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Kaushambi News: सांप काटने पर कलुआ अस्पताल पहुंचा तो बच गई जान
Sun, 09 Jul 2023 01:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Sun, 09 Jul 2023 01:24 AM IST
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सांप काटने पर तांत्रिक और ओझाओं के चक्कर में पड़ने के बजाय जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचें तो जान बच सकती है। नुक्कड़ नाटक के जरिए शनिवार को माता प्रसाद इंटर कॉलेज टिकरा में छात्र-छात्राओं को अंधविश्वास दूर करने के लिए जागरूक किया गया।
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित नुक्कड़ नाटक में दर्शाया गया कि कलुआ नाम का छात्र एक दिन विद्यालय नहीं आता है। गुरु जी को उसके पड़ोस में रहने वाले छात्रों ने बताया कि सांप काटने की वजह से वह स्कूल नहीं आया है।
गुरु जी अन्य छात्रों के साथ कलुआ का हाल जानने उसके घर पहुंचे तो देखा उसकी मां एक ओझा से झाड़-फूंक करा रही थी। कलुआ की की हालत बिगड़ती जा रही थी। गुरु जी की सलाह पर डॉक्टर से इलाज कराते ही कलुआ ठीक हो जाता है।
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इस अवसर पर कॉलेज के प्रबंधक अजय श्रीवास्तव ने कहा कि नई पीढ़ी को अंधविश्वास से दूर हटकर वैज्ञानिक सोच पर अमल करना चाहिए। छात्रों को चाहिए कि ऐसी घटनाओं में खुद के साथ ही अपने पड़ोसियों को विशेषज्ञों द्वारा बताए गए सुझावों के बारे में जागरूक करें।
सांप काटने पर न लगाएं चीरा, बांधे भी नहीं
कोबरा के काटने पर दो स्थान पर निशान होता है। काटने वाली जगह पर दर्द, सूजन व ऐंठन होती है। पलकें गिरने लगती हैं और त्वचा रंग बदलने लगता है। प्यास लगने के साथ ही पसीना आना और घाव से खून बहना प्रमुख लक्षण हैं। ऐसे में न चीरा लगाएं, न बांधे। सीधे अस्पताल पहुंचे। संयुक्त जिला चिकित्सालय समेत जनपद के सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी स्नेक इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।
-डॉ. मो. मुर्तजा खान, चिकित्सक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सरसवां
85 फीसदी सांप जहरीले नहीं होते
अपने देश में पाए जाने वाले 85 फीसदी सांप विषहीन होते हैं। सिर्फ कोबरा, वाइपर और धामिन सरीखे 15 प्रतिशत सर्प ही जहरीले होते हैं, जिनके काटने से जान का खतरा रहता है।
- गोविंद प्रसाद, उप प्रभागीय वनाधिकारी
बच्चों के सवाल
प्रश्न- सांप काटे तो कैसे पता करें वह विषैला था या विषहीन? चंद्रभूषण
उत्तर-
विषैला सांप काटने पर उसके दो दांतों के गहरे निशान हो जाते हैं। कई बार ऐसा भी होता है कि एक दांत का ही निशान होता है, जो गहरा होता है। इसके अलावा काटने वाली जगह नीलापन दिखने लगेगा।
प्रश्न- ऐसे कौन से स्थान हैं, जहां खतरा ज्यादा रहता है? सूर्यांश
उत्तर- ज्यादातर बिलों में रहने वाले सांप बारिश में बाहर निकल आते हैं। पानी से बचने के लिए यह ऊंचे स्थान तलाशते हैं। खरपतवार और कूड़े के ढेर में जाते हैं। इसलिए ऐसे स्थानों पर जाने से बचना चाहिए। खेत और खलिहान जाते समय डंडा पटते हुए चलना चाहिए। इससे जीव जंतु होंगे भी तो वे दूर चले जाएंगे।
प्रश्न- कितने घंटे के अंदर मरीज को अस्पताल पहुंचाएं? आलोक
उत्तर-
विषैले सर्प के काटने पर आधे घंटे से छह घंटे के अंदर लक्षण मरीज में दिखने लगते हैं। सर्प विषैला है या विषहीन, इसके झंझट में पड़ने की जगह तुरंत मरीज को जिला अस्पताल, सीएचसी अथवा पीएचसी पहुंचाना चाहिए।
प्रश्न- सांप काट ले तो तात्कालिक उपचार क्या है? सुप्रिया
उत्तर- बिना देर किए उसे नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाना चाहिए।
प्रश्न- मरीज को प्यास लगे तो कितनी देर बाद पानी दे सकते हैं? श्रेया
उत्तर- मरीज को पानी दे सकते हैं, लेकिन गरम। इसके अलावा चाय और कॉफी भी दे सकते हैं ताकि उसे नींद न आए।
प्रश्न- मरीज को अस्पताल ले जाने में देर हो रही है तो क्या करें? रिया सिंह
