में सीओ सिराथू सत्येंद्र तिवारी ने बताया कि केतकी देवी की मृत्यु के बाद मायका व ससुराल पक्ष दोनों अपनी-अपनी ओर से अंतिम संस्कार करना चाहते थे। ससुराल पक्ष अंतिम संस्कार करने के लिए शव ले जाता, इससे पहले मायके पक्ष के लोग शव को बाइक में लेकर चल दिए।
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बताया जाता है कि वह छोटे बेटे जितेंद्र के साथ रहती थीं। पति छंग्गूलाल व बड़ा बेटा धर्मेंद्र गाजियाबाद में नौकरी करते हैं। जितेंद्र ने बताया कि उनके ननिहाल के लोग आरोप लगा रहे हैं कि हम लोगों ने मां की हत्या की है। इस बात से वह नाराज होकर शव को ले जाना चाहते थे। बाद में दोनों पक्ष के लोगों ने अंतिम संस्कार किया।
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पोस्टमार्टम हाउस से शव को डीसीएम से ले जाया गया था। किसी शव को घर से परिजन किस प्रकार ले जाते हैं, यह विभाग की जिम्मेदारी नहीं है।
- डॉ. संजय कुमार, सीएमओ