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आजादी के बाद से ढिबरी युग में जी रहे ग्रामीण

Mon, 10 Feb 2020 01:12 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 10 Feb 2020 01:12 AM IST
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Villagers living in Dhibari era since independence
Villagers living in Dhibari era since independence - फोटो : KAUSHAMBI
आजादी के बाद से ढिबरी युग में जी रहे ग्रामीण
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केंद्र सरकार की सौभाग्य योजना भी रोशन नहीं हो सके कौशाम्बी ब्लॉक के दो दर्जन मजरे
कनैली। कौशाम्बी ब्लॉक के करीब दो दर्जन मजरों के लोग आजादी बाद भी ढिबरी और लालटेन जलाने को विवश हैं। केंद्र सरकार की सौभाग्य योजना भी इन गांवों को रोशन नहीं कर सकी। इसके कारण लोगों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोकसभा व विधानसभा के चुनाव में यहां की समस्या मुद्दा तो बनती है, लेकिन मतदान होने के बाद नेता वादे भूल जाते हैं।
बारा विकास खंड के गोपसहसा विद्युत उपकेंद्र से करीब 80 गांव व मजरों को बिजली दी जाती है। केद्र से जुड़े करीब दो दर्जन मजरे आज भी बिजली की रोशनी से अछूते हैं। कनैली ग्राम सभा के मजरा अठरहा, मवई, बरगदी. डांड़ी, ऐगवां ग्राम सभा के मजरा परभापर, धाना, बैजनाथ का पुरवा, चुन्नी का पूरा, नैनुआ सलेमपुर गांव के मजरा फैजुल्लापुर में आज तक लोग बिजली की रोशनी देखने के लिए तसर रहे हैं। इन मजरों में रहने वाले लोग बिजली विभागीय अफसरों से लेकर जन प्रतिनिधियों तक से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन हर जगह से सिर्फ आश्वासन ही मिलता है। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत के बाद उनकी कोई सुनने वाला नहीं है। गरीब हैं, सो ढिबरी की रोशनी में में रात काट लेते हैं। अब कोटे की दुकान से केरोसिन नहीं मिलने से समस्या बढ़ गई है।
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समारोह में दहाड़ता है जनरेटर
कनैली। इन मजरों में रहने वाले लोगों के यहां अगर कोई शुभ कार्य होता है तो उन्हें रात में रोशनी के लिए किराए पर जनरेटर लेना पड़ता है। शादी विवाह जैसे आयोजनों में काफी दिक्कत आती है। कई-कई दिन किराए पर जनरेटर लिया जाता है।
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चोरी का रहता है खतरा
कनैली। बिजली नहीं होने के कारण गांव के लोग शाम को खाना खाकर जल्दी सोने के लिए मजबूर हो जाते हैं। इसके चलते चोरी का खतरा भी बना रहता है। सर्दी के दिनों में मोहल्ले-मोहल्ले अलाव तापकर रखवाली करते हैं।

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इनका कहना है
यह बात सही कि कई मजरे विद्युतीकरण से अछूते रह गए हैं। इसकी रिपोर्ट विभागीय अफसरों को दी गई है। शासन की मंजूरी के बाद छूटे मजरों में भी विद्युतीकरण कराया जाएगा।-कपिल त्रिपाठी, अवर अभियंता, गोपसहसा
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