उत्तर- वैसे तो सरकार ने 108 एंबुलेंस सेवा दे रखी है, जो फोन करते ही 20 से 25 मिनट में आ जाती है। फिर भी यदि देरी हो रही है तो जहां पर सांप ने काटा है, उसे जगह को कपड़े से बांध देना चाहिए। उस हाथ या पैर को लटका कर रखना चाहिए।
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अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित नुक्कड़ नाटक में दर्शाया गया कि कलुआ नाम का छात्र एक दिन विद्यालय नहीं आता है। गुरु जी को उसके पड़ोस में रहने वाले छात्रों ने बताया कि सांप काटने की वजह से वह स्कूल नहीं आया है।
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गुरु जी अन्य छात्रों के साथ कलुआ का हाल जानने उसके घर पहुंचे तो देखा उसकी मां एक ओझा से झाड़-फूंक करा रही थी। कलुआ की की हालत बिगड़ती जा रही थी। गुरु जी की सलाह पर डॉक्टर से इलाज कराते ही कलुआ ठीक हो जाता है।
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इस अवसर पर कॉलेज के प्रबंधक अजय श्रीवास्तव ने कहा कि नई पीढ़ी को अंधविश्वास से दूर हटकर वैज्ञानिक सोच पर अमल करना चाहिए। छात्रों को चाहिए कि ऐसी घटनाओं में खुद के साथ ही अपने पड़ोसियों को विशेषज्ञों द्वारा बताए गए सुझावों के बारे में जागरूक करें।
सांप काटने पर न लगाएं चीरा, बांधे भी नहीं
कोबरा के काटने पर दो स्थान पर निशान होता है। काटने वाली जगह पर दर्द, सूजन व ऐंठन होती है। पलकें गिरने लगती हैं और त्वचा रंग बदलने लगता है। प्यास लगने के साथ ही पसीना आना और घाव से खून बहना प्रमुख लक्षण हैं। ऐसे में न चीरा लगाएं, न बांधे। सीधे अस्पताल पहुंचे। संयुक्त जिला चिकित्सालय समेत जनपद के सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी स्नेक इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।
-डॉ. मो. मुर्तजा खान, चिकित्सक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सरसवां
85 फीसदी सांप जहरीले नहीं होते
अपने देश में पाए जाने वाले 85 फीसदी सांप विषहीन होते हैं। सिर्फ कोबरा, वाइपर और धामिन सरीखे 15 प्रतिशत सर्प ही जहरीले होते हैं, जिनके काटने से जान का खतरा रहता है।
- गोविंद प्रसाद, उप प्रभागीय वनाधिकारी
बच्चों के सवाल
प्रश्न- सांप काटे तो कैसे पता करें वह विषैला था या विषहीन? चंद्रभूषण
उत्तर-
विषैला सांप काटने पर उसके दो दांतों के गहरे निशान हो जाते हैं। कई बार ऐसा भी होता है कि एक दांत का ही निशान होता है, जो गहरा होता है। इसके अलावा काटने वाली जगह नीलापन दिखने लगेगा।
प्रश्न- ऐसे कौन से स्थान हैं, जहां खतरा ज्यादा रहता है? सूर्यांश
उत्तर- ज्यादातर बिलों में रहने वाले सांप बारिश में बाहर निकल आते हैं। पानी से बचने के लिए यह ऊंचे स्थान तलाशते हैं। खरपतवार और कूड़े के ढेर में जाते हैं। इसलिए ऐसे स्थानों पर जाने से बचना चाहिए। खेत और खलिहान जाते समय डंडा पटते हुए चलना चाहिए। इससे जीव जंतु होंगे भी तो वे दूर चले जाएंगे।
प्रश्न- कितने घंटे के अंदर मरीज को अस्पताल पहुंचाएं? आलोक
उत्तर-
विषैले सर्प के काटने पर आधे घंटे से छह घंटे के अंदर लक्षण मरीज में दिखने लगते हैं। सर्प विषैला है या विषहीन, इसके झंझट में पड़ने की जगह तुरंत मरीज को जिला अस्पताल, सीएचसी अथवा पीएचसी पहुंचाना चाहिए।
प्रश्न- सांप काट ले तो तात्कालिक उपचार क्या है? सुप्रिया
उत्तर- बिना देर किए उसे नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाना चाहिए।
प्रश्न- मरीज को प्यास लगे तो कितनी देर बाद पानी दे सकते हैं? श्रेया
उत्तर- मरीज को पानी दे सकते हैं, लेकिन गरम। इसके अलावा चाय और कॉफी भी दे सकते हैं ताकि उसे नींद न आए।
प्रश्न- मरीज को अस्पताल ले जाने में देर हो रही है तो क्या करें? रिया सिंह
उत्तर- वैसे तो सरकार ने 108 एंबुलेंस सेवा दे रखी है, जो फोन करते ही 20 से 25 मिनट में आ जाती है। फिर भी यदि देरी हो रही है तो जहां पर सांप ने काटा है, उसे जगह को कपड़े से बांध देना चाहिए। उस हाथ या पैर को लटका कर रखना चाहिए।