मासूम की मौत का खुलासा : कलंक से बचने के लिए मां ने ही जिंदा बच्ची को मृत जानकर टैंक में था फेंका
पिपरी गांव में रविवार देर रात 50 दिन की मासूम बच्ची की मौत भूलवश उसकी मां के हाथों ही हुई। दूध पिलाने के दौरान दौरान सांस रुकने से डरी मां ने पहले बच्ची को कमरे में छिपाया और बाद में पहुंची पुलिस को देख फंसने के डर से उसे टैंक मे फेंक दिया।
विस्तार
कलंक से पिपरी गांव में रविवार देर रात 50 दिन की मासूम बच्ची की मौत भूलवश उसकी मां के हाथों ही हुई। दूध पिलाने के दौरान दौरान सांस रुकने से डरी मां ने पहले बच्ची को कमरे में छिपाया और बाद में पहुंची पुलिस को देख फंसने के डर से उसने मासूम को पानी की टंकी में फेंक दिया। बुधवार को पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए आरोपी मां को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ऑफिस में घटना का खुलासा करते हुए एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि रविवार देर रात सूचना मिली कि पिपरी में एक 50 दिन की बच्ची रहस्मय हालत में लापता हो गई। इस पर सीओ चायल श्यामकांत के नेतृत्व में तत्काल पिपरी कोतवाली पुलिस घटना स्थल पर पहुंची। छानबीन के दौरान बच्ची उसी मकान के छत में रखी पानी की टंकी में मिली। बच्ची को इलाज के लिए प्रयागराज के चिल्ड्रेन अस्पताल भेजा गया वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
15 साल पहले हुई थी शादी
छानबीन के दौरान बच्ची की मां कविता की भूमिका संदिग्ध मिली। पूछताछ में कविता टूट गई और उसने पूरी वारदात के बाबत बताया। कविता के मुताबिक उसकी शादी करीब 15 साल पहले तरनी गांव के अवनीश पाल के साथ हुई थी। शादी के बाद उसे संतान नहीं हो रही थी। साल भर पहले दिल्ली के अस्पताल में दंपती ने आईवीएफ कराया। 14 दिसंबर को उसने बच्ची को जन्म दिया। बच्ची प्री मेच्योर थी और उसे दूध पीने में दिक्कत थी। बच्ची सक्शन नहीं कर पाती थी। रविवार रात करीब एक बजे उसने बच्ची को दूध पिलाया तो वह (दूध) मासूम के गले में अटक गया।
गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज, जमानत पर रिहा
इस पर बच्ची बेहोश हो गई। उसने बच्ची को थपकी दी लेकिन होश नहीं आया। उसे डर लगा कि बच्ची की शायद मौत हो गई है। परिवार वालों के ताने व कलंक से बचने के लिए कविता ने घर के एक कमरे में बच्ची को छिपा दिया और मासूम के चोरी होने का शोर मचाया। घटना की जानकारी होने पर कविता के भाई वीरेंद्र ने पुलिस को खबर दी। पुलिस खोजबीन कर रही थी, तभी कविता को खुद के पकड़े जाने का खतरा महसूस हुआ। इससे डरी कविता ने बच्ची को पानी की टैंक में फेंक दिया। बच्ची को पुलिस जब इलाज के लिए ले गई तो चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इस मामले में पुलिस ने वीरेंद्र की तहरीर पर दर्ज गुमशुदगी के मामले को गैर इरादतन हत्या में तरमीम कर कविता को गिरफ्तार कर लिया। कविता को मुचलके पर जमानत दे दी गई है। एसपी ने घटना के सफल अनावरण में सीओ के नेतृत्व में गठित टीम को 20 हजार के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया है।