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विद्युतीकरण के बाद भी नहीं लग सका ट्रांसफार्मर
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Sat, 03 Sep 2016 11:58 PM IST
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विकास खंड कौशाम्बी के आंबा कुआं गांव में विद्युतीकरण तो हो गया पर ट्रांसफार्मर आज तक नहीं लग सका। गांव की आपूर्ति सौंदर्यीकरण के लिए लगवाए गए ट्रांसफार्मर से की जाती है। इसके अलावा एक चक्की को भी कनेक्शन दे दिया गया है। ओवर लोड होने के कारण ट्रांसफार्मर दस दिन भी नहीं चल पाता। इसे लेकर गांव के उपभोक्ता बिल तो भर रहे हैं पर आपूर्ति आए दिन बाधित रहती है। उधर विद्युतीकरण और चक्की कनेक्शन का ट्रांसफार्मर न मिलने से उपभोक्ता बगैर बिजली के जीने को मजबूर हैं।
ऐतिहासिक स्थली कौशाम्बी स्थित अशोक की लाट, सम्राट उदयन किला और बौद्ध बिहार का सौंदर्यीकरण कराने के लिए वर्ष 2009 में बिजली विभाग ने 25 केवीए का ट्रांसफार्मर लगवाया था। इससे ऐतिहासिक स्थल रोशन किया गया था। तीन साल पहले आंबा कुआं निवासी मैकू ने चक्की का कनेक्शन लिया। आरोप है कि विभाग ने चक्की का कनेक्शन और ट्रांसफार्मर देने के लिए धनराशि जमा करा लिया। इसके बाद चक्की का कनेक्शन सौंदर्यीकरण के ट्रांसफार्मर से जोड़ दिया गया। यहां तक तो ठीक था। साल भर पहले आंबा कुआं गांव का बिजली विभाग ने विद्युतीकरण कराया। गांव में पोल, तार गाड़कर जिम्मेदारों ने ट्रांसफार्मर नहीं लगाया। गांव की आपूर्ति को भी सौंदर्यीकरण के ट्रांसफार्मर से जोड़ दिया गया। ग्रामीणों की आपूर्ति जुड़ने के बाद 25 केवी का ट्रांसफार्मर ओवर लोड हो गया। इसके बाद से आपूर्ति आए दिन चरमराई रहती है। उपभोक्ताओं का बिल तो लग रहा है पर ट्रांसफार्मर के फुंकने से बिजली नहीं नसीब हो रही। इससे ग्रामीणों का बुरा हाल है।
दस दिन से अंधेरे में रहने को मजबूर ग्रामीण और पर्यटक
एक हजार की आबादी वाले आंबा कुआं गांव और उसके बगल स्थित बौद्ध बिहार में आने वाले पर्यटकों को दस दिन से अंधेरे में रात गुजारनी पड़ रही है। ओवर लोड के चलते सौंदर्यीकरण का ट्रांसफार्मर फुंकने से उत्पन्न हुई समस्या को दूर करने के लिए कोई भी जिम्मेदार आगे नहीं आ रहा। बौद्ध बिहार के भंते विशुद्धि थेरो का कहना है कि लाइट न होने की वजह से पर्यटकों को कठिनाई से गुजरना पड़ता है।
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मामले की जानकारी नहीं है। गांव का विद्युतीकरण हुआ है तो ट्रांसफार्मर भी लगना चाहिए। मामला क्या है इसकी जांच कराकर ग्रामीणों को ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराया जाएगा।
प्रभाकर पांडेय, एक्सईएन विद्युत
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ऐतिहासिक स्थली कौशाम्बी स्थित अशोक की लाट, सम्राट उदयन किला और बौद्ध बिहार का सौंदर्यीकरण कराने के लिए वर्ष 2009 में बिजली विभाग ने 25 केवीए का ट्रांसफार्मर लगवाया था। इससे ऐतिहासिक स्थल रोशन किया गया था। तीन साल पहले आंबा कुआं निवासी मैकू ने चक्की का कनेक्शन लिया। आरोप है कि विभाग ने चक्की का कनेक्शन और ट्रांसफार्मर देने के लिए धनराशि जमा करा लिया। इसके बाद चक्की का कनेक्शन सौंदर्यीकरण के ट्रांसफार्मर से जोड़ दिया गया। यहां तक तो ठीक था। साल भर पहले आंबा कुआं गांव का बिजली विभाग ने विद्युतीकरण कराया। गांव में पोल, तार गाड़कर जिम्मेदारों ने ट्रांसफार्मर नहीं लगाया। गांव की आपूर्ति को भी सौंदर्यीकरण के ट्रांसफार्मर से जोड़ दिया गया। ग्रामीणों की आपूर्ति जुड़ने के बाद 25 केवी का ट्रांसफार्मर ओवर लोड हो गया। इसके बाद से आपूर्ति आए दिन चरमराई रहती है। उपभोक्ताओं का बिल तो लग रहा है पर ट्रांसफार्मर के फुंकने से बिजली नहीं नसीब हो रही। इससे ग्रामीणों का बुरा हाल है।
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दस दिन से अंधेरे में रहने को मजबूर ग्रामीण और पर्यटक
एक हजार की आबादी वाले आंबा कुआं गांव और उसके बगल स्थित बौद्ध बिहार में आने वाले पर्यटकों को दस दिन से अंधेरे में रात गुजारनी पड़ रही है। ओवर लोड के चलते सौंदर्यीकरण का ट्रांसफार्मर फुंकने से उत्पन्न हुई समस्या को दूर करने के लिए कोई भी जिम्मेदार आगे नहीं आ रहा। बौद्ध बिहार के भंते विशुद्धि थेरो का कहना है कि लाइट न होने की वजह से पर्यटकों को कठिनाई से गुजरना पड़ता है।
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मामले की जानकारी नहीं है। गांव का विद्युतीकरण हुआ है तो ट्रांसफार्मर भी लगना चाहिए। मामला क्या है इसकी जांच कराकर ग्रामीणों को ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराया जाएगा।
प्रभाकर पांडेय, एक्सईएन विद्युत